कुछ लोगों में हेयर ट्रांसप्लांट के बाद भी बाल क्यों नहीं उगते? और क्या औरतें भी ये करा सकती हैं?
कुछ हेयर ट्रांसप्लांट असफल क्यों हो जाते हैं. FUE और FUT ट्रांसप्लांट में क्या फ़र्क होता है. हेयर ट्रांसप्लांट के बाद क्या करना चाहिए और क्या नहीं. क्या महिलाएं भी हेयर ट्रांसप्लांट करवा सकती हैं. और क्या उनमें हेयर ट्रांसप्लांट सफ़ल होता है.
.webp?width=210)
लोग लाखों रुपए खर्चा करके हेयर ट्रांसप्लांट करवाते हैं. इस उम्मीद में कि उनके बाल दोबारा उग आएंगे. घने निकलेंगे. लेकिन ऐसा सबके साथ नहीं होता. कुछ लोगों में हेयर ट्रांसप्लांट करवाने के बाद भी या तो बाल घने नहीं निकलते. अगर निकलते भी हैं, तो कुछ टाइम बाद दोबारा हेयर फॉल हो जाता है. पर ऐसा क्यों होता है? क्या हेयर ट्रांसप्लांट ठीक नहीं हुआ या दिक्कत बालों में है. इस सवाल का जवाब जानेंगे आज.
डॉक्टर से समझेंगे, कुछ हेयर ट्रांसप्लांट असफल क्यों हो जाते हैं. FUE और FUT ट्रांसप्लांट में क्या फ़र्क होता है. हेयर ट्रांसप्लांट के बाद क्या करना चाहिए और क्या नहीं. क्या महिलाएं भी हेयर ट्रांसप्लांट करवा सकती हैं. और क्या उनमें हेयर ट्रांसप्लांट सफ़ल होता है.
FUE और FUT ट्रांसप्लांट में क्या फ़र्क?ये हमें बताया डॉक्टर अभिषेक पिलानी ने.
FUE यानी फॉलिक्युलर यूनिट एक्सट्रैक्शन. FUT यानी फॉलिक्युलर यूनिट ट्रांसप्लांटेशन. FUT थोड़ा पुराना तरीका है. इसमें सिर के पीछे यानी डोनर एरिया से स्किन की एक परत निकालकर आगे की तरफ़ टांकों से लगाई जाती है. इससे सिर के पीछे निशान पड़ जाता है. ये एरिया कभी ठीक नहीं होता. इस प्रोसीजर से बाल भी कम निकलते हैं.
वहीं, FUE में सिर के पीछे से बाल की जड़ निकाली जाती है. इसे फॉलिकल कहते हैं. ये बहुत ध्यान से एक मशीन की मदद से किया जाता है. जिससे आसपास की स्किन को नुकसान न पहुंचे और ज़्यादा से ज़्यादा बालों की जड़ों को निकाला जा सके. FUE हेयर ट्रांसप्लांट ज़्यादा एडवांस्ड है.
कुछ हेयर ट्रांसप्लांट असफल क्यों हो जाते हैं?सबसे पहले सही परामर्श लेना ज़रूरी है. ये समझना ज़रूरी है कि हेयर ट्रांसप्लांट की ज़रूरत किसे है. ये भी देखा जाता है कि डोनर एरिया यानी जहां से बालों की जड़ निकाली जाएगी, वो कैसा है. पेशेंट हेयर ट्रांसप्लांट से क्या चाहता है, ये बात साफ़ होनी चाहिए. किस डॉक्टर से ट्रांसप्लांट करवाया जा रहा है, काफ़ी कुछ इस पर भी निर्भर करता है. हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी की सही प्लानिंग होना ज़रूरी है. ये देखना ज़रूरी है कि 15 साल बाद भी हेयर ट्रांसप्लांट कैसा दिखेगा. बालों की क्वालिटी कैसी है. ये सब ध्यान में रखकर ट्रांसप्लांट करना चाहिए. ये सर्जरी एक प्लास्टिक सर्जन या ट्रेंड डर्मेटोलॉजिस्ट से ही करवानी चाहिए. इन सब बातों का ध्यान रखा जाए तो ट्रांसप्लांट सफ़ल होगा.
हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी के बाद 10-15 दिन हैवी वेट एक्सरसाइज़ न करें. बालों को पानी से नहीं धोना है. स्विमिंग नहीं करनी है. ज़्यादा पसीना आने से बचना चाहिए. सर्जरी के 10 दिन बाद जब डॉक्टर सिर धो देते हैं, उसके बाद कोई ख़ास पाबंदी नहीं होती. नॉर्मल रूटीन फॉलो कर सकते हैं.
जिन पेशेंट में ट्रांसप्लांट हुआ है और पहले से सिर पर बाल हैं. उन्हें डॉक्टर की सलाह लेकर एक रूटीन फॉलो करना चाहिए. डॉक्टर की बताई हुई दवा या सप्लीमेंट लेने चाहिए.
क्या महिलाएं भी हेयर ट्रांसप्लांट करवा सकती हैं?आजकल कई महिलाएं भी हेयर ट्रांसप्लांट करवाती हैं. PCOD, स्ट्रेस, हॉर्मोनल बदलाव, थायरॉइड, हीमोग्लोबिन जैसे कारणों से महिलाओं का भी हेयर लॉस होने लगा है. ट्रांसप्लांट से पहले हेल्थ कंडीशंस, जैसे PCOD को कंट्रोल करना ज़रूरी है. अगर हेयर लॉस के बाद स्कैल्प दिखने लगा है और बाल दोबारा उगना पॉसिबल नहीं है. दवाइयां और थेरेपी भी असर नहीं कर रही. तब महिलाओं में हेयर ट्रांसप्लांट हो सकता है. ये सफ़ल भी होता है.
हेयर ट्रांसप्लांट करवाने से पहले ज़रूरी है एक अच्छे डॉक्टर से कंसल्टेशन लेना. जिससे सर्जरी से पहले आपको चीज़ें साफ़ तौर पर पता रहें. सबसे ज़रूरी बात, हेयर ट्रांसप्लांट एक क्वालिफाइड डॉक्टर से ही करवाएं. लोगों की बातों में न आएं.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
वीडियो: सेहत: ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स का पक्का इलाज!

.webp?width=60)


