वो केस जिसने फांसी की सजा पर ही सवाल खड़े कर दिए थे
साल 2004 में धनंजय चटर्जी को 14 साल पुराने रेप के केस में फांसी हुई. 21 वीं सदी में भारत में फांसी का ये पहला मामला था. इस केस में बाद में कुछ ऐसे पहलू भी सामने आए जिससे फांसी की सजा को लेकर नए सिरे से बहस खड़ी हुई.
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धनंजय चटर्जी केस में सवाल उठा कि क्या इस केस में संदेह की कोई गुंजाइश नहीं थी. धनंजय के परिवार ने उसका शव लेने से भी इंकार कर दिया (तस्वीर: द टेलीग्राफ)
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