बीफ से अपना नाम पाने वाला वो लेजेंडरी प्लेयर जो एक दिन अपने शौक के चलते बेटी समेत मारा गया
ब्लैक मांबा के नाम से मशहूर थे कोबी ब्रायंट.
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साल 2016 की 28 मार्च को खेले गए एक NBA Match के दौरान दर्शकों का अभिवादन स्वीकारते Kobe Bryant (AP फोटो)
ब्लैक मांबा. दुनिया का सबसे तेज़ और खतरनाक सांप. मांबा से ज्यादा लंबा और खतरनाक सांप सिर्फ किंग कोबरा होता है. हम ब्लैक मांबा की बात क्यों कर रहे हैं? क्योंकि सब-सहारन अफ्रीका में मिलने वाले इस सांप की एक और पहचान है. अमेरिकी बास्केटबॉल लीग जिसे नेशनल बास्केटबॉल असोसिएशन (NBA) कहते हैं, वहां एक प्लेयर हुआ करता था. कोबी बीन ब्रायंट नाम के इस प्लेयर को लोग ब्लैक मांबा बुलाते थे. कहीं आने-जाने के लिए ज्यादातर हेलिकॉप्टर का प्रयोग करने वाला यह पूर्व बास्केटबॉल प्लेयर एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में ही मारा गया.इसी 26 जनवरी, भारतीय समयानुसार 27 जनवरी की अलसुबह कोबी ने अपनी बेटी और कई अन्य लोगों के साथ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरी. कोबी अपनी स्पोर्ट्स अकैडमी मांबा जा रहे थे. वहां उनकी बेटी को बास्केटबॉल मैच खेलना था और कोबी उनकी टीम के कोच थे. रिपोर्ट्स हैं कि हेलिकॉप्टर में कोबी, उनकी बेटी जियाना के साथ पायलट समेत सात और लोग भी थे. उड़ान भरने के थोड़ी ही देर बाद हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया और इसमें सवार सारे लोग मारे गए. कहा जा रहा है कि इस दुर्घटना में मरे लोगों की बॉडीज निकालने में कुछ दिन लगेंगे.
इस दुनिया में जो आता है उसे जाना ही होता है. कई ऐसे लोग होते हैं जो दुनिया से जाने के बाद भी सालों, दशकों, सदियों तक याद किए जाते हैं. कोबी इन्हीं लोगों में से एक हैं. कोबी कौन थे? सीधे शब्दों में कहें तो कोबी एक बास्केटबॉल प्लेयर थे. ऐसे प्लेयर जिन्होंने अपने खेल को ऐसे साधा था कि लोग हर बार, उनकी हर मूव पर आश्चर्यचकित रह जाते थे. इस आर्टिकल में हम कोबी से जुड़े कुछ सुने-अनसुने किस्सों की बात करेंगे.The New York Knicks and Madison Square Garden pay tribute to Kobe Bryant and his daughter, Gianna. pic.twitter.com/KmNlTlDQXT
— NBA (@NBA) January 27, 2020
# बीफ और निकनेम
कोबी. किसी जापानी से पूछेंगे तो आपको पता चलेगा कि कोबी (Kobe) जापान का छठा सबसे बड़ा शहर है. यह शहर उसी मेट्रोपोलिटन एरिया में आता है, जिसमें क्योटो और ओसाका जैसे शहर आते हैं. सदियों पुराने इस शहर का नाम Kamube (बाद में Kanbe) से निकला है. इस शब्द का अर्थ होता है, वह लोग जिन्होंने श्राइन का समर्थन किया. श्राइन शब्द का अर्थ होता है मंदिर या तीर्थस्थान. और इस शहर के इतिहास का सीधा संबंध इकुटा श्राइन से है. इकुटा श्राइन जुड़ा है शिंतो धर्म से. कहा जाता है कि इकुटा जापान की सबसे पुरानी श्राइन है.
जापानी शहर के मशहूर बीफ पर पड़ा था Kobe Bryant का नाम.
तो इस कोबी शहर का हमारे कोबी से क्या संबंध है? संबंध यह है कि कोबी का नाम इसी शहर के मशहूर बीफ पर रखा गया था. यह शहर अपने 'कोबी बीफ' के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. कोबी के माता-पिता ने एक रेस्टोरेंट के मेन्यू में कोबी बीफ देखा था. और बस इसी पर अपने बेटे को नाम दिया- कोबी. कोबी का पूरा कोबी बीन ब्रायंट था. कोबी के दूसरे नाम यानी बीन से भी एक किस्सा जुड़ा है. दरअसल कोबी के पापा 'जो' जब खेलते थे, तो उन्हें प्यार से जेलीबीन बुलाया जाता था. जो ने बाद में अपने इकलौते बेटे का नाम अपने एक निकनेम और पसंदीदा बीफ के नाम को मिलाकर - कोबी बीन ब्रायंट रखा.
# हाईस्कूल से सीधा NBA
हाईस्कूल. स्कूली जीवन का शायद सबसे रोमैंटिक साल. जहां दोस्त बनते हैं, क्लासेज बंक की जाती हैं और पढ़ाई छोड़ बाकी सब किया जाता है. हाईस्कूल में कुछ लोग पढ़ाई भी करते हैं, बहुत मेहनत से करते हैं. लेकिन कोबी उनमें से नहीं थे.कोबी के पापा जोसेफ वॉशिंगटन ब्रायंट, जिन्हें जो ब्रायंट बुलाया जाता था, एक दिग्गज बास्केटबॉल प्लेयर थे. NBA में कई साल खेले. कोबी के मामा जॉन आर्थर कॉक्स भी प्रोफेशनल बास्केटबॉल प्लेयर थे. जब कोबी छह साल के थे तब उनके पापा NBA से रिटायर होकर इटली चले गए. वहां काफी सालों तक उन्होंने बास्केटबॉल खेली. सिर्फ तीन साल की उम्र से बास्केटबॉल खेलना शुरू करने वाले कोबी की पसंदीदा टीम लॉस एंजेलिस लेकर्स थी.
कोबी अपने परिवार के साथ इटली में रहते थे. इधर अमेरिका में रहने वाले उनके दादा उन्हें सीखने के लिए NBA के वीडियोज भेजते थे. इटली में रहने के दौरान कोबी ने फुटबॉल खेलना भी सीखा. कोबी हर साल गर्मियों में अमेरिका आते. यहां वह बास्केटबॉल समर लीग में खेलते थे. कोबी पहली बार तब चर्चा में आए जब उन्होंने फिलाडेल्फिया के लोवर मेरियन हाई स्कूल के लिए खेलते हुए कमाल करना शुरू किया.

LA Lakers के लिए स्कोर करते Kobe (AP फोटो)
कोबी ने 1992 से 1996 तक इस स्कूल की बास्केटबॉल टीम के लिए खेला. यहां खेलते हुए कॉलेज टीम्स ने उनमें इंट्रेस्ट दिखाया. कोबी का इंट्रेस्ट ड्यूक यूनिवर्सिटी, मिशिगन यूनिवर्सिटी, नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी और विलानोवा यूनिवर्सिटी की टीम्स से जुड़ने में था. लेकिन तभी 1995 के NBA ड्रॉफ्ट में केविन गार्नेट नाम के प्लेयर का सेलेक्शन हो गया. गार्नेट पिछले 20 साल में हाईस्कूल से सीधे NBA जाने वाले पहले प्लेयर थे.
इसे देखकर कोबी ने मूड बदला और सीधे दिग्गजों की लीग NBA में हाथ आजमाने का इरादा बना लिया. अपना हाईस्कूल करियर खत्म करते-करते कोबी अपने इलाके के इतिहास में सबसे ज्यादा पॉइंट बनाने वाले प्लेयर बन चुके थे. कोबी के स्कूल में आज भी उनकी 33 नंबर जर्सी सुरक्षित रखी हुई है. कोबी के बाद इस स्कूल में किसी ने 33 नंबर की जर्सी नहीं पहनी. इस जर्सी के नीचे एक बैनर रखा है जिस पर लिखा है
कोबी ब्रायंट '33' 1992-1996 2,883 करियर पॉइंट्स PA स्टेट चैंपियनशिप 1996 मैक्डॉनल्ड्स ऑल अमेरिकन नाइस्मिथ प्लेयर ऑफ द ईयर गैटोरेड प्लेयर ऑफ द ईयर
यह सारे अवॉर्ड कोबी ने इस स्कूल के लिए खेलते हुए जीते थे.

Kobe Bryant के School में टंगी उनकी Jersey और साथ में लिखी उनकी उपलब्धियां (विकी)
साल 1996 के NBA ड्रॉफ्ट में कोबी अपने बचपन की पसंदीदा टीम LA लेकर्स से जुड़ गए. उनके लेकर्स से जुड़ने की कहानी भी काफी दिलचस्प है. कोबी हाईस्कूल टीम से निकलकर NBA से जुड़ने वाले पहले गार्ड थे. गार्ड बास्केटबॉल की पांच पोजिशंस में से एक होती है. बास्केटबॉल में दो गार्ड होते हैं- शूटिंग गार्ड और पॉइंट गार्ड.
# लेकर्स से प्यार
कोबी ने बचपन से लेकर अपने आखिरी दिन तक सिर्फ एक टीम से प्यार किया- LA लेकर्स. जब वह छोटे थे तब उन्हें दुनिया में सिर्फ दो टीमों से प्यार था- बास्केटबॉल में LA लेकर्स और फुटबॉल में इटली की AC मिलान. साल 1996 में सिर्फ 17 साल की उम्र में कोबी लेकर्स से जुड़े थे. तब उनके माता-पिता ने 35 लाख अमेरिकी डॉलर में तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था. कोबी नाबालिग थे इसलिए उनकी जगह उनके माता-पिता ने यह कॉन्ट्रैक्ट स्वीकार किया था.
Shaquille o'neal (34 नंबर की जर्सी) और बाकी साथी प्लेयर्स के साथ Kobe Bryant (8 नंबर की जर्सी)
कोबी अगले 20 साल तक लेकर्स के लिए खेले. इन 20 सालों के दौरान उन्होंने हर साल कमाल किया. नए-नए रिकॉर्ड बनाए. चैंपियनशिप्स जीतीं और कई बार लीग के बेस्ट प्लेयर्स में शामिल रहे. साल 1996 के ड्रॉफ्ट से पहले उन्होंने लेकर्स के लिए ट्रायल्स दिए थे. इन ट्रायल्स में उनका प्रदर्शन देखने के लिए उस वक्त लेकर्स के जनरल मैनेजर रहे जेरी वेस्ट भी मौजूद थे. ट्रायल्स शुरू हुए और वेस्ट तय समय से पहले ही उठ गए. वेस्ट ने कहा कि उन्होंने बहुत देख लिया. वहां से निकलते हुए वेस्ट ने कहा था,
'यह लड़का हमारी अभी की पूरी टीम से बेहतर है.'कोबी ने शकील ओ'नील के साथ गज़ब की पार्टनरशिप की थी. इन दोनों ने मिलकर लेकर्स को 2000, 2001 और 2002 में लगातार तीन चैंपियनशिप्स जिताई थी. कोबी ने बाद में लेकर्स के साथ 2009 और 2010 में भी NBA चैंपियनशिप जीती थी.
# ऑस्कर विनिंग रिटायरमेंट
द प्लेयर्स ट्रिब्यून नाम का एक पब्लिकेशन है. यहां प्लेयर्स अपनी कहानियां खुद लिखते हैं. साल 2015 में कोबी ने यहां एक लेख लिखा. साल 2015 की 30 नवंबर को लिखा गया यह लेख एक कविता थी. डियर बास्केटबॉल नाम की इस कविता में कोबी ने अपनी रिटायरमेंट का खुलासा किया था.अगले साल कोबी रिटायर हो गए. रिटायरमेंट के बाद उन्होंने 2017 में अपनी कविता को एक शॉर्टफिल्म में ढाला. इस एनिमेटेड शॉर्टफिल्म का डायरेक्शन और एनिमेशन ग्लेन कीन ने किया था. इस फिल्म ने साल 2018 में हुए 90वें अकैडमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर अवॉर्ड्स) में बेस्ट एनिमेटेड शॉर्टफिल्म का ऑस्कर जीता. यह इतिहास में पहली बार था जब किसी प्रोफेशनल एथलीट ने ऑस्कर जीता हो. इतना ही नहीं यह सालों से डिज्नी के लिए एनिमेशन कर रहे कीन का भी पहला ऑस्कर था.
कोबी Dunk के मास्टर थे. डंक का सीधा अर्थ डुबाना होता है. बास्केटबॉल की बात करें तो डंक एक ऐसा शॉट है जिसमें प्लेयर बॉल के साथ हवा में उछलता है. बास्केट के ऊपर लगी रिम से ऊपर जाकर बॉल को कंट्रोल करता है और फिर बॉल को एक या दोनों हाथों के जरिए सीधे बास्केट में डालकर स्कोर करता है.
20 साल तक लेकर्स के लिए एक से बढ़कर एक बेहतरीन डंक करने वाले कोबी अपने फैंस को अपनी यादों में हमेशा के लिए डुबाकर चले गए.
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