The Lallantop
Advertisement

करोड़ों रुपए कैश, नोएडा में फ्लैट... यूपी का ये तलाक पति को 'बहुत महंगा' पड़ा!

Allahabad high court ने एक तलाक को मंजूरी दी है. Noida का मामला है. कहा जा रहा कि ये तलाक पति को 'बहुत महंगा' पड़ा. आखिर क्या है मामला? पति को कितना पैसा पत्नी को देना पड़ रहा है?

Advertisement
Allahabad High Court divorce 3 crore rupees
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तलाक को मंजूरी दी है | प्रतीकात्मक फोटो: इंडियाटुडे
pic
आनंद राज
font-size
Small
Medium
Large
10 जुलाई 2024 (Updated: 10 जुलाई 2024, 17:00 IST)
Updated: 10 जुलाई 2024 17:00 IST
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

उत्तर प्रदेश में हुआ एक तलाक चर्चा का विषय बन गया है. इसकी अनुमति इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad high court) ने दी है. पति-पत्नी आपसी झगड़े के चलते काफी समय से अलग रह रहे थे. पति काफी समय से तलाक दिलवाने की अपील कर रहा था. आखिरकार मंगलवार, 09 जुलाई को हाईकोर्ट ने इनके तलाक को मंजूरी दे दी. अब कहा जा रहा है कि ये तलाक पति को बहुत 'महंगा' पड़ा है, क्योंकि उसे एक फ़्लैट और करोड़ों रुपये का भुगतान अपनी पत्नी को करना होगा.

आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के रहने वाले विपिन जायसवाल और मनीषा अग्रवाल की शादी 6 दिसंबर 1994 को हुई थी. शादी की रस्में फर्रुखाबाद में हुई थीं. दोनों की शादी से दो बच्चे हुए. साल 1999 में मनीषा के पिता की मौत हो गई, जिसके बाद वो अपनी मां के पास रहने लगीं. इसी दौरान विपिन जायसवाल ने नॉएडा में एक फ़्लैट खरीदा. ये फ़्लैट उन्होंने पत्नी मनीषा के नाम पर लिया. इस फ़्लैट में मनीषा अपनी मां और बच्चों के साथ रहने लगीं.

इसके बाद आया साल 2007. इस दौरान विपिन और मनीषा में झगड़ा होने लगा. एक दिन झगड़ा इतना ज्यादा बढ़ गया कि मनीषा ने विपिन को नोएडा वाले फ्लैट से बाहर निकाल दिया. दोनों ओर से केस दर्ज हुए और कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगने शुरू हो गए. घरेलू हिंसा के साथ ही तलाक का केस भी दायर हुआ.

विपिन मनीषा को कितना पैसा देंगे?

विपिन और मनीषा के तलाक का मामला पहले फैमिली कोर्ट में पहुंचा. फैमिली कोर्ट ने पत्नी के लम्बे समय से अलग रहने के आधार पर तलाक देने से इनकार कर दिया. इसके बाद विपिन जायसवाल ने इस आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी. हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान विपिन जायसवाल पत्नी मनीषा को तलाक के बदले मोटी रकम चुकाने को तैयार हो गए. उन्होंने कोर्ट से कहा कि वो मनीषा अग्रवाल को तीन करोड़ रुपये और नोएडा में एक फ्लैट देंगे.

ये भी पढ़ें:-तलाक के 12 साल बाद एक-दूसरे को देखा, ऐसा मन बदला कि फिर शादी कर ली

इसके बाद चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस विकास बुधवार की बेंच ने गौतम बुद्ध नगर के फैमिली कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया और तलाक को मंजूरी दे दी. हाई कोर्ट ने विपिन अग्रवाल से ये भी कहा है कि उन्हें मनीषा अग्रवाल को तीन करोड़ रुपए की रकम छह हफ्तों में देनी होगी.

वीडियो: पति के लिए करवाचौथ का व्रत नहीं रखा, तलाक केस में कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?

thumbnail

Advertisement

Advertisement