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गर्मी में ज़्यादा पसीना आना कब ख़तरनाक? इन संकेतों को नज़रअंदाज़ न करें

डॉक्टर से ये भी समझेंगे कि गर्मी और पसीने की वजह से स्किन से जुड़ी कौन-सी समस्याएं बढ़ सकती हैं. और गर्मियों में पसीना कंट्रोल करने के असरदार तरीके क्या हैं.

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19 जून 2026 (अपडेटेड: 19 जून 2026, 02:36 PM IST)
when is excessive sweating during summer considered normal & when a cause for concern
पसीना तो सबको ही आता है, लेकिन कभी-कभी ये दिक्कत वाली बात भी है
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गर्मियों में किसे पसीना नहीं आता? सबको आता है. बस कुछ को थोड़ा कम, तो कुछ को थोड़ा ज़्यादा आता है. और ऐसा होना बिल्कुल नॉर्मल है. हम सबका शरीर गर्मी के प्रति अलग-अलग तरह से रिएक्ट करता है. जिसका असर पसीने पर भी पड़ता है. लेकिन अगर आपको लग रहा है कि भई, इस बार तो बहुत ज़्यादा ही पसीना आ रहा है. और पसीने के साथ कुछ दूसरे संकेत भी हैं, तो इसे इग्नोर न करें. क्योंकि अब ये बिल्कुल भी नॉर्मल नहीं है.

गर्मियों में ज़्यादा पसीना आना कब सामान्य है और कब दिक्कत की बात, ये जानेंगे आज. डॉक्टर से ये भी समझेंगे कि गर्मी और पसीने की वजह से स्किन से जुड़ी कौन-सी समस्याएं बढ़ सकती हैं. और गर्मियों में पसीना कंट्रोल करने के असरदार तरीके क्या हैं. 

ज़्यादा पसीना आना कब सामान्य नहीं?

हमें बताया डॉक्टर विनीत बंगा ने.

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डॉ. विनीत बंगा, डायरेक्टर, न्यूरोलॉजी, फोर्टिस हॉस्पिटल, फरीदाबाद

जब हम गर्म वातावरण में होते हैं, तब पसीना आना शरीर का प्रोटेक्टिव मैकेनिज़्म होता है. इससे स्किन ठंडी रहती है और हम ज़्यादा गर्मी से होने वाले नुकसान से भी बचे रहते हैं. लेकिन अगर आपको बार-बार बहुत ज़्यादा पसीना आ रहा है. बहुत गर्मी में न जाने पर भी पसीना आ रहा है. साथ में हल्का या तेज़ बुखार है. दिल की धड़कन तेज़ हो रही है. वज़न कम हो रहा है या भूख घट रही है. तब इन संकेतों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए.

पसीने की वजह से स्किन से जुड़ी कौन-सी समस्याएं बढ़ जाती हैं?

गर्मियों में ज़्यादा पसीना आने से स्किन से जुड़ी कई समस्याएं बढ़ सकती हैं. जैसे अगर किसी को एक्ज़िमा या डर्मेटाइटिस है, तो पसीने की वजह से उसके लक्षण बढ़ सकते हैं. इसलिए जितना हो सके, स्किन को सूखा और साफ रखें. कुछ प्रकार की अर्टिकेरिया यानी एलर्जी पसीने या स्किन में नमी बढ़ने से ट्रिगर हो सकती हैं. ऐसे में पसीना आने पर खुजली, लाल चकत्ते या रैशेज़ की समस्या बढ़ सकती है. स्किन के गीले रहने से फंगल इंफेक्शन का ख़तरा भी बढ़ जाता है. ये समस्या खासकर उन जगहों पर ज़्यादा होती है, जहां पसीना और नमी जमा रहती है. जैसे बगल और जांघों के बीच का हिस्सा या वो दूसरी जगहें, जहां स्किन आपस में रगड़ खाती है.

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दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर धूप में बाहर निकलने से बचें 
गर्मियों में पसीना आना कंट्रोल कैसे करें?

गर्मियों में पसीना आना पूरी तरह सामान्य है. ये मुमकिन नहीं कि हम गर्मी में जाएं और पसीना न आए. लेकिन कुछ चीज़ें हम कर सकते हैं. गर्मियों में ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनें. सिंथेटिक कपड़े पहनने से बचें. खुले-खुले और हल्के रंग वाले कपड़े पहनना बेहतर होता है. लाल और काले जैसे गहरे रंग के कपड़े न पहनें. कोशिश करें कि पंखे, कूलर, एसी या छांव वाली जगहों पर रहें. दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच, जब धूप और गर्मी सबसे ज़्यादा होती है, बाहर निकलने से बचें.

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(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.) 

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