मुगल सराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलते ही ये कांड हो गया
एक तरफ स्टेशन का नाम बदला जा रहा था, दूसरी तरफ पैसेंजर्स ने बवाल मचा रखा था.
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फोटो - thelallantop
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ये तो पता चल ही गया होगा कि मुगल सराय रेलवे स्टेशन का नाम बदल गया है. अब उसका नाम है पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन. न यकीन हो तो ये चिट्ठी देख लो.

पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन
हां तो 'नए बने' पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन पर कांड हुआ है. 4 जून की रात ट्रेन नंबर 12502 पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के एसी डिब्बों में बमचक मच गई. वहां न किसी को बेड रोल मिला, न कंबल मिले. टॉयलेट भी गंदे पड़े थे. पैसेंजर्स ने उतरकर वहीं दीन दयाल जंक्शन पर ही माहौल काट दिया.
बाद में पता चला कि बिस्तर चादर वगैरह न तो जमीन खा गई थी न आसमान निगल गया था. दरअसल एसी कोच के लिए जो अटेंडेंट होते हैं न, अरे परिचारक. वो बीच में ही कहीं उतर गए. बाद में पता चला कि सैलरी न मिलने से नाराज थे. इसलिए उन्होंने सामान उतारकर वसूल लिया.
बताइये. नाम बदला जा रहा है, सिस्टम नहीं बदल रहा. किराया बढ़ रहा है, कर्मचारियों की सैलरी नहीं मिल रही. ट्रेनें लेट चल रही हैं, कोई सुन नहीं रहा. पैसेंजर्स को झेलना है सब.
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पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन
हां तो 'नए बने' पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन पर कांड हुआ है. 4 जून की रात ट्रेन नंबर 12502 पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के एसी डिब्बों में बमचक मच गई. वहां न किसी को बेड रोल मिला, न कंबल मिले. टॉयलेट भी गंदे पड़े थे. पैसेंजर्स ने उतरकर वहीं दीन दयाल जंक्शन पर ही माहौल काट दिया.
Passengers of Air-Conditioned coaches in 12502 Poorvottar Sampark Kranti Express were not provided bedrolls, blankets or bed sheets.The agitated passengers gathered at the Mughal Sarai Junction & said, 'we complained but no action was taken. Toilets are also dirty' (04.06.18) pic.twitter.com/cMSMOVWBf6
— ANI UP (@ANINewsUP) June 5, 2018
बाद में पता चला कि बिस्तर चादर वगैरह न तो जमीन खा गई थी न आसमान निगल गया था. दरअसल एसी कोच के लिए जो अटेंडेंट होते हैं न, अरे परिचारक. वो बीच में ही कहीं उतर गए. बाद में पता चला कि सैलरी न मिलने से नाराज थे. इसलिए उन्होंने सामान उतारकर वसूल लिया.
बताइये. नाम बदला जा रहा है, सिस्टम नहीं बदल रहा. किराया बढ़ रहा है, कर्मचारियों की सैलरी नहीं मिल रही. ट्रेनें लेट चल रही हैं, कोई सुन नहीं रहा. पैसेंजर्स को झेलना है सब.
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