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सावधान! लल्लनटॉप के नाम पर नौकरी देने वाले ठग आ गए हैं मार्केट में

दी लल्लनटॉप में नौकरी पाने का एक ही तरीका है, वो क्या है, यहां पढ़ लीजिए.

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गुजरात में दी लल्लनटॉप में नौकरी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है.
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लल्लनटॉप
1 जुलाई 2020 (Updated: 1 जुलाई 2020, 12:26 PM IST)
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'दी लल्लनटॉप' में नौकरी के नाम पर पैसों की ठगी का मामला सामने आया है. गुजरात के सौराष्ट्र से. ठगी करने वाले शख़्स का नाम विश्वास शुक्ला है. वो ख़ुद को लल्लनटॉप का पत्रकार बताता फिरता है. और पत्रकारिता में करियर की चाह रखने वाले युवाओं से वादा करता है कि उनकी नौकरी लल्लनटॉप में लगवा देगा. राजकोट में रहने वाले भूमित जानी इस ठगी के शिकार हो गए. भूमित राजकोट में पत्रकारिता करते हैं. कुछ महीने पहले विश्वास शुक्ला से उनकी दोस्ती फ़ेसबुक के जरिए हुई. दोनों एक-दूसरे से बात करने लगे. एक-दो बार विश्वास राजकोट आया, तो भूमित वहां भी उससे मिले. एक दिन भूमित ने लल्लनटॉप में वैकेंसी के बारे में पूछा. विश्वास शुक्ला ने कहा, 'शाम तक बताता हूं.' उसी शाम भूमित को एक मैसेज आया. वॉट्सऐप पर एक ऑफर लेटर आया था. इसमें 'दी लल्लनटॉप' का लोगो और हमारे एडिटर सौरभ द्विवेदी का फर्जी सिग्नेचर भी था. इस लेटर में बतौर सब एडिटर जॉइनिंग का दावा किया गया था. इस लेटर में लिखा था कि जॉइनिंग 'दी लल्लनटॉप' के नोएडा ऑफिस में 2 जुलाई, 2020 को होगी Fake Hiring The Lallantop विश्वास ने कहा कि जॉइनिंग लेटर मिलने पर गैज़ेट और माइक के लिए 7600 रुपये बतौर सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होगा. बदले में एक फ़ोन और माइक दिए जाने की बात हुई थी. जॉइनिंग लेटर भी भूमित को वॉट्सऐप पर ही मिला. विश्वास ने 7600 रुपये गूगल पे पर ट्रांसफर करने के लिए कहा. भूमित ने वैसा ही किया. पैसे ट्रांसफ़र होने के बाद विश्वास ने फ़ोन उठाना बंद कर दिया. फिर एक दिन विश्वास ने कॉल उठाया. उसने कहा कि फ्लाइट और होटल का टिकट ज़ल्दी ही मिल जाएगा. विश्वास ने ये भी कहा कि 3-4 और लोग जॉइनिंग के लिए राजकोट से निकलेंगे. इसलिए वो एक ग्रुप क्रिएट कर रहा है, ताकि सब लोग आपस में घुल-मिल लें. इसके बाद विश्वास शुक्ला ने फिर से टालना शुरू कर दिया. फिर भूमित ने हमारे ऑफ़िस में इसकी जानकारी के लिए कॉल किया, तब उन्हें ठगी का पता चला. उन्होंने विश्वास को कॉल करके पैसे लौटाने को कहा. विश्वास ने एक बार फिर से झांसा देने की कोशिश की. उसने कहा कि वो राजकोट आकर माइक और मोबाइल देगा. लेकिन विश्वास राजकोट नहीं आया. तब भूमित ने उसे FIR की धमकी दी. तब जाकर विश्वास ने पूरे रुपये लौटाए. आपको बता दें कि विश्वास शुक्ला नाम का कोई भी व्यक्ति 'दी लल्लनटॉप' में काम नहीं करता है.नोट- 'दी लल्लनटॉप' में जॉब की प्रक्रिया सरल और स्पष्ट है. वैकेंसी की जानकारी हम अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते हैं. जिनका सीवी सलेक्ट होता है, उन्हें टेस्ट के लिए बुलाया जाता है. टेस्ट पास करने वाले कैंडिडेट का इंटरव्यू 'दी लल्लनटॉप' के सरपंच सौरभ द्विवेदी खुद लेते हैं. इस पड़ाव को पार करने वालों की जॉइनिंग का तामझाम हमारी HR टीम देखती है. और दस्तावेज़ों का आदान-प्रदान कंपनी के आधिकारिक ईमेल से ही होता है. यही प्रोसेस है. इस पूरी प्रक्रिया में एक रुपया भी देने की ज़रूरत नहीं होती. अगर कोई व्यक्ति आपको इसके इतर रास्ता बता रहा है, तो वो एक फ़्रॉड है. इससे सावधान रहें.

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