बैंगलोर में जो हुआ उसकी लानत-मलानत भी अभी खत्म नहीं हुई थी. इधर जयपुर से एक औरदहलाने वाली खबर आ रही है. अलवर से जयपुर आई एक 19 साल की लड़की के साथ गैंगरेप हुआहै. लड़की से ऑटो वाले और तीन लड़कों ने सारी रात रेप किया. उसके बाद एमएनआईटी जयपुरके बाहर फेंककर चले गए. ये लड़की जगतपुरा में अपने भाई के साथ रहती थी. बेसिकली यूपीके मैनपुरी की है. सोमवार, 9 जनवरी को लड़की अलवर से जयपुर आई थी. दैनिक भास्कर कीखबर के मुताबिक़ शाम सात बजे स्टेशन से एक ऑटो में बैठी. उस ऑटो में पहले से तीनलड़के बैठे थे. लड़की ने बताया ऑटोवाला पहले उसे शहर में घंटों घुमाता रहा अंत मेंरात 11 बजे के आस-पास एक खाली प्लाट में ले गया, जहां उसके ऑटो वाले और तीनों लड़कोंने गैंगरेप किया. इसका वीडियो भी बनाया और सुबह उसे बिना कपड़ों के फेंक गए. सुबह छहबजे उसे एमएनआईटी के बाहर फेंका गया था. वहां के लोगों की मदद से उसने पुलिस सेकॉन्टैक्ट किया. इस खबर के पता चलते ही जयपुर में गुस्से का माहौल बन गया. लोगोंमें जितना गुस्सा था उतना ही डर भी. पुलिस ने आधे से ज्यादा शहर में नाकाबंदी करवादी. पुलिस ने तमाम ऑटो स्टैंड और रेलवे स्टेशन खंगाल डाले. जिस ऑटो की बात उस लड़कीने की वो सीएनजी वाला था, उस बात को आधार बनाकर पुलिस शहर भर में चल रहे 2200सीएनजी ऑटो वालों का रिकॉर्ड चेक कर रही है. पहले पुलिस ने दो टीमें भी बनाई जो शहरके बाहरी इलाके और कच्ची बस्तियों में सर्च ऑपरेशन चला रही थी. पुलिस की कुल छहटीमें सिंधी कैंप से जगतपुरा तक उस ऑटो को तलाश रहीं रहीं. उस रूट जहां से ऑटो काजाना बताया जाता है. उस रूट के सरकारी और प्राइवेट सीसीटीवी की फुटेज भी निकाली जारही है. उस रेलवे स्टेशन भी पुलिस भेजी गई है, जहां से लड़की ने ट्रेन पकड़ी थी. इसकेअलावा लगभग 8000 मोबाइल फोन भी पुलिस ने ट्रेस पर डाल रखे हैं. लड़की की मेडिकलरिपोर्ट भी आई, जिसमें गैंगरेप की बात सामने आई है. पुलिस इस एंगल से भी जांच कररही है कि लड़की की बातें संदिग्ध हो सकती हैं, अभी तक ऐसा कोई भी क्लू नहीं मिलाहै. जिससे उसकी बात सच साबित हो. साथ ही भारी तलाश के बाद भी वो प्लाट नहीं मिलपाया है जहां की ये घटना बताई जा रही है. पर गैंगरेप की खबर आने के बाद लोगों मेंगुस्सा भरा है. रामकुमार सिंह मुंबई में रहते हैं. जयपुर से जुड़े हैं, इस घटना केबारे में उन्होंने फेसबुक पर जो लिखा पढ़ा जाना चाहिए. यह देश कुंठित पुरुषों का है.बंगलोर की घटना के बाद जयपुर में जो हुआ, वह डरावना और शर्मनाक है. जयपुर में ऑटोमें बैठी लड़की के साथ रेप की यह पहली घटना नहीं है. लेडी टूरिस्ट्स के साथ अक्सरबदतमीजी और बलात्कार की खबरें पहले भी आती रही हैं. असल में जयपुर के ऑटो चालकों कीअपनी एक सत्ता है, जिसके सामने सरकार, परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस एकदम पंगुहैं. मीटर से आज तक ऑटो नहीं चल पाये. कोई नियम नहीं है. आप किसी भी ऑटो चालक सेबात करेंगे तो भाड़ा ऐसे बतायेगा जैसे ऑटो जेट फ्यूल से चल रहा है. जब क़ानून का उसेडर ही नहीं है तो वह अपराध करने से क्यों डरेगा? एयरपोर्ट के बाहर वे जीपीएस सेप्री बुकिंग से चलने वालों ड्राइवर्स के साथ वे मारपीट करते हैं. और पुलिस कुछ नहींकरती. मैडम वसुंधरा जी, आप क्या कुछ सख्त कदम उठाएंगी. टेक्नोलॉजी का लाभ क्या है.क्या जयपुर में हर ऑटो में जीपीएस डिवाइस अनिवार्य नहीं की जा सकती?