अचानक एक कान से कम सुनाई दे रहा? 24 घंटे में इलाज ज़रूरी वर्ना हियरिंग लॉस हो सकता है
क्यों अचानक कम सुनाई देना एक मेडिकल इमरजेंसी है, जानेंगे आज. डॉक्टर से समझेंगे कि इसके पीछे क्या वजहें हैं. किन लक्षणों को बिल्कुल नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए. Sudden Hearing Loss का इलाज क्या है और समय पर इलाज क्यों ज़रूरी है. साथ ही पता करेंगे, इससे बचने का तरीका.

रात को पार्टी में तेज़ डीजे पर खूब डांस किया. अगली सुबह उठे, तो एक कान से कम सुनाई दे रहा था. बहुत धीमी आवाज़ आ रही. सोचा अभी डॉक्टर को क्या दिखाना, दिक्कत थोड़ी देर में ठीक हो जाएगी. लेकिन यही लापरवाही भारी पड़ सकती है. अगर Sudden Hearing Loss हो, यानी अचानक एक कान से कम सुनाई देने लगे तो 24 घंटे के भीतर इलाज शुरू करना बहुत ज़रूरी है. वर्ना उस कान से सुनाई देना हमेशा के लिए बंद हो सकता है.
क्यों अचानक कम सुनाई देना एक मेडिकल इमरजेंसी है, जानेंगे आज. डॉक्टर से समझेंगे कि इसके पीछे क्या वजहें हैं. किन लक्षणों को बिल्कुल नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए. Sudden Hearing Loss का इलाज क्या है और समय पर इलाज क्यों ज़रूरी है. साथ ही पता करेंगे, इससे बचने का तरीका.
अचानक कम सुनाई देने की वजहेंये हमें बताया डॉक्टर (मेजर) राजेश भारद्वाज ने.

सडन सेंसोरीन्यूरल हियरिंग लॉस एक मेडिकल इमरजेंसी है. इसमें सुनने वाली नस अचानक कमज़ोर हो जाती है. इसकी मुख्य वजह वायरल इंफेक्शन या ब्लड सर्कुलेशन की दिक्कत मानी जाती है. हालांकि, इसकी सटीक वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है.
माना जाता है कि वायरल इंफेक्शन इनर ईयर (कान के अंदरूनी हिस्से) पर असर डाल सकता है. इससे कान की सुनने की क्षमता अचानक कम हो सकती है. कई बार इनर ईयर और सुनने वाली नस तक खून का फ्लो कुछ समय के लिए रुक जाता है. ब्लड सर्कुलेशन में ये रुकावट अचानक हियरिंग लॉस का कारण बन सकती है. इसकी वजह से व्यक्ति को एकदम से कम सुनाई देने लगता है.
अचानक कम सुनाई देना एक मेडिकल इमरजेंसी है?सडन सेंसोरीन्यूरल हियरिंग लॉस एक मेडिकल इमरजेंसी है. अगर कान सुन्न होने लगे, अचानक कम सुनाई दे तो इसे हल्के में न लें. कान में दर्द न होने पर भी समस्या गंभीर हो सकती है. इसके अलावा, अगर चक्कर आएं. कान में सांय-सांय, सीटी बजने या भिनभिनाने जैसी आवाज़ें लगातार सुनाई दें. तब ये एक मेडिकल इमजेंसी है, आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए.
इस स्थिति में कान के अंदरूनी हिस्से को नुकसान पहुंच रहा होता है. कॉक्लिया के हियरिंग सेल्स डैमेज होने लगते हैं. कॉक्लिया कान के अंदर मौजूद वो हिस्सा है, जो आवाज़ को दिमाग तक पहुंचाने में मदद करता है. ये नुकसान धीरे-धीरे सुनने वाली नस तक बढ़ सकता है. इसलिए इस डैमेज को जल्दी रोकना बहुत ज़रूरी है. अगर एक-दो दिन के अंदर इलाज शुरू हो जाए, तो रिकवरी की संभावना बेहतर रहती है.
दो हफ्ते के अंदर इलाज शुरू करने पर अच्छे रिजल्ट देखे जाते हैं. 2 से 4 हफ्ते के बीच भी इलाज से कुछ फ़ायदा मिल सकता है. लेकिन 4 हफ्ते के बाद इलाज का असर काफी कम हो जाता है. इसलिए, जल्द से जल्द इलाज लेना ज़रूरी है. देरी होने पर कान को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है. सही समय पर इलाज न मिलने से सुनने की क्षमता हमेशा के लिए जा सकती है.

सडन सेंसोरीन्यूरल हियरिंग लॉस का इलाज लंबे समय से किया जा रहा है. अब इसके इलाज के लिए कुछ नई तकनीकें भी उपलब्ध हैं. इसका सबसे आम और असरदार इलाज ओरल स्टेरॉयड देना है. इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि मरीज़ कितने समय बाद डॉक्टर के पास पहुंचा है. मरीज़ की उम्र कितनी है, उसे कोई दूसरी बीमारी तो नहीं है. अगर डायबिटीज़ है तो वो कंट्रोल में है या नहीं, मरीज़ इंसुलिन ले रहा है या नहीं. कोई दूसरी मेडिकल कंडीशन या कॉम्प्लिकेशन तो नहीं है, जिसमें ओरल स्टेरॉयड देना सुरक्षित न हो. इलाज से पहले इन सब बातों का ध्यान रखा जाता है.
आजकल एक नई ट्रीटमेंट तकनीक भी इस्तेमाल की जा रही है. इसे इंट्राटिम्पेनिक स्टेरॉयड इंजेक्शन (ITSI) कहा जाता है. कई मामलों में ओरल स्टेरॉयड के साथ ये इंजेक्शन भी दिया जाता है. इससे दवा सीधे कान के अंदर बेहतर तरीके से पहुंचती है. इसके साइड इफेक्ट कम होते हैं, इलाज का रिस्पॉन्स बेहतर मिलता है. कई मरीज़ों में रिकवरी भी तेज़ी से होती है.
अगर सही समय पर इलाज के बाद भी सुधार नहीं हो रहा. अगर मरीज एक ही कान से सुन पा रहा हो. अगर पूरा स्टेरॉयड ट्रीटमेंट देना संभव नहीं है. तब ऐसे में हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी (HBO2) दी जा सकती है. इसमें मरीज़ को एक खास चेंबर में हाई प्रेशर के साथ ऑक्सीजन दी जाती है. इससे कान की स्थिति में सुधार और रिकवरी की संभावना बढ़ सकती है.
अचानक बहरापन होने से कैसे बचें?सडन सेंसोरीन्यूरल हियरिंग लॉस के ज़्यादातर मामलों की सटीक वजह पता नहीं होती. लेकिन कुछ मामलों में इसके पीछे खास कारण हो सकते हैं. हर्पीज़ ज़ॉस्टर जैसे वायरल इंफेक्शन की वजह से सुनाई देना अचानक कम हो सकता है. इससे बचाव के लिए शिंगल्स वैक्सीन ज़रूर लगवाएं.
बहुत तेज़ आवाज़ के संपर्क में रहने से भी हियरिंग लॉस हो सकता है. इसे एकूस्टिक ट्रॉमा कहा जाता है. इसलिए बहुत तेज़ आवाज़ से बचना ज़रूरी है. लैबरिन्थाइटिस भी इसका एक कारण हो सकता है. इसमें कान के अंदरूनी हिस्से में इंफेक्शन हो जाता है. अगर कान में इंफेक्शन या कोई दिक्कत हो, तो समय पर इलाज कराना ज़रूरी है.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
वीडियो: सेहत: अचानक कम सुनाई दे रहा? तुरंत डॉक्टर के पास भागें

