पंचतत्व में विलीन हुए मनमोहन सिंह, देश ने नम आंखों से दी विदाई, तस्वीरें देखिए
1991 में Manmohan Singh को वित्त मंत्री बनाया गया. इस दौरान उन्होंने देश का बजट तैयार किया. उनकी बेहतर आर्थिक नीतियों की आज भी सराहना की जाती है. इसके बाद 2004 से 2014 तक वो देश के प्रधानमंत्री रहे.
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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार (Manmohan Singh Funeral) दिल्ली के निगमबोध घाट पर हुआ. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घाट पर पहुंचे थे. इसके अलावा वहां गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्यसभा सभापति जगदीप धनकर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी पहुंचे थे. घाट पर अंतिम संस्कार से पहले सिख धर्म की प्रार्थना की गई. पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार के लोग भी घाट पर मौजूद थे.
इसके पहले उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय और फिर कांग्रेस मुख्यालय लाया गया था. कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सिंह की पत्नी गुरशरण कौर और उनकी बेटी दमन सिंह समेत अन्य नेताओं ने उनको श्रद्धांजलि दी. 26 दिसंबर 2024 को दिल्ली स्थित AIIMS में उन्होंने अंतिम सांस ली थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत सिंह के योगदान को हमेशा याद रखेगा.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी.
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मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर ने कांग्रेस मुख्यालय में उनको श्रद्धांजलि दी.

अंतिम दर्शन के लिए मनमोहन सिंह की बेटी दमन सिंह भी कांग्रेस मुख्यालय पहुंची थीं.

इस दौरान वहां सोनिया गांधी भी मौजूद रहीं.
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री के अंतिम दर्शन किए.

पूर्व प्रधानमंत्री के पार्थिव शरीर को तीनों सेनाओं के अधिकारी उनके आवास पर लेकर पहुंचे थे.

डॉ सिंह के अंतिम दर्शन के लिए कांग्रेस मुख्यालय के बाहर लोगों की भीड़ लग गई थी.

अंतिम संस्कार के लिए पूर्व प्रधानमंत्री के पार्थिव शरीर को निगमबोध घाट लाया गया है.
पूर्व प्रधानमंत्री के आवास पर पहुंच कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनको विदाई दी. राष्ट्रपति निगमबोध घाट पर भी मौजूद रहेंगी.
गृहमंत्री अमित शाह ने भी मनमोहन सिंह को पुष्पांजलि अर्पित की. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा,
“एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह को वित्त और सार्वजनिक नीति के अपने विशाल ज्ञान के लिए हमेशा याद किया जाएगा.”
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मनमोहन सिंह 1972 से 1976 तक भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे. 1982 से 1985 तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे. और 1985 से 1987 तक योजना आयोग के अध्यक्ष रहे थे. 1991 में उन्हें वित्त मंत्री बनाया गया. इस दौरान उन्होंने देश का बजट तैयार किया. उनकी बेहतर आर्थिक नीतियों की आज भी सराहना की जाती है. इसके बाद 2004 से 2014 तक वो देश के प्रधानमंत्री रहे.
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