कहानी कोलकाता की खूनी काल कोठरी की
साल 1756 में नवाब सिराजुद्दौला ने 146 अंग्रेज़ों को कोलकाता की एक छोटी सी काल कोठरी में ठूंस दिया था. इन अंग्रेज़ों की दम घुटने से हुई मौत ने रॉबर्ट क्लाइव को बदला लेने के लिए उतारु किया
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"वो साल की शायद सबसे गर्म और उमस भरी रात थी. ये सारे कैदी 21 जून की सुबह 6 बजे तक बिना खाना, पानी और हवा के उस कोठरी में बंद रहे.'
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