सपा में जो मचा है आप जानते हैं. अमर सिंह आज रामगोपाल यादव पर फट गए, दिवाली केठीक पहले. बोले मुझे कुछ हुआ तो उसका जिम्मेदार रामगोपाल यादव होंगे. क्योंकि वोखुलेआम मुझे धमका रहे हैं. वो चंबल से जुड़े और कलम से कार्बाइन तक असर रखते हैं.अमर सिंह ने ये भी कहा कि मेरा फोन टैप किया जा रहा है. मेरी रिक्वेस्ट है मेरेनिजी मामले पब्लिक में न लाएं. मैं उस खबर के पीछे भी नहीं था जिसमें ये औरंगजेब औरशहजादा वाली बात थी. मैंने रामगोपाल को कभी नपुंसक नहीं कहा. वो बाहुबली हैं,बुद्धिबली हैं. इसीलिए उनने कहा कि मैं अमर सिंह को पार्टी से बाहर निकालना संभवकर सका. मुलायम सिंह यादव ने कभी ये नहीं कहा कि अमर सिंह ने ज्युडिशियरी को मैनेजकिया. इस मुल्क में कोई ज्युडिशियरी को नहीं खरीद सकता. रामगोपाल अपने भाई को तोबख्श देते. अखिलेश के दलाल कहने पर कहा मैं इससे बहुत आहत हुआ हूं. मुझे बहुत दर्दहुआ कि उनने ऐसी लैंग्वेज यूज की. क्या वो इस बात से मना कर सकते हैं कि मैं उनकेसाथ ऑस्ट्रेलिया गया था. जब उनके परिवार में सब उनकी शादी के खिलाफ थे तब मैं उनकेसाथ था. अखिलेश मुझको अंकल कहते थे. उनने मेरी तारीफ़ बोनी कपूर से भी की थी .परेशान पिता के बारे में अमर सिंह ने कहा 'मुलायम मुझे अपना भाई मानते हैं, और अपनेभाषण में तीन बार कहा कि अमर सिंह मेरे भाई हैं. ऐसे में अखिलेश चाहे लाख गाली देदें, लाख कोस लें, पर अगर आज भी अखिलेश को मेरी जरूरत पड़ेगी, मैं साथ खड़ा रहूंगा,क्योंकि वो भले ही मुझे अंकल न कहें, पर वह मेरे भतीजे हैं.' लेकिन अमर सिंह ये भीकह गए कि मैं अखिलेश से पहले मुलायम सिंह के साथ हूं. याद रखें दो रोज़ पहले मुलायमअंकिल ने कहा था. हर बात में अमर सिंह कहां से घुसेड देते हो जी. समाजवादी पार्टीमें मचे दहकुच्च के बाद पहली बार दिल्ली आए हैं अमर सिंह. परेशान पिता मुलायम केबारे में ये भी बोले कि "मुलायम सिंह ने जो अंत मे कहा है. उसके बाद में मेरे बोलनेकी जरूरत नहीं है. उनके बोलने के बाद पूछने का और कहने का कोई मतलब नहीं रह जाताहै. मीडिया ने मुझे अपराधी की तरह पेश किया है. मीडिया मेरा पीछा कर रहा है मुझकोइस से ज्यादा कुछ बोलना नहीं है. पत्रकार मेरे पीछे ऐसे पड़े हैं जैसे मैंने क़त्ल याबलात्कार कर दिया हो. अमर सिंह ने परेशान पिता मुलायम सिंह यादव के बारे में ये भीकहा कि पार्टी के पिता और सीएम के पिता सेम हैं. जब सीएम बनाने की बात चली तोपार्टी ने अखिलेश का नाम दिया था. शिवपाल की जगह. शिवपाल को भी ये बात पता था. वोभी सहमत थे. इस फैसले में साथ थे. आशु मलिक के बारे में कहे मैं उससे कभी नहींमिला. जब वो पार्टी में आए मैं पार्टी में नहीं था.