The Lallantop
Advertisement

ज्ञानेश कुमार होंगे नए मुख्य चुनाव आयुक्त

ज्ञानेश कुमार केरल कैडर के 1988 बैच के IAS हैं. 61 वर्षीय ज्ञानेश केंद्रीय गृह मंत्रालय में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल-370 को हटाने वाले बिल को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी. तब वे केंद्रीय गृह मंत्रालय में कश्मीर डिविजन के जॉइंट सेक्रेटरी थे.

Advertisement
pic
17 फ़रवरी 2025 (पब्लिश्ड: 12:12 AM IST)
India Gets New Election Commissioner, Gyanesh Kumar Appointed New CEC
ज्ञानेश कुमार (दाएं) निवर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के साथ.
Quick AI Highlights
Click here to view more

ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है. 17 फरवरी को केंद्र सरकार ने ये जानकारी दी. अगले CEC के तौर पर ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति के लिए कानून मंत्रालय ने अधिसूचना भी जारी कर दी है. ज्ञानेश 18 फरवरी को रिटायर हो रहे मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की जगह लेंगे. राजीव कुमार के बाद ज्ञानेश कुमार सबसे वरिष्ठ इलेक्शन कमिश्नर हैं. वह मार्च 2024 से चुनाव आयोग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. उनका कार्यकाल 26 जनवरी 2029 तक जारी रहेगा. उन पर इस साल के आखिर में बिहार विधानसभा और अगले साल बंगाल, असम और तमिलनाडु में चुनाव कराने की ज़िम्मेदारी होगी. 

ज्ञानेश कुमार केरल कैडर के 1988 बैच के IAS हैं. 61 वर्षीय ज्ञानेश केंद्रीय गृह मंत्रालय में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल-370 को हटाने वाले बिल को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी. तब वे केंद्रीय गृह मंत्रालय में कश्मीर डिविजन के जॉइंट सेक्रेटरी थे. 

asdfk
कानून मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना.

ज्ञानेश कुमार जनवरी 2024 में सहकारिता मंत्रालय के सेक्रेटरी पद से रिटायर हुए थे. इससे पहले उन्होंने संसदीय मामलों के मंत्रालय में सेक्रेटरी के रूप में भी काम किया. वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार में उन्हें रक्षा मंत्रालय में नियुक्त किया गया था.

कुमार ने कानपुर में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग से सिविल इंजीनियरिंग में B.Tech किया है. उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट्स ऑफ इंडिया से बिज़नेस फाइनेंस की पढ़ाई भी की है. अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पर्यावरण अर्थशास्त्र की भी पढ़ाई कर चुके हैं.

बता दें कि चीफ इलेक्शन कमिश्नर की नियुक्ति के लिए एक सिलेक्शन कमिटी द्वारा नाम तय किया जाता है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में 17 फरवरी की शाम को एक बैठक हुई. इस बैठक में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे. ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब कांग्रेस पार्टी ने 17 फरवरी को मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए हुई बैठक पर आपत्ति जताई है. 

कांग्रेस ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को चुनने को लेकर बैठक हुई. हमारा मानना ​​है कि चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस मामले की सुनवाई 19 फरवरी को होगी और कमिटी का गठन किस तरह का हो, इस पर फैसला दिया जाएगा, ऐसे में आज की बैठक टाल दी जानी चाहिए थी.

वीडियो: चुनाव आयुक्त से सेलेक्शन से पहले धनखड़ ने CJI को लेकर क्या बड़ी बात कह दी?

Advertisement

Advertisement

()