ज्योतिबा फुले मरते हुए भी जातिवाद का भांडा फोड़ गए!
महात्मा फुले ने अपना जीवन महिलाओं, वंचितों और शोषित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया था.
Advertisement

11 मई 1888 को ज्योतिबा फुले को “महात्मा“ की उपाधि मिली थी (तस्वीर: Wikimedia Commons)
Story Summary
वीडियो देखें- 27 सालों में नहीं सुलझा Ak-47 की बारिश का रहस्य

