ज़ाकिर नाइक. एक मुस्लिम धार्मिक स्पीकर. कहते हैं कि इन्हें हिन्दू और मुस्लिम धर्मग्रंथों की पूरी जानकारी है. क़ुरान की आयतें और गीता के रिफरेंस तो बात-बात पे फेंकके मारते हैं. मुंबई बेस्ड हैं लेकिन आज-कल हिंदुस्तान से काफूर हैं. ढाका अटैक मेंउनका नाम आया था. कहते हैं कि उसमें शामिल आतंकी इन्हीं नाइक साहब से खासे प्रभावितथे. मदीने में खड़े होकर उन्होंने इंडियन मीडिया को खुली चुनौती दी थी कि उनके खिलाफ़सुबूत लाकर दिखायें. 11 जुलाई को ज़ाकिर नाइक हिंदुस्तान आने वाले थे लेकिन अब मामलाडिले हो गया है. ज़ाकिर नाइक अपनी थ्योरियों के लिए फेमस हैं. उनकी सबसे फ़ेमस थ्योरीहै 2+2=4 वाली थ्योरी. ज़ाकिर नाइक से एक बार पूछा गया - क्यूं सऊदी अरब और कईमुस्लिम राष्ट्रों में मंदिर या चर्च या किसी और धर्म के पूजास्थल बनाने पर बैन लगाहुआ है. ऐसा क्यूं है कि उस देश में रहने वाले गैर-मुस्लिम लोग एक जगह पर जाकर पूजानहीं कर सकते. वहां सिर्फ मस्जिद ही क्यूं हैं? जबकि गैरमुस्लिम देशों में खूबमस्जिदें बनी हुई हैं. यूरोपीय देशों में मस्जिदों के बनने पर कैसा भी बैन नहींहै. इसके जवाब में ज़ाकिर नाइक ने जो कहा, वही अगर वो 'इंडिया हैज़ गॉट टैलेंट' मेंकह देते तो उन्हें सीधे फाइनल में भेज दिया जाता. उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हैक्यूंकि कुछ मुस्लिम देशों में दूसरे धर्मों को फैलाना मना है. साथ ही वहां परदूसरे धर्मों के पूजास्थलों को भी बनाना मना है. ये तो थे महज़ फैक्ट्स. लेकिन असलीदम इसके पीछे दिए उनके लॉजिक में था. उन्होंने एक मैथ्स टीचर का उदाहरण दिया. कहाकि अगर किसी स्कूल में तीन मैथ्स टीचर्स का इंटरव्यू लिया जाये. जिसमें से एक बोलेकि 2+2=3, दूसरा कहे कि 2+2=4 और तीसरा बोले कि 2+2=6. तो आप किसको रक्खेंगे? ज़ाकिरनाइक ने कहा कि जब आपको मालूम है 2+2=4, तो 3 और 5 कहने वालों को आप मैथ्स टीचरनहीं रक्खेंगे. ठीक उसी तरह से जब सऊदी अरब को मालूम है कि भगवान की नज़रों मेंइस्लाम ही एकमात्र सच्चा धर्म है. ऐसे में किसी और धर्म को जगह नहीं दी जाएगी. ठीकवैसे ही जैसे 2+2=3 और 2+2=6 कहने वाले मैथ्स टीचर को पढ़ाने नहीं दिया जाता है. थोड़ी देर अगर वीडियो से हटें तो पायेंगे कि हर धर्म के अनुसार उनका अपना धर्म सच्चाहै. अगर ज़ाकिर नाइक इत्तेफ़ाक से क्रिश्चियन पैदा हुए होते तो आज 2+2=4 का यही लॉजिकवो अपने क्रिश्चियन धर्म के लिए दे रहे होते. वो शायद ये भूल गए कि आज मुस्लिम धर्मके प्रचार-प्रसार की वो बातें कर रहे हैं, उसी मुस्लिम धर्म में उनका पैदा होना एकइत्तेफ़ाक मात्र है. जबकि 2+2=4 एकमात्र सत्य है. वो सत्य जो हर धर्म में समान रहताहै. बदलता नहीं है. चाहे हिन्दू हो या मुस्लिम, 2+2=4 हमेशा ही रहता है. ज़ाकिरनाइक ने जो गलती की वो ये कि अपने धर्म के बचाव के लिए गणित का सहारा ले लिया. गणितशायद इस दुनिया की सबसे लॉजिकल फील्ड है. इसमें लॉजिक के सिवा और कुछ भी नहीं चलताहै. जबकि धर्म इस दुनिया की सबसे बिना-लॉजिक की चीज.--------------------------------------------------------------------------------मैंने आज तक कभी भी किसी को मारने से पहले किसी को 17 का पहाड़ा सुनाने की बात नहींसुनी. जबकि मारने से पहले आयतें सुनाने की बातें ज़रूर मालूम चली हैं. --------------------------------------------------------------------------------ज़ाकिर नाइक की बातों में एक अजीब बेखबरी दिखती है. वो भले ही दूसरे धर्म के ग्रंथोंको पढ़ने का झंडा बुलंद करते हों लेकिन उनसे ज्ञान उन्होंने बहुत ही फ़िल्टर करके,अपनी सहूलियत के हिसाब से ही लिया है. नाइक की हरकतें स्कूल के उस टीचर की तरह हैंजो पढ़ाता तो पूरी क्लास को है लेकिन इग्ज़ाम में उन लड़कों को सबसे ज़्यादा नम्बर देताहै जो शाम को उससे ट्यूशन पढ़ने आते हैं.https://www.youtube.com/watch?v=tmNbIBss2O0&feature=youtu.be