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'PM नरेंद्र मोदी चुनाव टालने पर विचार करें', ओमिक्रॉन संकट के बीच इलाहाबाद HC की अपील

हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग से भी ये अपील की है.

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23 दिसंबर 2021 (अपडेटेड: 23 दिसंबर 2021, 06:04 PM IST)
तस्वीर- पीटीआई
तस्वीर- पीटीआई
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देश में इस समय दो चीजों पर सबसे ज्यादा चर्चा है. एक है 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव, जिनमें यूपी का इलेक्शन नेशनल पॉलिटिक्स के लिहाज से सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है. और दूसरा मुद्दा है कोरोना वायरस का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन, जिसने राज्य और केंद्र सरकारों के साथ-साथ अदालतों की भी नींद उड़ा रखी है. इलाहाबाद हाई कोर्ट की पीएम नरेंद्र मोदी से की एक अपील इसकी मिसाल है. खबर है कि हाई कोर्ट ने पीएम मोदी और चुनाव आयोग से आगामी विधानसभा चुनाव टालने पर विचार करने की अपील की है. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं है. ऐसे में सभी राजनीतिक दल राज्य के अलग-अलग हिस्सों में चुनावी रैलियां और जनसभाएं कर रहे हैं. इन कार्यक्रमों में भारी संख्या में कार्यकर्ता और अन्य लोग शामिल हो रहे हैं. दूसरी तरफ देशभर में ओमिक्रॉन के मामले भी बढ़ रहे हैं. हालांकि उत्तर प्रदेश में इस वेरिएंट के अब तक केवल दो मामले सामने आए हैं. लेकिन चुनाव की सरगर्मी देखकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपनी चिंता जाहिर कर दी है.

क्या कहा हाई कोर्ट ने?

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक हाई कोर्ट के जस्टिस शेखर कुमार यादव गिरोहबंद कानून के तहत जेल में बंद एक आरोपी संजय यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे. बताया गया कि इस दौरान कोर्ट परिसर में काफी भीड़ मौजूद थी. जस्टिस शेखर कुमार ने देखा कि कोर्ट में मौजूद कई वकील और अन्य लोग सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने जैसे प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे थे. ऐसे में आरोपी की जमानत मंजूर करते हुए न्यायाधीश ने पीएम मोदी और चुनाव आयुक्त से अनुरोध किया कि फिलहाल के लिए चुनाव टाल दें. साथ ही कहा कि चुनाव प्रचार टीवी और अखबारों के माध्यम से होना चाहिए. इंडिया टुडे से जुड़े पंकज श्रीवास्तव और अनीषा माथुर की रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस शेखर कुमार यादव ने कहा,
उन्हें (पीएम मोदी और चुनाव आयुक्त) पार्टियों की चुनावी सभाओं और रैलियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए. प्रधानमंत्री चुनाव टालने पर भी विचार करें, क्योंकि जान है तो जहान है.
हाई कोर्ट ने ये भी कहा,
अदालत देश में (कोरोना) वैक्सीनेशन के लिए मुफ्त अभियान चलाने को लेकर प्रधानमंत्री के प्रयासों की प्रशंसा करती है. अब अदालत उनसे प्रार्थना करती है कि वे देश में महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सख्त कदम उठाएं.
कोर्ट ने कोरोना के नए मामलों पर सबका ध्यान खींचा. उसने अखबारों के हवाले से कहा,
बीते 24 घंटों में कोरोना के 6 हजार नए मामले मिले हैं. 318 लोगों की मौतें हुई हैं. ये हर दिन बढ़ता जा रहा है. इस महामारी को देखते हुए चीन, नीदरलैंड, आयरलैंड, जर्मनी, स्कॉर्टलैंड जैसे देशों ने पूर्ण या आंशिक लॉकडाउन लगा दिया है. ऐसी स्थिति से निपटने के लिए नियम बनाए जाने चाहिए.

क्या है देश में कोरोना की स्थिति?

देश के अलग-अलग हिस्सों में ओमिक्रॉन के कुल मामलों की संख्या 300 के पार जा चुकी है. मध्य प्रदेश सरकार ने तो इस वेरिएंट का कोई मामला दर्ज नहीं होने के बावजूद एहतियातन नाइट कर्फ्यू की घोषणा कर दी है. दूसरी तरफ केंद्र सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई है. अब तक देश में ओमिक्रॉन के कुल 323 मामलों की पुष्टि हो गई है. अलग-अलग प्रदेशों में ओमिक्रॉन के मामलों की संख्या इस प्रकार है- महाराष्ट्र- 65 दिल्ली- 57 तेलंगाना- 38 तमिलनाडु- 34 कर्नाटक- 31 केरल- 29 गुजरात- 30 राजस्थान 23 ओडिशा- 4 जम्मू-कश्मीर- 3 यूपी- 2 पश्चिम बंगाल- 2 आंध्र प्रदेश- 2

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