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मुंबई में ओमिक्रॉन के 8 नए मरीज, फाइजर ने संभावित इलाज ढूंढने का दावा किया

भारत में ओमिक्रॉन वैरिएंट के मरीजों की संख्या 60 के पार चली गई है.

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14 दिसंबर 2021 (अपडेटेड: 14 दिसंबर 2021, 05:43 PM IST)
 2,250 व्यक्ति पर अध्ययन किया था
2,250 व्यक्ति पर अध्ययन किया था (तस्वीर: एपी)
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महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन के 8 और नए मरीज सामने आए हैं. इनमें से 7 मुंबई के हैं. एक केस की पुष्टि वसई विरार में हुई है. इसके साथ ही महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट के कुल 28 केस हो गए हैं. इनमें से 12 मुंबई के हैं. 10 केस पिंपरी चिंचवड में कन्फर्म हुए हैं. पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में 2 केसों की पुष्टि हुई है. वहीं कल्याण डोंबिवली, नागपुर, लातूर और वसई विरार में 1-1 मरीज सामने आया है. इससे पहले दिल्ली और राजस्थान में ओमिक्रॉन के नए मरीजों की पुष्टि हुई थी. दिल्ली में 4 तो राजस्थान में 8 केस दर्ज किए गए. अन्य राज्यों की बात करें तो कर्नाटक में 3, गुजरात में 4 और केरल, चंडीगढ़, आंध्र प्रदेश में एक-एक मामले सामने आ चुके हैं. मंगलवार 14 दिसंबर की देर रात तक देश में ओमिक्रॉन के कुल केसों की संख्या 60 के पार चली गई. ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए सरकार से लेकर संसद तक में चिंता है. खबर है कि बुधवार को राज्यसभा में इस मुद्दे पर एक छोटी चर्चा कराई जा सकती है.

ओमिक्रॉन के खिलाफ बड़ा ब्रेकथ्रू मिलने का दावा

देश-दुनिया में ओमिक्रॉन के मरीजों की संख्या बढ़ने के बीच अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर ने बड़ा दावा किया है. फाइजर ने कहा है कि उसकी एक्सपेरिमेंटल कोविड-19 पिल कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन ओमिक्रॉन के खिलाफ प्रभावी हो सकती है. कंपनी ने कहा है कि उसने नए वैरिएंट के खिलाफ गोली के असर को जानने के लिए अध्ययन किया था जिसमें 2250 लोग शामिल थे. अब कंपनी का कहना है कि इस अध्ययन में उसे सकारात्मक परिणाम मिले हैं.

हॉस्पिटलाइजेशन और डेथ का खतरा 'कम' हुआ

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक फाइजर ने कहा है कि उसके द्वारा निर्मित गोली के इस्तेमाल से कोविड-19 के वयस्क मरीजों में हॉस्पिटलाइजेशन और डेथ का खतरा 89 प्रतिशत तक कम हो गया. फाइजर के मुताबिक कोविड-19 के शुरुआती लक्षण दिखने पर ही ट्रीटमेंट देने के चलते ये सकारात्मक परिणाम मिले हैं. कंपनी ने बताया कि उसने ओमिक्रॉन में पाए जाने वाले एक मुख्य प्रोटीन के आर्टिफिशियल वर्जन से ये एंटीवायरल ड्रग तैयार किया है. ओमिक्रॉन इस प्रोटीन का इस्तेमाल अपनी संख्या बढ़ाने के लिए करता है. अब जबकि कंपनी ने इस घातक वैरिएंट के खिलाफ इस ड्रग के कारगर होने का दावा किया है, ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका की शीर्ष ड्रग अप्रूवल एजेंसी FDA जल्दी ही इस दवा को ऑथराइज कर सकती है. फाइजर ने कहा है कि वो जल्दी ही इस स्टडी के सभी परिणाम लेकर सामने आएगी. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक शुरुआती रिजल्ट मिलने के बाद फाइजर के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अल्बर्ट बौर्ला ने कहा,
ओमिक्रॉन जैसे उभरते हुए वायरस के नए रूपों ने सुलभ इलाज के विकल्पों की आवश्यकता को बढ़ा दिया है. हमें विश्वास है कि यह संभावित उपचार महामारी की रोकथाम में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण हो सकता है.
फाइजर के अलावा एक और अमेरिकी फार्मास्यूटिकल कंपनी मेर्क की दवा को भी कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए अप्रूव किया जा सकता है. कुछ हफ्ते पहले इस कंपनी ने दावा किया था कि उसकी बनाई गोली से कोरोना वायरस के वयस्क मरीजों में अस्पताल में भर्ती होने और मारे जाने के केस 30 प्रतिशत तक कम हो गए थे.

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