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हाई बीपी, डायबिटीज़ और थायरॉइड डिसऑर्डर्स...कौन है सबसे ज्यादा घातक?

तीनों ही बीमारियां लाइफस्टाइल से जुड़ी हैं. ये सब शरीर पर अपना-अपना असर छोड़ती हैं और उसे खोखला बना देती हैं.

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which is the most life-threatening between high bp diabtetes and thyroid disorders
भारत में करोड़ों लोग इन तीन बीमारियों से जूझ रहे हैं
9 जून 2025 (अपडेटेड: 14 जुलाई 2025, 02:50 PM IST)
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हमारे देश की राजधानी क्या है? आप कहेंगे, दिल्ली. बिल्कुल सही जवाब. अब ये बताइए, भारत किसकी राजधानी है? आप कहेंगे, अरे भाई, हिंदुस्तान थोड़े ही किसी की राजधानी है. ये तो देश है. सही बात. लेकिन, भारत है ‘डायबिटीज़ कैपिटल ऑफ़ द वर्ल्ड’. दरअसल,  दुनियाभर में डायबिटीज़ के जितने भी मामले हैं, उनमें से 17% भारत में पाए जाते हैं. ICMR यानी इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, 2023 में हमारे देश में डायबिटीज़ के मामले 10 करोड़ पार कर चुके थे. ये नंबर लगातार बढ़ रहा है.

ऐसा भी नहीं है कि हमारे देश में सिर्फ डायबिटीज़ के मामले बढ़े हैं. हाइपरटेंशन यानी हाई बीपी के मामले भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं. ICMR के मुताबिक, देश में 31.5 करोड़ लोगों को हाई बीपी की शिकायत है. इसके बावजूद, हर 10 में से 3 भारतीय अपनी पूरी ज़िंदगी में कभी भी बीपी की जांच नहीं कराते.

एक और बीमारी है, जो हमारे देश में बहुत आम है. आम बोलचाल की भाषा में इसे थायरॉइड कहते हैं. लेकिन, थायरॉइड हमारे गले में तितली के आकार की ग्रंथी होती है. इसका काम है थायरॉइड हॉर्मोन बनाना. इससे जुड़े डिसऑर्डर्स हिन्दुस्तान में एक बड़ी समस्या हैं. जैसे हाइपोथायरॉइडिज़्म और हाइपरथायरॉइडिज़्म. Indian Journal Of Endocrinology And Metabolism में एक रिपोर्ट छपी है. इसमें कई स्टडीज़ के हवाले से बताया गया है कि देश में 4 करोड़ से ज़्यादा लोग थायरॉइड की बीमारियों से जूझ रहे हैं. 

देखिए, तीनों ही बीमारियां लाइफस्टाइल से जुड़ी हुई हैं. ये सब अपना-अपना असर शरीर पर छोड़ती हैं. शरीर को खोखला बनाने की कोशिश करती हैं. पर इनमें सबसे ज़्यादा घातक कौन है? चलिए, समझते हैं. ये भी पता करेंगे कि इन बीमारियों से शरीर को क्या नुकसान होता है? 

हाई बीपी से शरीर को क्या नुकसान होता है?

ये हमें बताया डॉक्टर इशिता गुप्ता ने. 

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डॉ. इशिता गुप्ता, असिस्टेंट डायरेक्टर, सेंटर फॉर क्रोनिक डिज़ीज़ कंट्रोल

हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर कहा जाता है. ये बिना लक्षणों के शरीर में गंभीर नुकसान पहुंचाता है. हाई ब्लड प्रेशर से शरीर के कई अंगों पर असर पड़ता है. जैसे दिल. इससे हार्ट अटैक और हार्ट फ़ेलियर का ख़तरा बढ़ जाता है. दिमाग पर भी असर पड़ता है, जिससे स्ट्रोक का ख़तरा बढ़ जाता है. इससे किडनी पर असर पड़ता है, जिससे किडनी फ़ेल हो सकती है. आंखों पर भी असर पड़ता है, जिससे नज़र कमज़ोर हो जाती है. हाई बीपी खून की नलियों पर भी असर डालता है, जिससे शरीर के बाकी अंग प्रभावित होते हैं.

डायबिटीज़ से शरीर को क्या नुकसान होता है?

डायबिटीज़ यानी हाई ब्लड शुगर से भी शरीर को काफी नुकसान होता है. ये किडनी, आंखों और नर्व्स (तंत्रिकाओं) को सीधे नुकसान पहुंचाता है. जब डायबिटीज़ की वजह से किडनी ख़राब हो जाती है, तो इसे डायबिटिक नेफ्रोपैथी कहते हैं. जब आंखों की रोशनी पर असर पड़े, तो इसे डायबिटिक रेटिनोपैथी कहते हैं. वहीं, जब नर्व्स को नुकसान पहुंचता है, तो इसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहते हैं. इससे हाथ-पैर में झनझनाहट और सुन्नपन महसूस होता है. 

डायबिटीज़ की वजह से दिल की बीमारियों का ख़तरा भी बढ़ जाता है. जैसे स्ट्रोक और हार्ट अटैक. डायबिटीज़ की वजह से शरीर की चोटें धीरे-धीरे भरती हैं, जिससे इंफेक्शन का ख़तरा बढ़ जाता है.

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थायरॉइड ग्रंथि हमारे गले में मौजूद होती है 
थायरॉइड से शरीर को क्या नुकसान होता है?

थायरॉइड की समस्या दो प्रकार की होती है- हाइपरथायरॉइडिज़्म और हाइपोथायरॉइडिज़्म. हाइपोथायरॉइडिज़्म होने पर थकावट होती है. बाल झड़ने लगते हैं. डिप्रेशन का ख़तरा बढ़ जाता है. वज़न भी तेज़ी से बढ़ता है. इसमें दिल की धड़कनें धीमी हो जाती हैं. महिलाओं के पीरियड्स में गड़बड़ी होने लगती है. 

वहीं, हाइपरथायरॉइडिज़्म में बेचैनी महसूस होती है. व्यक्ति को नींद नहीं आती. वज़न भी तेज़ी से घटना शुरू हो जाता है. आंखों के आसपास सूजन आ जाती है. दिल की धड़कनें भी तेज़ हो जाती हैं.

तीनों में सबसे घातक कौन?

- ये तीनों ही बीमारियां गंभीर हैं और शरीर के कई अंगों पर असर डालती हैं.

- इसलिए, इन तीनों बीमारियों की नियमित जांच करानी चाहिए.

- अगर दिक्कत निकलती है तो सही समय पर इलाज कराना चाहिए.

- साथ ही, लाइफस्टाइल में सुधार करना चाहिए ताकि ये कंट्रोल में रहें.

देखिए, सिर्फ अपनी लाइफस्टाइल सुधारकर आप कई बीमारियों से बच सकते हैं. इनमें ये तीनों बीमारियां भी शामिल हैं. आपको बस हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट लेनी है. रोज़ थोड़ी एक्सरसाइज़ करनी है. अच्छे से सोना है. स्ट्रेस नहीं लेना है. तला-भुना या बहुत ज़्यादा मीठा खाने से बचना है. और हां, शराब, सिगरेट से दूर रहें. बस इतना कर लिया न, तो इन बीमारियों का रिस्क अपने आप घट जाएगा.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

वीडियो: सेहत: डायबिटीज़, हाई बीपी और थायरॉइड से शरीर को क्या नुकसान होता है?

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