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अखिलेश यादव की इस बात पर हंसते हुए उठे अमित शाह, हनुमान की जाति का जिक्र क्यों आया?

Waqf Bill 2024: सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने कहा कि सरकार कह रही कि वक्फ से कारोबार होगा, धर्म की चीज से कारोबार नहीं होता. अखिलेश ने इस दौरान बिहार में होने वाले आगामी चुनाव का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में इस बार वो देखेंगे कि भाजपा कितनी महिलाओं को टिकट देती है.

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2 अप्रैल 2025 (पब्लिश्ड: 03:12 PM IST)
Amit Shah and Akhilesh Yadav in Loksabha
वक्फ बिल पर बहस के दौरान अखिलेश यादव और अमित शाह. (तस्वीर: संसद टीवी)
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वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) 2024 पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भगवान हनुमान की चर्चा की. उन्होंने एक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने हनुमान को उनकी जाति के कारण नजरअंदाज किया. 

समाजवादी पार्टी के मुखिया ने कहा,

फैजाबाद अयोध्या में एक कार्यक्रम था. हो सकता है कि उसके लिए दिल्ली से अनुमति ना हो. केवल लखनऊ से कार्यक्रम की अनुमति हो. कोई भगवान राम बनकर आए, कोई मां सीता… कोई हनुमान… लेकिन लखनऊ से जब वो हेलीकॉप्टर अयोध्या के लिए उड़ा, तो उसमें सब थे लेकिन हनुमान नहीं थे. क्यों? शायद उनकी जाति या धर्म अलग था.

"वक्फ बिल से तुष्टीकरण करना चाहती है भाजपा"

अखिलेश ने आगे कहा,

ये (भाजपा) देश के करोड़ों लोगों से घर और दुकान छीनना चाहते हैं. भाजपा एक अलोकतांत्रिक पार्टी है. वो असहमति को अपनी शक्ति मानती है. जब देश के अधिकांश दल इस बिल के खिलाफ हैं तो इसे लाने की क्या जरूरत है? सरकार जिद क्यों कर रही है? वक्फ बिल भाजपा की राजनीतिक हठ है. भाजपा इससे तुष्टीकरण और ध्रुवीकरण करना चाहती है. इससे दुनिया में एक गलत संदेश जाएगा. भारत की सेक्युलर छवि को नुकसान पहुंचेगा. वक्फ बिल भाजपा के लिए ‘वाटर लू’ साबित होगा. क्योंकि बाहर से तो हां कर रहे हैं कि लेकिन अंदर ही अंदर बहुत लोग विरोध कर रहे हैं.

अमित शाह ने हंसते हुए जवाब दिया

सपा सांसद ने कहा कि देश मिलीजुली संस्कृति से चला. हमने उनसे कुछ सीखा, उन्होंने हमसे कुछ सीखा. अखिलेश ने ईद के दौरान लगी पाबंदियों पर भी चर्चा की. वक्फ बिल के बारे में बोलते हुए एक मौका ऐसा भी आया जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उनकी बातों का जवाब दिया. अखिलेश ने कहा,

बड़ी आबादी के लिए एक और बिल आया है. जो एक्स कांग्रेस वाले हैं, वो ज्यादा बोल रहे हैं. जो बिल पेश हुआ है, उसको जितना समझ पा रहा हूं… हिंदी या अंग्रेजी में भी नहीं समझ पा रहा हूं. भाजपा में ये मुकाबला चल रहा है कि कौन खराब हिंदू है. जो पार्टी ये कहती हो कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है, राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पाई अभी तक. (हंसते हुए).

इस पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा,

अखिलेश जी ने हंसते-हंसते कहा है, हंसते-हंसते ही जवाब दे रहा हूं. आपको पांच लोगों में ही अध्यक्ष चुनना है, परिवार से. हमें करोड़ों लोगों में से चुनना है, तो समय लगता है. मैं कहता हूं आप अभी 25 साल तक अध्यक्ष हो जाओ. 

इस पर अखिलेश ने कहा कि ये वक्फ बिल इसी नाकामी का पर्दा है. उन्होंने आगे कहा,

ये बहुत तैयारी के साथ फैसला लेकर आए थे कि आधी रात के बाद नोट नहीं चलेंगे. उस नोटबंदी की नाकामी के बारे में भी तो चर्चा हो जाए कि अभी भी जाने कितना रुपया निकल के आ रहा है. बेरोजगारी, महंगाई… किसान की आय दोगुनी नहीं कर पाए, उसकी भी बात हो.

ये भी पढ़ें: "संविधान को कमजोर करना, भ्रम फैलाना, समाज को बांटना..." कांग्रेस सांसद ने वक्फ बिल के मूल उद्देश्य...

"महाकुंभ में 144 साल वाला भ्रम फैलाया"

महाकुंभ मेले में हुई श्रद्धालुओं की मौत पर भी अखिलेश ने सरकार को घेरा. उन्होंने कहा,

महाकुंभ कोई पहली बार नहीं हो रहा था. ये भाजपा वालों ने ऐसा प्रचार किया कि ये 144 सालों में हो रहा है. करोड़ों लोग निकल पड़े. सरकार ने कहा कि उनकी तैयारी 100 करोड़ की है. ये बताएं कि ये 30 कौन थे जिनकी जान चली गई. इतना ही नहीं सरकार ये बताए कि जो 1000 हिंदू लापता हो गए, उनकी सूची कहां है. 

सपा प्रमुख ने कहा कि सरकार कह रही कि वक्फ से कारोबार होगा, धर्म की चीज से कारोबार नहीं होता. अखिलेश ने इस दौरान बिहार में होने वाले आगामी चुनाव का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि सरकार वक्फ काउंसिल में दो महिलाओं को रखने की बात कर रही है. बिहार चुनाव में इस बार वो देखेंगे कि भाजपा कितनी महिलाओं को टिकट देती है. 

 

वीडियो: Waqf Amendment Bill: उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने क्या कह दिया?

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