मुंबई पुलिस ने बाबू जी के बेटे को पकड़ लिया. बाबू जी माने संस्कार की मूरत. आलोकनाथ. उनके बेटे शिवांगनाथ का शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप में काटा है. (Sorryचालान लिखना भूल गया था.) शिवांग अपनी एक फ्रेंड की बड्डे पार्टी से कुछ फ्रेंडोंके साथ घर लौट रहा था. खार थाने के सामने जब पुलिस ने कार रोकी. खार और कार क्यागजब का कॉम्बो है. तो पुलिस को देख उसने कार और तेजी से भगा दी. पुलिसवालों ने पीछाकिया. उसको सांताक्रूज से पकड़ लिया और थाने लेकर आए. इस दौरान उसके फ्रेंडों नेहंगामा भी किया. पुलिस ने शिवांग की कार को भी जब्त कर लिया है. अच्छा सुनो, दारुपीना गलत नहीं है. पर ऐसे पुलिस से झगड़ना गलत है. ऐसे कार चलाना गलत है. आप ऐसे कारचलाओगे और किसी को ठोंक दोगे. ये तो गलत है न. और ये बस मजाक की बात है. उनके पापाकी कोई गलती नहीं कि वो संस्कारी रोल करते हैं और उनका बेटा शराब पीकर कार चलानेमें पकड़ाता है. वैसे एक बात और कहें. ये कोई पहला मौक़ा नहीं है जब उनका बेटा शराबपीकर गाड़ी चलाने के चक्कर में मुसीबत में फंसा हो ;)