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वज़न घटाने के बाद दोबारा बढ़ने लगे, तो क्या करें?

देखा गया है कि वज़न घटाने के बाद, वही वज़न 1-2 साल में वापस आ जाता है. इसलिए एक बार वज़न घट जाए, तो दोबारा वही पुरानी गलतियां न करें.

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why do people regain weight after dieting what mistakes should be avoided
वज़न घटाना मुश्किल है, उससे भी मुश्किल है घटा वज़न बनाए रखना (फोटो: Freepik)
8 जनवरी 2026 (Published: 02:53 PM IST)
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इतनी मेहनत करके वज़न घटाया. खूब डाइटिंग की. वज़न घटा भी. अच्छा-ख़ासा वेट लॉस हुआ. सबने तारीफ़ भी की. लेकिन, कुछ वक़्त बाद वज़न दोबारा बढ़ गया. आखिर इंसान कब तक स्ट्रिक्ट डाइटिंग कर सकता है? खाने को लेकर मन मार सकता है?  जैसे ही दोबारा खाना-पीना शुरू किया. सारा घटाया हुआ वज़न वापस. ऐसा बहुत लोगों के साथ ऐसा होता है. तो हमने सोचा क्यों न डॉक्टर से पूछा जाए कि आखिर डाइटिंग करने के बाद वज़न दोबारा क्यों बढ़ जाता है. डाइटिंग करते हुए कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए. और, वज़न घटाने का सही और असरदार तरीका क्या है.

डाइटिंग करने के बाद वज़न दोबारा क्यों बढ़ जाता है?

ये हमें बताया डॉ. प्रेरणा गोयल ने. 

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डॉ. प्रेरणा गोयल, सीनियर कंसल्टेंट, आरजी हॉस्पिटल्स, लुधियाना

मोटापे को कम करना जितनी बड़ी चुनौती है. उतनी ही बड़ी चुनौती घटे हुए वज़न को बनाए रखना है. ऐसा देखा गया है कि वज़न घटाने के बाद, वही वज़न 1-2 साल में वापस आ जाता है.

जब वज़न ज़्यादा होता है, तो शरीर के फैट सेल्स में एक मेमोरी (याद) स्टोर हो जाती है. इसे मेटाबॉलिक मेमोरी कहते हैं. आसान भाषा में समझें तो हमारे फैट सेल्स को मोटापे की आदत पड़ जाती है. जब हम वज़न कम करते हैं, तब वेट लॉस को शरीर एक गिरावट के रूप में देखता है. 

शरीर में ऐसी प्रतिक्रिया शुरू हो जाती है, जिससे दोबारा वज़न बढ़ने लगता है. इसके चलते दो ज़रूरी हॉर्मोन्स लेप्टिन और घ्रेलिन में उतार-चढ़ाव आता है. नतीजा? हमें ज़्यादा भूख लगती है और ज़्यादा खाने की क्षमता बढ़ जाती है. इस वजह से वज़न घटने के बाद, दोबारा बढ़ना शुरू हो जाता है.

दूसरा कारण है मेटाबॉलिज्म. जब हम ग़लत डाइटिंग करते हैं, तो हमारा मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है. मेटाबॉलिज्म यानी किस दर से हमारा शरीर कैलोरीज़ खर्च कर रहा है. ग़लत तरह डाइटिंग करने से फैट के साथ-साथ मांसपेशियों में भी गिरावट आती है. मांसपेशियां कैलोरीज़ खर्च करने में अहम भूमिका निभाती हैं. जब हम डाइट छोड़ते हैं, तो कम मांसपेशियों के कारण शरीर उतनी कैलोरीज़ नहीं खर्च कर पाता. जो कैलोरीज़ शरीर में जाती हैं, उनसे मोटापा बढ़ता है.

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वज़न घटाने के लिए कम खाने से ज़्यादा संतुलित खाना ज़रूरी है (फोटो: Freepik)
डाइटिंग करते हुए कौन-सी गलतियां न करें?

-या तो बिलकुल नहीं खाना या बहुत ज़्यादा क्रैश डाइट करना

-दो अलग-अलग भोजन के बीच बहुत ज़्यादा गैप होना

-अगर लंबे समय तक वज़न को मेंटेन करना है तो संतुलित खाना खाना ज़रूरी है

-जैसे प्रोटीन, फाइबर और गुड फैट्स

-एकदम से कैलोरीज़ कम न करें, धीरे-धीरे घटाएं

-कितनी मात्रा में खाना है, इसकी भी सही जानकारी होना ज़रूरी है

-पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं

-अच्छी नींद लें क्योंकि नींद की कमी से भूख वाले हॉर्मोन्स बढ़ने लगते हैं

-हर हफ़्ते 4-5 दिन एक्सरसाइज़ करें, इससे मांसपेशियां मज़बूत रहती हैं और मेटाबॉलिज़्म बूस्ट होता है 

-सबसे ज़रूरी है स्ट्रेस  मैनेज करना

-अगर वेट लॉस के बाद वेट मेंटेन करना है तो मेटाबॉलिक मेमोरी को रिसेट करना पड़ेगा

-ऐसा तभी होगा जब डाइट, लाइफस्टाइल, एक्सरसाइज और रूटीन में लंबे समय के लिए बदलाव किए जाएंगे

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

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