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परफ्यूम-Deo कपड़ों पर छिड़कना चाहिए या सीधे स्किन पर? जान लीजिए, Thank you कहेंगे!

चेहरे, गले और अंडरआर्म्स की स्किन काफ़ी पतली और नाज़ुक हो जाती है. अगर इन जगहों पर परफ्यूम लगाया जाए, तो वहां पिगमेंटेशन यानी गहरे धब्बे पड़ सकते हैं.

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why is applying perfume on the skin considered risky & what problems can it cause
डिओडोरेंट आमतौर पर स्किन के लिए सूटेबल होते हैं
2 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 2 फ़रवरी 2026, 06:05 PM IST)
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आप परफ्यूम या डिओडरेंट स्किन पर छिड़कते हैं या कपड़ों पर? परफ्यूम और डिओडरेंट की खुशबू देर तक बनी रहे. इसलिए कई लोग इन्हें सीधा स्किन पर लगा लेते हैं. कभी अपनी गर्दन पर छिड़कते हैं, तो कभी हाथों पर. पर ऐसा करना यानी परफ्यूम को सीधे स्किन पर छिड़कना सेफ है भी या नहीं? ये पता करेंगे आज.

डॉक्टर से समझेंगे कि क्या स्किन पर डायरेक्ट परफ्यूम या डिओडरेंट लगाना चाहिए. गले पर परफ्यूम लगाना रिस्की क्यों कहा जाता है. स्किन पर सीधे परफ्यूम या डिओडरेंट लगाने के नुकसान क्या हैं. ये भी जानेंगे कि क्या परफ्यूम या डिओडरेंट स्किन पर लगाने से कैंसर का रिस्क है. और परफ्यूम या डिओडरेंट लगाते समय किन बातों का ध्यान रखें. 

क्या स्किन पर डायरेक्ट परफ्यूम या डिओडरेंट लगाना चाहिए?

ये हमें बताया डॉक्टर चांदनी जैन गुप्ता ने. 

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डॉ. चांदनी जैन गुप्ता, हेड, डर्मेटोलॉजी, एलांटिस हेल्थकेयर, दिल्ली

स्किन पर सीधे परफ्यूम या डिओडरेंट नहीं लगाना चाहिए. फिर भी लगा रहे हैं, तो ये ज़रूर देखें कि वो स्किन को सूट कर रहा है या नहीं. तेज़ खुशबू या ज़्यादा केमिकल्स वाले परफ्यूम स्किन पर लगाने से जलन हो सकती है. जिन लोगों को एक्ज़िमा या डर्मेटाइटिस है, उनकी दिक्कत बढ़ सकती है. स्किन में खुजली, रेडनेस या जलन महसूस हो सकती है.

गले पर परफ्यूम लगाना रिस्की क्यों?

गले पर परफ्यूम लगाना रिस्की है क्योंकि गले पर सीधे धूप पड़ती है. गले पर परफ्यूम लगाने से वो जगह फोटो-सेंसेटिव हो सकती है यानी धूप से जल्दी रिएक्शन हो सकता है. इससे स्किन में खुजली, जलन या छाले भी पड़ सकते हैं.

स्किन पर डायरेक्ट परफ्यूम या डिओडरेंट लगाने के नुकसान

स्किन पर सीधे परफ्यूम या डिओडरेंट लगाने से स्किन बहुत फोटो-सेंसेटिव हो सकती है. चेहरे, गले और अंडरआर्म्स (बगलों) की स्किन काफ़ी पतली और नाज़ुक हो जाती है. अगर इन जगहों पर परफ्यूम लगाया जाए, तो वहां पिगमेंटेशन यानी गहरे धब्बे पड़ सकते हैं. इससे ज़्यादा जलन, खुजली और एक्ज़िमा होने का चांस बढ़ जाता है. अगर स्किन पर कुछ लगाना ही है, तो परफ्यूम के बजाय डिओडरेंट लगाएं. ऐसा डिओडरेंट, जो स्किन को सूट करता हो और बगलों में लगाने के लिए बना हो.

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परफ्यूम लगाने से कैंसर का रिस्क नहीं है (फोटो: Freepik)
परफ्यूम या डिओडरेंट स्किन पर लगाने से कैंसर का रिस्क है?

ऐसी कोई ठोस स्टडी नहीं है, जो साबित करे कि स्किन पर परफ्यूम या डिओडरेंट लगाने से कैंसर होता है. ब्रेस्ट कैंसर को लेकर एक एसोसिएशन स्टडी ज़रूर की गई थी. इसमें देखा गया कि परफ्यूम में मौजूद कुछ केमिकल्स शरीर के हॉर्मोन्स की तरह काम कर सकते हैं. जिससे ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है. लेकिन, इस स्टडी को गंभीर नहीं माना गया क्योंकि दोनों के बीच कोई ठोस कनेक्शन नहीं मिला.

परफ्यूम या डिओडरेंट लगाते समय किन बातों का ध्यान रखें?

हमेशा परफ्यूम या डिओडरेंट की एक्सपायरी डेट चेक करें. अगर प्रोडक्ट एक्सपायर हो चुका है, तो उसे इस्तेमाल न करें. इससे स्किन में जलन या रेडनेस हो सकती है. ये भी देखें कि प्रोडक्ट स्किन के लिए बना है या कपड़ों के लिए. ज़्यादातर परफ्यूम कपड़ों पर लगाने के लिए बने होते हैं. वहीं, डिओडरेंट आमतौर पर स्किन के लिए सूटेबल होते हैं. इन सभी बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है. जहां की स्किन पतली है, जैसे आंखों, गले या बगलों की. वहां बहुत ध्यान से डिओडरेंट लगाएं, वरना जलन हो सकती है  .

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

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