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'कांग्रेस राज में जॉब के लिए महिलाओं ने किया कॉम्प्रोमाइज', CM सरमा का सनसनीखेज आरोप

हिमंता बिस्वा सरमा ने रैली के दौरान 2013 -14 की असम लोक सेवा आयोग (APSC) परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर जस्टिस बीके शर्मा आयोग की रिपोर्ट का जिक्र किया. सरमा ने रिपोर्ट में शामिल एक गवाह के बयान के हवाले से दावा कर दिया कि कांग्रेस के शासन के समय महिलाओं को नौकरी पाने के लिए 'कॉम्प्रोमाइज' करना पड़ता था.

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1 मई 2025 (अपडेटेड: 1 मई 2025, 06:43 PM IST)
Himanta Biswa Sarma Sparks Row Over Remarks on Women
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ महिला कांग्रेस की अध्यक्ष मीरा बोर्थाकुर गोस्वामी वहीं दूसरी ओर CM हिमंत बिस्वा सरमा. (तस्वीर : इंडिया टुडे)
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक रैली में कहा कि कांग्रेस के शासन में महिलाओं को सरकारी नौकरी पाने के लिए ‘गलत रास्ता अपनाना पड़ा’. सीएम सरमा के इस बयान के बाद कांग्रेस उन पर हमलावर है. बुधवार, 30 अप्रैल को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुवाहाटी में पार्टी मुख्यालय के सामने सरमा का पुतला जलाया और उनके खिलाफ नारेबाजी की.

इंडिया टुडे में छपी खबर के मुताबिक, हिमंता बिस्वा सरमा ने रैली के दौरान 2013 -14 की असम लोक सेवा आयोग (APSC) परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर जस्टिस बीके शर्मा आयोग की रिपोर्ट का जिक्र किया. सरमा ने रिपोर्ट में शामिल एक गवाह के बयान के हवाले से दावा कर दिया कि कांग्रेस के शासन के समय महिलाओं को नौकरी पाने के लिए 'कॉम्प्रोमाइज' करना पड़ता था. उन्होंने असम महिला कांग्रेस की अध्यक्ष मीरा बोर्थाकुर गोस्वामी की निंदा भी की.

सीएम के बयान पर बवाल मचा तो मीरा बोर्थाकुर ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) को पत्र लिख सरमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने पत्र में लिखा, "असम के मुख्यमंत्री ने एक गंभीर खुलासा किया है. उनका दावा है कि कांग्रेस शासन (2001-2015) के दौरान महिलाओं को सरकारी नौकरियां पाने के लिए अनैतिक तरीके अपनाने पड़े."

साथ ही मीरा ने CBI जांच की मांग की. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरमा खुद कांग्रेस सरकार में 15 सालों तक मंत्री पद पर रहे, तब उन्होंने यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया?

महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने भी इसकी आलोचना की. उन्होंने प्रेस रिलीज जारी कर असम के मुख्यमंत्री से मांफी मांगने को कहा. इसके अलावा उन्होंने PM मोदी को भी टैग कर हिमंता के इस बयान पर संज्ञान लेने की अपील की. लांबा ने पूछा कि क्या यह भाजपा की महिला नीति का हिस्सा है? इसके अलावा राष्ट्रीय महिला आयोग को इस बयान पर स्वतः संज्ञान ले कर कार्रवाई की मांग की.

उनके अलावा असम कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने सरमा से इस बयान के लिए माफी मांगने को कहा है. बोरा ने कहा कि अगर सरमा ने 1 मई तक माफी नहीं मांगी, तो सभी जिला प्रमुख उनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज कराएंगे.

बोरा ने एक्स पर हिमंता को टैग करने हुए पोस्ट लिखा,

“असम की महिलाओं को लेकर यहां के CM का बयान बेहद निम्न स्तर का है. कांग्रेस की सरकार के समय लाखों महिलाएं सरकारी नौकरियों में आईं, उन महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाना असम की करोड़ों महिलाओं का अपमान है.”

हालांकि अपने बयान पर विवाद को बढ़ता देख सरमा ने 29 अप्रैल को ही अपने बचाव में कहा था कि वे जस्टिस शर्मा आयोग की रिपोर्ट का हवाला दे रहे थे. उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला रिपोर्ट में दर्ज है, मैंने उसी का जिक्र किया है. अगर भूपेन बोरा को आपत्ति है, तो उन्हें जस्टिस बीके शर्मा से संपर्क करना चाहिए.

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