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रूस-यूक्रेन जंग खत्म होगी? पुतिन 10 साल बाद आ रहे US, इस बड़ी मीटिंग को भारत का भी समर्थन

भारत ने उम्मीद जताई है कि Donald Trump और Putin की इस मुलाकात में यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की संभावनाओं की तलाश की जाएगी. इस बैठक में क्या होने वाला है? क्यों इससे दुनियाभर को बड़ी उम्मीदें हैं?

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10 अगस्त 2025 (अपडेटेड: 10 अगस्त 2025, 08:45 AM IST)
Putin Trump Meeting
16 जुलाई 2018 को हेलसिंकी में एक बैठक से पहले हाथ मिलाते ट्रंप और पुतिन. (फाइल फोटो: AFP)
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भारत ने इस बात पर खुशी जताई है कि आगामी 15 अगस्त को अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की बैठक होने वाली है. साथ ही ये उम्मीद जताई गई है कि इस मुलाकात से यूक्रेन में चल रहे युद्ध को खत्म करने में मदद मिलेगी.

9 अगस्त को विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में एक बयान जारी किया है. इसमें कहा गया है,

भारत ने अमेरिका और रूस के बीच 15 अगस्त 2025 को अलास्का में होने वाली बैठक का स्वागत किया है. इस बैठक से उम्मीद है कि यूक्रेन में चल रहा युद्ध खत्म हो सकेगा और शांति का रास्ता खुलेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार कह चुके हैं कि ‘ये युद्ध का दौर नहीं है’. इसी सोच के साथ भारत इस बैठक का समर्थन करता है और शांति की कोशिशों में मदद करने के लिए तैयार है.

इससे पहले डॉनल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर इस बैठक की जानकारी दी थी. उन्होंने लिखा था,

15 अगस्त 2025 को, अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में मेरी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात अलास्का में होगी. बाकी जानकारी बाद में दी जाएगी.

Trump Putin Meeting in Alaska
डॉनल्ड ट्रंप का 'ट्रूथ' पोस्ट.

2015 के बाद से ये पहला मौका होगा, जब पुतिन अमेरिका जाएंगे. इससे पहले उन्होंने अमेरिका में वहां के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात की थी. 

अलास्का में होने वाली बैठक, 2021 के बाद से पहली अमेरिका-रूस समिट भी होगी. इससे पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने जेनेवा में पुतिन के साथ बातचीत की थी.

ये भी पढ़ें: पीएम मोदी ने पुतिन से बात की, फिर जो बताया उसे पढ़कर ट्रंप और भड़क जाएंगे

ट्रंप ने रूस-यूक्रेन समझौते को लेकर क्या कहा?

वाइट हाउस में आर्मेनिया-अजरबैजान शांति समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान ट्रंप ने सुझाव दिया कि यूक्रेन और रूस के बीच संभावित समझौते में कुछ इलाकों का आदान-प्रदान शामिल हो सकता है. ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, 

हम कुछ वापस लेंगे और कुछ बदलेंगे. दोनों के हित में कुछ क्षेत्रों की अदला-बदली होगी.

हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने जमीन छोड़ने के विचार को खारिज कर दिया. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने टेलीग्राम पर कहा,

यूक्रेन के क्षेत्रीय प्रश्न का उत्तर पहले से ही यूक्रेन के संविधान में मौजूद है. कोई भी इससे विचलित नहीं होगा और न ही कोई इससे विचलित हो सकता है. यूक्रेनवासी कब्जा करने वालों को अपनी जमीन नहीं देंगे.

जेलेंस्की ने ये भी चेतावनी दी कि अगर किसी समझौते में यूक्रेन को शामिल नहीं किया गया, तो वो बेकार होगा और कभी सफल नहीं होगा.

अमेरिका-रूस बैठक और भारत का समर्थन, ये खबर ऐसे वक्त में आई है, जब अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल खरीदने के लिए भारी टैरिफ लगाया है.

वीडियो: ट्रंप के टैरिफ के बाद भारत के पास क्या विकल्प हैं?

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