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'RCB जिम्मेदार, पुलिसवाले इंसान हैं भगवान नहीं', बेंगलुरु भगदड़ पर ट्रिब्यूनल बोला

Bengaluru Stampede के मामले में कर्नाटक सरकार ने 9 जून को पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया था. लेकिन IPS विकास कुमार ने सस्पेंशन को सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) में चुनौती दी थी. इस पर सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने क्या कहा?

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1 जुलाई 2025 (पब्लिश्ड: 03:37 PM IST)
Bengaluru Stampede
बेंगलुरु भगदड़ मामले में सस्पेंडेड IPS अधिकारी को राहत मिली है. (फ़ाइल फ़ोटो- इंडिया टुडे)
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बेंगलुरु के चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ के लिए सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को दोषी ठहराया है. इस भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी. ट्रिब्यूनल ने IPS अधिकारी विकास कुमार का सस्पेंशन भी रद्द कर दिया है.

सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने कहा कि RCB ने जीत के जश्न के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. जिससे स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई. इस दौरान, पुलिस को उचित व्यवस्था करने का समय नहीं मिला. आदेश में कहा गया है,

RCB ने पुलिस से उचित मंजूरी या सहमति नहीं ली. अचानक उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया. समय की कमी के कारण, पुलिस उचित व्यवस्था नहीं कर पाई. पुलिस से ये उम्मीद नहीं की जा सकती कि लगभग 12 घंटे से कम समय में सभी ज़रूरी व्यवस्थाएं कर ली जाएंगी. 

NDTV में छपी ख़बर के मुताबिक़, ट्रिब्यूनल ने आगे कहा,

पुलिसकर्मी भी इंसान हैं. वो न तो भगवान हैं और न ही जादूगर. उनके पास 'अल्लादीन के चिराग' जैसी जादुई शक्तियां नहीं हैं कि वो उंगली रगड़कर कोई इच्छा पूरी कर सकें.

बेंगलुरु भगदड़ के मामले में कर्नाटक सरकार ने 9 जून को पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया था. केंद्र ने दो दिन पहले यानी 29 जून को 3 अधिकारियों के सस्पेंशन को मंजूरी दी थी. लेकिन IPS विकास कुमार ने सस्पेंशन को सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) में चुनौती दी. 

विकास कुमार तब बेंगलुरु (वेस्ट) के इंस्पेक्टर जनरल और एडिशनल कमिश्नर के रूप में काम कर रहे थे. उन्हें चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम का इंचार्ज नियुक्त किया गया था. जहां भगदड़ की घटना हुई थी. ट्रिब्यूनल ने विकास के सस्पेंशन को रद्द करते हुए कहा,

IPS अधिकारी के सस्पेंशन के छोटे से समय को सर्विस के समय के रूप में गिना जाना चाहिए.

ट्रिब्यूनल ने कर्नाटक सरकार को दो अन्य अधिकारियों के सस्पेंशन को रद्द करने पर विचार करने का भी सुझाव दिया. इन अधिकारियों के नाम- बी दयानंद, जो बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर और शेखर एच टेक्कन्नावर, जो डिप्टी पुलिस कमिश्नर थे.

हालांकि, केंद्र सरकार के पास ट्रिब्यूनल के फ़ैसले को चुनौती देने का विकल्प है.

ये भी पढ़ें- बेंगलुरु भगदड़: क्या 11 जिंदगियां बचाई जा सकती थीं?

Bengaluru Stampede

4 जून को चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास मची भगदड़ में 14 साल की लड़की समेत 11 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए थे. जहां बड़ी संख्या में लोग RCB की जीत के जश्न में भाग लेने के लिए इकट्ठा हुए थे. BJP ने इसे ‘सरकार द्वारा कराई गई भगदड़’ करार दिया था. साथ ही, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सरकार को इस घटना के लिए ज़िम्मेदार ठहराया था.

वीडियो: बेंगलुरु भगदड़ के बाद ट्रेंड कर रहा #ArrestKohli, विराट कोहली के खिलाफ भी शिकायत दर्ज

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