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जम्मू-कश्मीर के डोडा में बादल फटने से चार की मौत, कई मकान तबाह

मौसम विभाग ने 27 अगस्त तक जम्मू संभाग के ऊंचाई वाले इलाकों में बादल फटने की संभावना जताई है. वहीं, खराब मौसम की वजह से वैष्णो देवी की यात्रा भी अस्थायी रूप से रोक दी गई है.

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अर्पित कटियार
| सुनील जी भट्ट
26 अगस्त 2025 (पब्लिश्ड: 02:33 PM IST)
 Jammu Doda Cloudburst:
कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है (फोटो: आजतक)
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जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में बादल फटने के बाद तबाही का मंजर (Jammu Doda Cloudburst) देखने को मिल रहा है. अचानक आई इस बाढ़ से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, 10 से ज्यादा मकान तबाह हो गए हैं. इससे पहले कठुआ और किश्तवाड़ में भी ऐसी ही तबाही आई थीं. जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी. 

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, डोडा जिले के थाथरी उप-मंडल में बादल फटने की खबर सामने आई है. जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है. प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू टीम ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है. भूस्खलन और पत्थर गिरने के खतरे को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे को बंद कर दिया है. खराब मौसम की वजह से वैष्णों देवी की यात्रा भी अस्थायी रूप से रोक दी गई है. 

यह घटना ऐसे समय में हुई जब मौसम विभाग ने कठुआ, सांबा, डोडा, जम्मू, रामबन और किश्तवाड़ जिलों सहित जम्मू क्षेत्र के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी थी. खराब मौसम को देखते हुए जम्मू संभाग में सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रहे. 

रिपोर्ट के मुताबिक, तवी नदी उफान पर है. कई नदियों और नालों में जलस्तर पहले ही खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. अधिकारियों ने कम से कम 27 अगस्त तक ऊंचाई वाले इलाकों में बादल फटने, अचानक बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई है. अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में बचाव और राहत टीमों को अलर्ट पर रखा गया है.

प्रशासन ने 26 अगस्त शाम तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. ऐसे में राहत कार्य में भी बाधा आ सकती है. बादल फटने की घटना के बाद इलाके में सैलाब दिख रहा है, जिससे रास्ते में आने वाले पेड़ और मकानों को भारी नुकसान हुआ है. डोडा में बादल फटने के बाद कई घर पानी में बह चुके हैं और कुछ मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं.

ये भी पढ़ें: बादल फटता क्यों है? इस आपदा से बचने का कोई तरीका मौजूद है?

हिमाचल प्रदेश के हालात

व्यास नदी में आये उफान के चलते कुल्लू-मनाली NH3 का एक बड़ा हिस्सा बह गया. वहीं, मनाली के बाहंग में एक दो मंजिला इमारत पानी की भेंट चढ़ गई. इससे पहले यहां दो रेस्टोरेंट और दो दुकानें ढह चुकी थी. मंडी जिले में जारी बारिश के बीच व्यास नदी का जलस्तर बढ़ गया है. पंडोह डैम से 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है.

वीडियो: हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर, बादल फटने से हुई भारी तबाही

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