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टिफिन में नॉनवेज लाने के लिए स्कूल से निकाला था, अब कोर्ट ने ऐसा ऑर्डर दिया कि याद रहेगा

Amroha Non Veg Controversy: DM को कोर्ट के आदेश पर दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई करनी है और इसके बाद एक हलफनामा दाखिल करना है. 6 जनवरी को इस मामले की अगली सुनवाई होनी है. कोर्ट ने कहा है कि अगर दिए गए समय में बच्चों का एडमिशन नहीं होता तो DM को कोर्ट में पेश होना होगा.

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19 दिसंबर 2024 (पब्लिश्ड: 02:51 PM IST)
Amroha Controversy
कोर्ट ने अमरोहा के DM को बच्चों का एडमिशन कराने का आदेश दिया है. (तस्वीर: वायरल वीडियो से स्क्रीनशॉट)
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उत्तर प्रदेश के अमरोहा (Amroha) में एक मुस्लिम परिवार के 3 बच्चों को एक प्राइवेट स्कूल से निकाल दिया गया था. बच्चों पर अपने टिफिन बॉक्स में नॉनवेज खाना लाने का आरोप लगा था. अब इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस मामले में जिले के DM को सख्त आदेश दिए हैं. कोर्ट ने कहा है कि DM इस बात को सुनिश्चित करें कि तीनों बच्चों का एडमिशन CBSE से मान्यता प्राप्त किसी दूसरे स्कूल में हो.

DM को कोर्ट के आदेश पर दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई करनी है और इसके बाद एक हलफनामा दाखिल करना है. 6 जनवरी को इस मामले की अगली सुनवाई होनी है. कोर्ट ने कहा है कि अगर दिए गए समय में बच्चों का एडमिशन नहीं होता तो DM को कोर्ट में पेश होना होगा.

बच्चों की मां ने सितंबर महीने में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने स्कूल के प्रिसिंपल के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने उनके बच्चों को अुनचित कारणों से स्कूल से निकाला. उन्होंने कहा कि इससे उन्हें शिक्षा के अधिकार से वंचित किया गया है. याचिकाकर्ता ने ये भी मांग की है कि बच्चों की शिक्षा में हुए नुकसान के लिए राज्य सरकार को उन्हें मुआवजा देना चाहिए. 

ये भी पढ़ें: रेस्टोरेंट पर बुलडोजर चल गया, बजरंग दल ने कहा था- 'नाम बदलकर वेज की जगह नॉनवेज बेच रहा... '

याचिका के अनुसार, सितंबर महीने में बच्चों को स्कूल से एक्सपेल्ड कर दिया गया था. याचिका में ये भी कहा गया है कि ये घटना डराने वाली है. इससे बच्चों के मनोविज्ञान पर असर पड़ता है. और संभव है को वो पूरी जिंदगी इस बात को भूल ना पाएं. 

17 दिसंबर को जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस सुभाष चंद्र शर्मा की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की. 

इस मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. लल्लनटॉप इस वीडियो की पुष्टी नहीं करता. इस वीडियो के जरिए दावा किया गया था कि प्रिसिंपल ने बच्चों की मां से कहा कि वो ऐसे बच्चों को नहीं पढ़ाएंगे जो बाद में मंदिरों को तोड़ेंगे. तब बच्चों की मां ने ये आरोप लगाया था कि स्कूल में अक्सर ही हिंदू-मुस्लिम की बात की जाती है. प्रिंसिपल कथित रूप से दूसरे बच्चों को उस मुस्लिम बच्चे के बारे में दुर्भावना भरी बातें बताते हैं.

वीडियो: स्कूल में नॉन वेज लाने पर प्रिंसिपल ने बच्चे को सस्पेंड कर दिया, साथ ही आपत्तिजनक कमेंट भी किए

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