खालिस्तान विवाद के बाद रिश्ते सुधरने की शुरुआत, भारत–कनाडा ने किए नए हाई कमिश्नर नियुक्त
दोनों देशों ने रिश्तों सुधारने की दिशा में पहला कदम दो महीने पहले रखा था. तब कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने भारतीय प्रधानमंत्री Narendra Modi को Alberta में G7 शिखर समिट में आमंत्रित किया. यहीं दोनों देश अपने हाई कमिश्नरों को बहाल करने पर सहमत हुए थे.

बीते एक साल से तल्ख संबंधों के बाद अब भारत और कनाडा रिश्ते सुधारने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं. दोनों देशों ने गुरुवार 28 अगस्त को अपने नए हाई कमिश्नर्स के नामों का एलान किया. IFS अधिकारी दिनेश पटनायक कनाडा में भारत के हाई कमिश्नर होंगे. वहीं, क्रिस्टोफर कूटर भारत में कनाडा के हाई कमिश्नर होंगे. बता दें कि दोनों देशों ने 10 महीने पहले तमाम मुद्दों को लेकर एक-दूसरे के हाई कमिश्नर्स को निष्कासित कर दिया था.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों ने रिश्तों सुधारने की दिशा में पहला कदम दो महीने पहले रखा था. तब कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अल्बर्टा में जी-7 शिखर समिट में आमंत्रित किया. यहीं दोनों देश अपने डिप्लोमेट्स को बहाल करने पर सहमत हुए थे.
कनाडा ने गुरुवार को इन नियुक्तियों पर कहा कि ये नियुक्तियां दोनों देशों के नागरिकों और व्यवसायों के लिए जरूरी राजनयिक सेवाएं बहाल करने की दिशा में एक अहम कदम हैं. कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने कहा,
कौन हैं दिनेश पटनायक“नए हाई कमिश्नरों की नियुक्ति भारत के साथ राजनयिक जुड़ाव को गहरा करने और द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए कनाडा के सकारात्मक दृष्टिकोण को दिखाती है. यह नियुक्ति कनाडा की अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करते हुए कनाडाई लोगों के लिए सेवाएं बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.”
दिनेश पटनायक 1990 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी (IFS) हैं. फिलहाल वह स्पेन में भारत के राजदूत हैं. 1967 में ओडिशा में जन्मे पटनायक ने IIM-कलकत्ता से MBA किया है. उन्हें विदेश सेवा में 30 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वह अलग-अलग देशों में कई अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. अपनी शुरुआती नियुक्तियों के दौरान वह जिनेवा और ढाका में रहे. इसके बाद कंबोडिया, मोरक्को और स्पेन में राजदूत के रूप में अपनी सेवाएं दीं.
दिनेश पटनायक ने 2016 और 2018 के बीच UK में डिप्टी हाईकमिश्नर के रूप में काम किया. जनवरी 2022 में उन्हें स्पेन और अंडोरा में राजदूत के रूप में तैनात किया गया. 1990 के दशक के अंत में उन्हें नई दिल्ली में अंडर सेक्रेटरी बनाया गया था. इसी दौरान उन्होंने पश्चिमी यूरोपीय देशों के साथ संबंधों को प्रगाढ़ किया.
भारत-कनाडा के रिश्तेहम जानते ही हैं भारत और कनाडा के बीच रिश्तों में तल्खियां सितंबर 2023 से आना शुरू हो गई थी. इसके पीछे की वजह थी खालिस्तान अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर. कनाडा के तब के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संसद में जून 2023 में निज्जर की हत्या में भारतीय सरकारी एजेंटों के शामिल होने का आरोप लगाया था. लेकिन भारत ने इन आरोपों “बेतुका” और “प्रेरित” बताकर खारिज कर दिया था. इस पर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा और दोनों देशों ने एक-दूसरे से राजनयिक संबंधों तक खत्म कर लिए.
इसके अलावा, भारत ने कई बार कनाडा के सामने कनाडा में हिंदुओं को निशाना बनाने, कनाडा में खालिस्तानी कार्यकर्ताओं और भारत विरोधी गतिविधियों को लेकर चिंता जताई थी. लेकिन कनाडा की ओर से इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया था. लेकिन हाल में जब कार्नी ने कनाडा के प्रधानमंत्री का पद संभाला था तो भारत से दोबारा बेहतर संबंध बनाने का आह्वान किया था.
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