तेरे आने की जब ख़बर महके तेरी खुश्बू से सारा घर महकेनवाज देवबंदी. उर्दू शायरी का एक मशहूर नाम. कोई महफिल हो या फिर संसद. उनके अशआरअपनी दमक बिखेरते रहे हैं. यूपी में देवबंद जगह है वहीं इस शख्सियत ने जन्म लिया.1990 में उर्दू से जर्नलिज्म पर रिसर्च कर पी.एच.डी की और वो डॉ. नवाज़ देवबन्दी होगए. ग़ज़लें लिखीं किसी शायर के लिए सब से बड़ा एजाज (कमाल) वो है, जब पब्लिक उसकेक़लाम को सर आंखों पर बैठाए. और नवाज देवबंदी ये एजाज दिखाते रहे हैं. साहित्य आजतक में आ रहे हैं यहां इतना जान लो कि कैसे वो शायर बने. लेकिन उनसे कुछ सीखना हैया और जानना है तो साहित्य आज तक में शिरकत करनी होगी. 12 और 13 नवंबर. मिलना हो,तो पहुंच जाना दिल्ली के इंदिरा गांधी सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स. उन्हीं केलफ्जों में-अंजाम उसके हाथ है आग़ाज़ करके देख भीगे हुए परों से ही परवाज़ करके देख1. शायर बनने की शुरुआत कहां से हुई?बचपन मासूम होता है. न ही किसी को ये पता होता है कि वो बड़ा होकर क्या बन जाएगा.मेरा भी कोई मंसूबा नहीं था. ये कुछ कुदरत पर डिपेंड करता है. दूसरी क्लास में पढ़ताथा. स्कूल में प्रेयर होती थी. लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी, सारे जहां सेअच्छा हिन्दोस्तां हमारा और जन गण मन. ये सब मैं बहुत ही मन से पढ़ता, गाता था. टीचरभी मुझसे ही पढ़वाते थे. और तारीफ करते थे. ये हौसला अफजाई ही दिलचस्पी बढ़ाती गई. औरशायरी के करीब आता गया. 15 अगस्त या 26 जनवरी पर स्कूल में कल्चरल प्रोग्राम होतेथे. उसमें शामिल होता था. और उस स्टेज परफ़ॉर्मर बनने की झिझक ख़त्म हो गई. यानी किसीभी आर्टिस्ट की कामयाबी के लिए हौसला अफजाई बेहद ज़रूरी है.2. मौजूदा दौर में देखा जाए तो कुछ ही अशआर लोगों की ज़बान पर चढ़ पाते हैं?इसकी कई वजह होती हैं. शायर हर शेर लाजवाब पेश करता है. ये लोगों के सुनने पर भीडिपेंड करता है. मौजूदा दौर सोशल मीडिया का दौर है. ऐसे में अगर कॉपी पेस्ट कुछहोता है उससे फर्क नहीं पड़ता. शायर जिंदा रहता है अगर उसकी कही एक लाइन भी लोगों कोयाद रह जाए. दौर आते हैं और ख़त्म हो जाते हैं शायरी जिंदा रहती है. जगजीत सिंह नेग़ज़ल गुनगुनायी, उसमें मेरा एक शेर है.गुनगुनाता जा रहा था एक फ़कीर धूप रहती है न साया देर तक3. कोई ऐसा कलाम या किताब जिससे आप बेहद मुतास्सिर (प्रभावित) हुए?कुछ भी रचने के लिए पढ़ना जरूरी है. मेरे नज़दीक कोई ऐसी किताब या कलाम तो नहीं जिसकानाम लेकर बता सकूं. लेकिन अच्छी और सही बात किसी भी खिड़की से आ सकती है. इसलिए सभीदरीचे खुले रखने चाहिए. मैं हर उम्र के लोगों, चाहे बच्चा हो या बुज़ुर्ग सबको गौरसे सुनता हूं.4. शायरी को नौजवानों तक पहुंचाने के लिए क्या जरूरी है?शायरी न कोई उम्र रखती है और न मज़हब. बस मुश्किल अल्फाज़ रखती है. ये जरूरी है किशायरी में गहराई हो. बिनाई (रोशनी) हो. सोशल मीडिया वाले ज़माने में शायरी मेंअल्फाजों का आसान होना बेहद ज़रूरी है. शायरी दिल-ओ-दिमाग पर दस्तक दे.5. साहित्य आज तक के लिए आपके झोले में क्या ख़ास रहेगा?वाली आसी जी का शेर है.मुसल्ला रखते हैं सहबा-ओ-जाम रखते हैं फ़क़ीर सब के लिए इंतिज़ाम रखते हैंज़ाहिर है सब उम्र के लोग होंगे. कुछ उनसे सुनेंगे और कुछ सुनाएंगे. नौजवानों सेमुखातिब होना चाहता हूं. उनसे सीखना चाहता हूं. उनके सामने खुली किताब बन जाना है.बेहद खूबसूरत शेर है. किसका है? नहीं मालूम.करीब आओ तो शायद हमें समझ लोगे, ये फ़ासले तो गलतफहमियां बढ़ाते हैं.ये दूरियां ही हैं जो नौजवानों को शायरी की खूबसूरती का एहसास नहीं करातीं. इनफासलों को मिटाना होगा. शायरी उरूज पर आने लगेगी. डॉ. नवाज़ देवबन्दी की ज़िन्दगीसिर्फ शायरी के ही इर्द गिर्द नहीं है. वो लड़कियों की तालीम को लेकर फ़िक्रमंद नजरआते हैं. उन्होंने इसकी शुरुआत मुज्ज़फर नगर में लड़कियों के लिए एक प्राइमरी स्कूलबनवाकर की. इसके बाद लड़कियों के लिए इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज, वोकेशनल कॉलेज शुरूकिया. शायरी के लिए कई अवार्ड मिले. मज़हब की बंदिशों को शायरी से तोड़ा.दीपक जुगनू चांद सितारे एक से हैं यानी सारे इश्क़ के मारे एक से हैं दरिया हूं मैंभेद-भाव को क्या जानू मेरे लिए तो दोनों किनारे एक से हैं जिसके दिल में तूं हैमौला उसके लिए मंदिर मस्जिद और गुरुद्वारे एक से हैं.................................वो रुलाकर हंस न पाया देर तक जब मैं रो कर मुस्कुराया देर तक भूखे बच्चों की तसल्लीके लिए मां ने फिर पानी पकाया देर तक गुनगुनाता जा रहा था एक फ़क़ीर धूप रहती है नासाया देर तक--------------------------------------------------------------------------------साहित्य आजतक के बारे में सब कुछ:फ्री रजिस्ट्रेशन के लिए यहां क्लिक करें लल्लनटॉप कहानी लिखो और 1 लाख रुपए जीतोअपने फेवरेट स्टार से मिलो, चिकोलाइट मज़ा लो, नि:शुल्क!--------------------------------------------------------------------------------https://www.youtube.com/watch?v=EAYe4uX1p5ghttps://www.youtube.com/watch?v=UkGMGDeV9GE