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  • Even after UPTET exam was cancelled, one exam center in Shravasti still conducted the exam for three hours

UPTET परीक्षा रद्द होने के बाद भी इस सेंटर पर क्यों चलता रहा 3 घंटे तक पेपर?

मामला श्रावस्ती जिले का है.

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बाएं- परीक्षा केंद्र के बाहर गुस्साए युवक. दाएं- इकौना के परीक्षा केंद्र इनचार्ज (तस्वीर: लल्लनटॉप)
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आयूष कुमार
28 नवंबर 2021 (Updated: 28 नवंबर 2021, 03:25 PM IST)
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उत्तर प्रदेश में रविवार 28 नवंबर को UPTET की परीक्षा होने थी, लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर वॉट्सऐप पर लीक हो गया. इसके बाद सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी. परीक्षा रद्द होने के बाद भी श्रावस्ती जिले (Shravasti) में इकौना के जगतजीत इंटर कॉलेज सेंटर पर 3 घंटे तक एग्जाम चला. क्योंकि परीक्षा रद्द होने की खबर इकौना सेंटर तक देर से पहुंची. इकौना परीक्षा केंद्र पर मौजूद अभिवावक और अभ्यर्थियों को जब ये बात पता चली तो उन्होंने जमकर प्रशासन को कोसा.

लोगों ने क्या कहा?

अपनी बहन को परीक्षा दिलाने बहराइच से श्रावस्ती आए एक व्यक्ति ने बताया कि वो मजदूरी कर अपना गुजरा करते हैं. बहराइच से श्रावस्ती एग्जाम सेंटर तक आने में उनके 800 रुपये खर्च हुए. इस पेपर के रद्द हो जाने से उनका पैसा तो बर्बाद हुआ ही साथ में उनका समय भी खराब हुआ. जितना समय वो यहां रहे अगर इस दौरान कहीं काम करते तो कुछ पैसे कमा लेते.

वहीं परीक्षा देकर बाहर निकलते एक कैंडिडेट ने दी लल्लनटॉप को बताया,

परीक्षा केंद्र के अंदर ये बिल्कुल भी नहीं बताया गया कि पेपर लीक हो गया है. बाहर आकर पता चला. हमने पूरा पेपर दिया. हमें सिर्फ इतना कहा गया कि हमारी परीक्षा की कॉपी के साथ-साथ प्रश्नपत्र, OMR शीट भी जमा कर ली जाएगी. जब हमने इसका कारण पूछा तो हमें बताया गया कि ऊपर से यही आदेश आया है और बाकी जानकारी आपको बाहर जाकर पता चल जाएगी."

एक दूसरे अभ्यर्थी ने प्रशासन पर लचर व्यवस्था का आरोप लगाया. उनका कहना है कि 28 नवंबर को ही प्रदेश में दो परीक्षाएं आयोजित की गईं, एक UPTET की दूसरी UP police के ASI की लिखित परीक्षा. अभ्यर्थी का कहना है कि सरकार को ये तक नहीं पता कि जब पहले से एक परीक्षा हो रही है तो उसी दिन दूसरी परीक्षा कैसे हो सकती है. उन्होंने कहा,

मैंने UP ASI और UPTET दोनों के लिए अप्लाई किया था. UP ASI का मेरा सेंटर गोरखपुर आया. मैंने UPTET को प्रथमिकता दी और दूसरी परीक्षा छोड़ी, लेकिन इसका क्या फायदा हुआ. मेरा तो ये वाला पेपर ही कैंसिल हो गया. मैं ना इधर का रहा ना उधर का." 

एक और अभ्यर्थी ने सरकार पर आरोप लगते हुए कहा,

एक साल में UPTET का ये पेपर दो बार होना चाहिए, लेकिन ये सरकार साल में एक बार ही पेपर करवा रही है. दो साल से कोरोना था, कोई पेपर नहीं हुआ, अब दो साल बाद जब पेपर हुआ तो ये लीक हो गया. एक तो पेपर नहीं लेते, जब लेते हैं तो ठीक से करवा नहीं पाते. वो लीक हो जाता है, वहां कहते हैं कि मैं पेपर निष्पक्ष करवाउंगा, क्या निष्पक्ष करवा पाए, 35 मीनट पहले पेपर लीक हो गया उसे तो ये रोक नहीं पाए. सिर्फ बड़ी-बड़ी बाते करते हैं."

उन्होंने आगे कहा,

और भी पेपर हैं, अभी अगले महीने CTET का पेपर होने वाला है, उनका सिलेबस अलग है, UPTET का सिलेबस अलग है. अब ये बोल रहें हैं कि एक महीने में दोबारा पेपर करवाएंगे, अब हम दूसरे पेपर की तैयारी करें या इस पेपर की तैयारी करें.

परीक्षा केंद्र प्रभारी क्या बोले?

डॉ. भूदेश्वर पांडे. इकौना परीक्षा केंद्र के इनचार्ज. जब हमारे साथी सिद्धांत मोहन ने बात की तो उन्होंने बताया कि परीक्षा रद्द होने की सूचना उन्हें पेपर शुरू होने के दो घंटे बाद मिली. उन्होंने कहा,

"UPTET परीक्षा रद्द होने की ये खबर हमें बहुत बाद में पता चली, मैंने टाइम तो नहीं देखा था पर लगभग दो घंटे की परीक्षा समाप्त हो गई थी, तब हमें ये जानकारी मिली. हमें DIS ऑफिस से फोन आया कि प्रश्नपत्र और OMR शीट की सारी प्रतियां जमा करानी हैं, परीक्षा रद्द हो गई है.

परीक्षा रद्द होने के बाद भी पेपर क्यों चलता रहा, ये सवाल पूछने पर भूदेश्वर पांडे ने बताया,

"एक साथ इतनी भीड़ को नहीं छोड़ा जा सकता इसलिए हमने लॉ एंड ऑर्डर को बनाए रखने के लिए पूरी परीक्षा कराई. अगर हम बीच में ही उनको परीक्षा रद्द होने की बात बता देते तो हो सकता था कि अभ्यर्थी तोड़-फोड़ करते उस स्थिति को जिम्मेदारी कौन लेता, इसलिए ऐसा किया."

सरकार ने जान-बुझकर पेपर लीक कराया है!

वहीं प्रयागराज में लल्लनटॉप से हमारे साथी सुरेश ने UPTET का पेपर देने आए कुछ अभ्यर्थियों से बात की. इन अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार ने जानबूझकर ये पेपर लीक कराया है. परीक्षा कैंसल होने के बाद अभ्यर्थी दिव्य विकास ने बताया,

"हमको ये लग रहा है कि सरकार की ये मंशा थी कि पेपर रद्द करना है. इससे पहले भी 69 हजार वाली भर्ती में भी बड़े पैमाने पर पेपर लीक हुआ था, उसको इन्होंने ने रद्द नहीं किया, लेकिन आज पेपर रद्द कर दिया. अभी ये एक महीने बाद फिर पेपर कराएंगे, उसके एक महीने बाद ये रिजल्ट निकालेंगे, तब तक आचार संहिता लग जाएगी. ये PRT के लिए वेकैंसी नहीं निकालना चाहते हैं. इससे पहले भी कितने एग्जाम हुए हैं सबका पेपर आउट हुआ है, उनका पेपर रद्द नहीं हुआ. अभी दरोगा की भर्ती चल रही है, आए दिन 10 लड़के पकड़े जाते हैं, इन्होंने दरोगा की भर्ती रद्द नहीं की."

वहीं एक और कैंडिडेट रानू जैसवाल ने कहा कि अभी 51 हजार पद खाली हैं, इससे पहले 22 हजार पद और खाली हुए हैं. लगभग 70 हजार से ज्यादा पद है शिक्षकों के, लेकिन सरकार भर्ती ही नहीं निकाल रही है. सुबह 4 बजे से ही पेपर वायरल हो रहा था. जहां पेपर लीक हुआ वहां परीक्षा रद्द करते, बाकी जगह तो एग्जाम करवाते. छात्रों में बड़ी नाराजगी है, सरकार जल्द से जल्द शिक्षकों की भर्ती निकाले.

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