राजनाथ सिंह ने बताया, कौन होगा यूपी में बीजेपी का मुख्यमंत्री पद का अगला दावेदार
जानिए, राजनाथ सिंह ने योगी आदित्यनाथ के बारे में क्या कहा?
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राजनाथ सिंह ने योगी आदित्यनाथ के काम की भी तारीफ की है. अगले साल चुनाव से पहले चल रही कयासबाजी के बीच इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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राजनाथ सिंह देश के रक्षा मंत्री, भाजपा के वरिष्ठ नेता और लखनऊ से सांसद हैं. उन्होंने साफ़ कहा है कि यूपी में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ ही भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे. आजतक से बातचीत में राजनाथ सिंह ने ये भी कहा कि योगी आदित्यनाथ ने अपने अब तक के कार्यकाल में बहुत अच्छा काम किया है.
राजनाथ सिंह ने योगी आदित्यनाथ की तारीफ़ करते हुए कहा कि
योगी ख़ुद कोरोना संक्रमित होने के बावजूद आइसोलेशन में रहकर काम करते रहे, इसलिए उनके परिश्रम पर कोई भी सवालिया निशान नहीं लगाया जा सकता है. यूपी में मुख्यमंत्री पद का चेहरा वही होंगे.राजनाथ का ये बयान ऐसे समय आया है, जब सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ख़ुद एक तरह से योगी आदित्यनाथ की दावेदारी पर सवाल उठाए थे. आजतक से ही बातचीत में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि 2022 के चुनाव में पार्टी का चेहरा कौन होगा या पार्टी का नेतृत्त्व कौन करेगा, ये तय करने का काम केंद्रीय नेतृत्त्व का है. पत्रकार बताते हैं कि केशव प्रसाद मौर्य के इस बयान के बाद से यूपी के राजनीतिक गलियारों में ये चर्चा होने लगी कि भाजपा नेतृत्त्व में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. क्योंकि बीते कई दिनों में यूपी में बहुत कुछ हुआ. योगी आदित्यनाथ दिल्ली आकर अमित शाह और नरेंद्र मोदी से मिलते हैं. संगठन के नेता बीएल संतोष लखनऊ जाकर नेताओं से मिलते हैं. इसको लेकर यूपी में ‘कुछ बड़ा होने वाला है’ सरीखी क़यासी चर्चाएं ज़ोरों पर रहती हैं. इस बारे में टिप्पणी करते हुए इंडिया टुडे के लखनऊ संवाददाता आशीष मिश्र बताते हैं,
“देखिए ये बात तो लगभग पूरा यूपी जानता है कि केशव प्रसाद मौर्य और योगी आदित्यनाथ में पटरी नहीं खाती है. अनबन के क़िस्से मशहूर हैं. कहा जाता है कि केशव प्रसाद तो सीधे से योगी का नाम ही नहीं लेना चाहते हैं. उन्होंने जो बयान दिया है, हो सकता है कि उन बयानों के पीछे ऐसे ही कुछ कारण हों.”लेकिन राजनाथ सिंह ने योगी आदित्यनाथ पर भरोसा क्यों जताया है? वो भी तब जब यूपी में विधायकों और अधिकारियों की योगी से नाराज़गी के क़िस्से एकदम आम हैं? इस बारे में आशीष मिश्र कहते हैं,
“राजनाथ सिंह को विवाद नहीं चाहिए. वो ऐसा कोई बयान नहीं देना चाहेंगे, जो पार्टी के केंद्रीय स्टैंड से कुछ अलग जाता हो. हो सकता है इसी वजह से उन्होंने योगी को लेकर ये हालिया बयान दिया है. लेकिन चुनाव के 6-7 महीने पहले दिया बयान चुनाव के समय और बाद में कितना चरितार्थ होता है, इसकी संभावना पर ही सारा खेल टिका होता है.”और इस सबके बीच बीजेपी में भी कुछ न कुछ चल रह है. मोर्चों पर बहस जारी है. एक महीने के भीतर ही राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष दूसरी बार लखनऊ जा रहे हैं. 21 और 22 जून को. देखना ये है कि आगे क्या होता है.

