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बिहार में गंगा में डूबती महिला को मिला 'मुर्दे का सहारा', लाश के पैरों में सिर फंसाकर बचाई जान

Bhagalpur Bihar: 70 साल की कुमकुम देवी एक अन्य महिला के साथ गंगा स्नान के लिए गई थीं. तभी अचानक तेज धारा में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे डूबने लगीं. उनके साथ जो महिला थी, उसकी डूबने से मौत हो गई.

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12 अगस्त 2025 (पब्लिश्ड: 11:48 PM IST)
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कुमकुम देवी ने लाश के पैर पकड़कर अपनी जान बचाई. (India Today)
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बिहार में बाढ़ का कहर जारी है और गंगा नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर बह रहा है. इस बीच भागलपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने 'डूबते को तिनके का सहारा' को 'डूबते को मुर्दे का सहारा' में तब्दील कर दिया. 70 साल की कुमकुम देवी गंगा नदी के तेज बहाव में बह रही थीं, लेकिन एक लाश के सहारे उन्होंने अपनी जान बचा ली. कुमकुम मुंगेर जिले के बरियारपुर की रहने वाली हैं और भागलपुर के सुल्तानगंज में फूल बेचकर अपना गुजारा करती हैं.

यह घटना 6 दिन पहले सुल्तानगंज नमामि गंगे घाट की है. इंडिया टुडे से जुड़े राजीव सिद्धार्थ की रिपोर्ट के मुताबिक, कुमकुम देवी एक अन्य महिला के साथ गंगा स्नान के लिए गई थीं. तभी अचानक तेज धारा में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे डूबने लगीं. उनके साथ जो महिला थी, उसकी डूबने से मौत हो गई.

कुमकुम देवी की मानें तो बहाव में हिम्मत दिखाते हुए उन्होंने महिला की लाश के दोनों पैरों के बीच अपना सिर फंसा लिया और मजबूती से पकड़ लिया. तेज बहाव उन्हें लगभग 7 किलोमीटर नीचे की ओर तिलकपुर गांव तक ले गया.

स्थानीय निवासी कुंदन कुमार ने बताया,

"ये सुल्तानगंज में फूल बेचती हैं. इनका नाम कुमकुम देवी है. इन्होंने बताया हम गंगा जी में सुबह लगभग तीन बजे साथ गए, जिसमें कि एक महिला की मृत्यु हो गई. उसका पैर पकड़ते हुए (महिला) तिलकपुर तक आई हैं. तिलकपुर में बंटी यादव और उनका भतीजा बलराम कुमार हैं, उन्होंने बचाया... पानी चला गया था, जिसके कारण उन्हें उल्टी हुई. अभी सुरक्षित हैं... खुद बोल रही हैं कि वो महिला हमारे लिए भगवान थीं."

तिलकपुर में नाविक बंटी यादव और उनके भतीजे बलराम कुमार ने कुमकुम देवी को बहते देखा. तब दोनों ने नाव की मदद से उन्हे किनारे पर सुरक्षित पहुंचाया. किनारे पर आने के बाद पानी निगल जाने की वजह से कुमकुम देवी को उल्टियां हुईं, लेकिन वे खतरे से बाहर थीं. कुंदन कुमार ने बताया कि तिलकपुर के पिंकू यादव और उनकी पत्नी ने कुमकुम देवी की पूरी सेवा-देखभाल की है.

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