The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • vadodara water crisis engineer shuts valve fir registered

ट्रांसफर से नाराज़ इंजीनियर ने बंद कर दी सप्लाई, तीन दिन तक पानी के लिए तड़पते रहे 30 हजार लोग

गुजरात के वडोदरा में अचानक से पूरे इलाके में पानी की सप्लाई बंद हो गई. वहां के रहने वाले 30 हजार लोगों को तीन दिनों तक काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

Advertisement
pic
31 अगस्त 2025 (पब्लिश्ड: 04:23 PM IST)
vadodara water crisis engineer shuts valve fir registered
नवायार्ड इलाके में 23 अगस्त से अचानक पानी की सप्लाई बंद हो गई. (सांकेतिक तस्वीर-अंडरग्राउंड वाल्व)
Quick AI Highlights
Click here to view more

गुजरात के वडोदरा शहर के नवायार्ड इलाके में 23 अगस्त से अचानक पानी की सप्लाई बंद हो गई. तीन दिन तक इलाके में पानी नहीं आया. स्थानीय लोगों को परेशानी उठाते हुए टैंकर और हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा. शुरुआत में लोगों को लगा कि पाइपलाइन फट गई है या कहीं रिसाव हो गया है. लेकिन बाद में असली वजह सामने आई. वडोदरा नगर निगम के एक डिप्टी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर योगेश वसावा ने ट्रांसफर से नाराज होकर अंडरग्राउंड वाल्व बंद कर दिया था. अब इंजीनियर के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक मामला बड़ोदरा के नवायार्ड का है. पिछले हफ्ते अचानक से पूरे इलाके में पानी की सप्लाई बंद हो गई. इससे वहां के रहने वाले 30 हजार लोगों को तीन दिनों तक काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इस दौरान वडोदरा नगर निगम (VMC) के अधिकारी समस्या खोजने में जुटे रहे. लेकिन उन्हें कोई सफलता हाथ नहीं लगी. रिपोर्ट के मुताबिक तभी अधिकारियों को पता चला कि पिछले साल यहां भारी बारिश और बाढ़ के बाद कुछ मरम्मत का काम हुआ था. इस दौरान एक अंडरग्राउंड वाल्व लगाया गया था. हालांकि इसकी आधिकारिक जानकारी बाकी विभाग को नहीं थी.

जल आपूर्ति विभाग की टीम मौके पर पहुंची. जांच में पता चला कि वाल्व को हाल ही में खोदकर फिर से मिट्टी से ढक दिया गया था. टीम ने जब वाल्व की जांच की तो वो बंद पाया गया. जैसे ही उसे खोला गया. इलाके में पानी की सप्लाई तुरंत बहाल हो गई. विभाग की जांच में साफ हुआ कि वाल्व को जानबूझकर बंद किया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक VMC के अधिकारियों ने घटना स्थल के आसपास के CCTV कैमरों की जांच की. इस दौरान पाया कि गुणवंत सोलंकी नाम का कॉन्ट्रैक्टर बिना परमिशन के अंडरग्राउंड वाल्व खोद रहा था. इसके बाद डिप्टी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर योगेश वसावा के कथित निर्देश पर वाल्व बंद करवा दिया.

वडोदरा शहर के फतेहगंज पुलिस स्टेशन में 28 अगस्त को शिकायत दर्ज कराई गई. यह शिकायत मौजूदा डिप्टी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आलोक शाह ने कराई. इस दौरान उन्होंने कहा,

"जिस पद पर वो अभी तैनात हैं, उस पर पहले आरोपी योगेश वसावा काम कर रहे थे. हाल ही में उनका ट्रांसफर हुआ था. उन्होंने विभाग की छवि खराब करने और अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए वसावा ने जानबूझकर पूरे इलाके की पानी सप्लाई बंद करने की साजिश रची. वसावा और उनके साथियों को पता था कि बिना वजह ऐसा करने से सरकारी संपत्ति को नुकसान होगा. पानी बर्बाद होगा और आम लोगों को दिक्कत होगी. इसके बावजूद उन्होंने मिलकर VMC की मशीनरी का इस्तेमाल अपने गलत इरादों के लिए किया."

फतेहगंज SI एएम गढ़वी ने बताया कि वडोदरा नगर निगम (VMC) की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. वहीं नगर निगम ने डिप्टी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर योगेश वसावा के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के लिए राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को पत्र लिखा है. रिपोर्ट के मुताबिक इस साल की शुरुआत में वसावा का तबादला हुआ था. उन पर शिकायत थी कि वे लोगों की पानी की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते.

वीडियो: इंजीनियर ने पीने के लिए पानी मांगा, चपरासी ने बोतल में पेशाब भरकर दे दिया

Advertisement

Advertisement

()