जिन वेदों की ऋचाएं सुनाकर बाबा लोग ज्ञान वर्षा करते हैं, उन वेदों को सबसे पहलेकिसने पढ़ा था? हम बताते हैं. द्वापरयुग में कृष्णद्वैपायन ने वेदों को कैटेगेराइजकिया था. वेदों की स्टडी लाइफटाइम चलती रहे, इसलिए चार ऋषियों को वेदों का शिष्यबनाया गया. इन ऋषियों के नाम थे पैल, वैशम्पायन, जैमिनि और सुमंतु. ये जो ऋषिसुमंतु थे, ये थे व्यासजी के चेले. इनके हिस्से आया अथर्ववेद. पैल ने ऋग्वेद कीपढ़ाई की. ऋषि वैशम्पायन को मिली यजुर्वेद की डीप स्टडी. बचे जैमिनी ऋषि तो उन्हेंकहा गया कि भई तुम सामवेद पर कॉन्सन्ट्रेट करो. (विष्णु पुराण, तृतीय अंश. चौधाअध्याय)