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पूनम पांडे ने सर्विकल कैंसर से मौत की झूठी ख़बर फैलाई थी! ये होता क्या है?

Poonam Pandey ने खुद सोशल मीडिया पर आकर बता दिया कि उनकी Cervical Cancer से मरने की ख़बर सही नहीं थी. Bollywood अभिनेत्री ने सर्विकल कैंसर के प्रति जागरूकता के नाम पर अपनी मौत की अफवाह फैलाई थी. भारत में महिलाओं को होने वाले कैंसर में सर्विकल कैंसर सबसे आम है. बावजूद इसके इस शब्द 'सर्विकल' से बहुत कम लोग परिचित हैं.

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poonam pandey Cervical Cancer
सांकेतिक फोटो
2 फ़रवरी 2024 (Updated: 3 फ़रवरी 2024, 15:45 IST)
Updated: 3 फ़रवरी 2024 15:45 IST
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बॉलीवुड अभिनेत्री पूनम पांडे (Poonam Pandey) की सर्विकल कैंसर (Cervical Cancer) से मौत की ख़बर ग़लत निकली. उनके मैनेजर ने शुक्रवार 2 फरवरी को इंडिया टुडे समेत तमाम मीडिया ग्रुप को भेजे गए मैसेज में इस बात की पुष्टि की थी. और बताया था कि पूनम काफी अरसे से इस खतरनाक बीमारी से जूझ रही थीं. मगर शनिवार 3 फरवरी को पूनम ने खुद सोशल मीडिया के जरिए बता दिया कि उन्होंने अपने मरने की खबर सर्विकल कैंसर के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए उड़ाई थी. पूनम की इस हरकत को लोग पब्लिसिटी स्टंट (Publicity Stunt) बताकर उन्हें ट्रोल कर रहे हैं. मगर इन सबके बीच सर्विकल कैंसर का खतरा अपनी जगह बना हुआ है. जो कि भारतीय महिलाओं में पाया जाने वाला सबसे आम कैंसर है. मगर इसके प्रति जागरूकता की कमी के चलते वक्त रहते इसका पता नहीं चल पाता और नतीजा इलाज करना बेहद मुश्किल हो जाता है. 

सर्विकल कैंसर को भारत में आम तौर पर लोग सर्वाइकल कैंसर के नाम बोलते हैं. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की 2021 में आई रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सर्विकल कैंसर ने मृत्युदर का प्रतिशत 11 से 13 फीसदी के बीच है. जिसे मेडिकल साइंस में बड़ा रेशियो माना जाता है. 2019 में सर्विकल कैंसर के चलते भारत में 45000 महिलाओं की मौत हुई. 2020 में ये संख्या बढ़कर 77000 हो गई. भारत में सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज़ (sexually transmitted disease) को लेकर संकोच की भावना के चलते ये बीमारी ज्यादा घातक रूप ले लेती है.

What is Cervical Cancer? 
जब शरीर में विकृत या खराब सेल्स असामान्य रूप से बढ़ने लगते हैं तो उसे कैंसर कहा जाता है. शरीर के जिस हिस्से में कैंसर सबसे पहले डिटेक्ट होता है, उसी के नाम से कैंसर को जाना जाता है. सर्विकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा (uterine cervix) में होने वाला कैंसर है. आम बोलचाल की भाषा में इसे बच्चेदानी के मुंह का कैंसर भी कहा जाता है. ये गर्भाशय यानि यूट्रस (Uterus) के निचले हिस्से का घातक ट्यूमर है. जो यूट्रस के निचले भाग से शुरू होता है और वजाइना (vagina) के ऊपरी हिस्से तक पहुंचता है.

क्यों होता है सर्विकल कैंसर?
सर्विकल कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (human papilloma virus) यानि HPV के संक्रमण की वजह से होता है. आम भाषा में ये एक sexually transmitted Virus है. कैंसर विशेषज्ञों के मुताबिक किसी महिला के HPV संक्रमित होने के 10 से 12 साल तक उसके सर्विकल कैंसर की चपेट में आने का खतरा बना रहता है. एक STD होने की वजह से असुरक्षित यौन संबंध रखने वाली महिलाओं में सर्विकल कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है. तीन से ज्यादा बच्चों को जन्म दे चुकी महिलाओं और गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने वाली महिलाओं में इस कैंसर का खतरा ज्यादा होता है.

ये भी पढ़ें- (पूनम पांडे की सर्विकल कैंसर से मौत की ख़बर है, मैनेजर ने बताया-कहां होगा अंतिम संस्कार)

सर्विकल कैंसर के लक्षण
शुरुआती दौर में सर्विकल कैंसर के कोई लक्षण नहीं होते, लेकिन समय के साथ साथ गंभीर लक्षण नजर आने लगते हैं. पैरों में सूजन, शारीरिक संबंध बनाने के दौरान दर्द, अनियमित पीरियड्स, ज्यादा रक्तस्राव और यूरीन पास करने में परेशानी जैसे लक्षण आम हैं. मगर ये सभी लक्षण दूसरी वजहों से भी हो सकते हैं. लिहाजा डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है.

सर्विकल कैंसर का इलाज
जैसा कि हमने ऊपर बताया है कि ये भारत में आम तौर पर पाया जाने वाला कैंसर है. मगर वक्त रहते पता चल जाने पर इसका इलाज किया जा सकता है. सही इलाज के बाद सर्विकल कैंसर ठीक होने की दर 90 फीसदी से ज्यादा तक हो सकती है. सर्विकल कैंसर का इलाज कई तरीकों से किया जाता है, जिनमें प्रमुख हैं-

सर्जरी- अगर कैंसर गर्भशय में ज्यादा नहीं फैला तो ऑपरेशन करके प्रभावित हिस्से को निकाल दिया जाता है. ताकि कैंसर को फैलने से पहले की हटा दिया जाए.

रेडिएशन थेरेपी- इस थेरेपी में हाई एनर्जी एक्स रे बीम का इस्तेमाल करके कैंसर कोशिकाओं को हटाया जाता है.

कीमोथेरेपी- अलग अलग ग्रुप की दवाओं को ड्रिप के जरिए कोशिकाओं में डाला जाता है. कैंसर के स्टेज और मरीज की हालत को देखते हुए कीमो कई सेट में दिया जाता है. दो कीमो सेट के बीच में 15 दिन का अंतर होता है ताकि कीमो की दवाओं को असर दिखाने और शरीर को साइड इफेक्ट से उबरने का वक्त मिल सके.

कीमो रेडिएशन थेरेपी- जैसा कि नाम से जाहिर है, ये कीमो थेरेपी और रेडिएशन का मिक्सचर है.

क्या सर्विकल कैंसर से बचाव मुमकिन है?
कैंसर विशेषज्ञों का कहना है कि सर्विकल कैंसर को HPV वैक्सीन के इस्तेमाल, Pap smear test और आधुनिक स्क्रीनिंग के प्रयोग से रोका जा सकता है. डॉक्टरों के मुताबिक वैक्सीनेशन के अलावा सुरक्षित यौन संबंध और लाइफ स्टाइल में बदलाव करके इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है. कैंसर सोसायटी ऑफ इंडिया के मुताबिक 70 से 80 प्रतिशत मामलों में सर्विकल कैंसर की रोकथाम (prevention) मुमकिन है.

वीडियो: पूनम पांडे ने इंटरव्यू में कॉन्ट्रोवर्सीज को लेकर क्या कह दिया?

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