क्या आपके पैरों पर भी फूली हुई नसें दिखती हैं? जानें ये क्या है
शुरू में ये नसें हल्की दिखती हैं. लेकिन, धीरे-धीरे ये मोटी होती जाती हैं. इनमें दर्द होने लगता है. आमतौर पर वैरिकोज़ वेन्स नीली, गहरी हरी या बैंगनी रंग की दिखती हैं. ज़्यादातर वैरिकोज़ वेन्स पैर में ही होती हैं.

पैर पर ये उभरी हुईं, टेढ़ी-मेढ़ी नसें देखिए. ये हैं वैरिकोज़ वेन्स. कई लोगों के पैर कुछ ऐसे दिखते होंगे.

शुरू में ये नसें हल्की दिखती हैं. लेकिन, धीरे-धीरे ये मोटी होती जाती हैं. इनमें दर्द होने लगता है. आमतौर पर वैरिकोज़ वेन्स नीली, गहरी हरी या बैंगनी रंग की दिखती हैं. ज़्यादातर वैरिकोज़ वेन्स पैर में ही होती हैं.
आजकल वैरिकोज़ वेन्स एक बहुत ही आम समस्या बन गई है. कई लोग अपने पैरों में उभरी हुई ऐसी नसें देखकर घबरा जाते हैं. लेकिन क्या वाकई वैरिकोज़ वेन्स होना ख़तरनाक है? या डरने की कोई बात नहीं? ये जानेंगे आज.
डॉक्टर से समझेंगे कि वैरिकोज़ वेन्स क्या होती हैं. ये क्यों होती हैं. क्या वैरिकोज़ वेन्स होना ख़तरनाक है. इनसे बचा कैसे जाए. और, अगर वैरिकोज़ वेन्स हो गई हैं, तो इलाज क्या है. ये भी पता करेंगे कि कौन लोग वैरिकोज़ वेन्स के ज़्यादा रिस्क पर हैं.
वैरिकोज़ वेन्स क्या होती हैं?ये हमें बताया डॉ. हिमांशु वर्मा ने.

वैरिकोज़ वेन्स वो नसें होती हैं, जो पैरों में मोटी, टेढ़ी-मेढ़ी और उभरी हुई दिखाई देती हैं. वैरिकोज़ वेन्स की अलग-अलग स्टेज होती हैं. कुछ नसें पतली दिखती हैं, इन्हें रेटिकुलर वेन्स कहा जाता है. बहुत देर खड़े रहने के बाद पैरों में सूजन आने लगे. पैर के टखने के पास स्किन का रंग काला पड़ने लगे. वहां कोई ऐसा घाव बन जाए, जो महीनों या सालों तक न भरे. ये सब कुछ वैरिकोज़ वेन्स के ही अलग-अलग रूप और स्टेज में होता है.
वैरिकोज़ वेन्स होने के कारणपैरों की नसों से खून ऊपर यानी दिल की तरफ़ जाता है. इसमें मदद करता है नसों के अंदर मौजूद एक स्ट्रक्चर, जिसे वॉल्व कहते हैं. वॉल्व का काम होता है खड़े होने या चलते वक़्त ग्रैविटी की वजह से खून को वापस नीचे गिरने से रोकना. लेकिन, किसी भी चीज़ को ज़्यादा इस्तेमाल करने से वो ख़राब होने लगती है. जिन नौकरियों में देर तक खड़े रहना पड़ता है, उनमें वॉल्व लगातार काम करते हैं. जब प्रेग्नेंसी के आखिरी तीन महीनों में यूटेरस नसों पर दबाव डालता है, तब भी वॉल्व ज़्यादा मेहनत करते हैं. मोटापे में खून को ज़्यादा बॉडी वेट से लड़कर ऊपर चढ़ना पड़ता है, इससे वॉल्व पर और ज़ोर पड़ता है. ऐसी सभी कंडीशंस में, जहां वॉल्व को ज़्यादा काम करना पड़ता है. वहां वॉल्व फेल हो सकते हैं और धीरे-धीरे वैरिकोज़ वेन्स डेवलप हो जाती हैं.
क्या वैरिकोज़ वेन्स होना ख़तरनाक है?वैरिकोज़ वेन्स होना बहुत आम बात है. इसमें 'ख़तरनाक' जैसा कुछ नहीं है. कई बार मरीज़ वैरिकोज़ वेन्स देखकर डर जाते हैं. उन्हें लगता है, कहीं उनकी जान तो नहीं चली जाएगी या कोई थक्का तो नहीं बन जाएगा. वैसे तो वैरिकोज़ वेन्स से पैर में थक्का जमने का रिस्क बढ़ता है क्योंकि खून के फ्लो में थोड़ी रूकावट होती है. लेकिन, थोड़ी सावधानी बरत कर इस रिस्क को ख़त्म किया जा सकता है. वैरिकोज़ वेन्स से ज़िंदगी पर असर ज़रूर पड़ता है, पर ये जानलेवा नहीं है.
कौन लोग वैरिकोज़ वेन्स के ज़्यादा रिस्क पर हैं?- जिन नौकरियों में देर तक खड़े रहना पड़ता है.
- रिकरेंट प्रेग्नेंसी में (बार-बार प्रेग्नेंसी होना).
- ओबीज़ लोगों में.
- स्मोकिंग करने वाले लोगों में.

- जो लोग वैरिकोज़ वेन्स होने के ज़्यादा रिस्क पर हैं.
- जैसे जिन नौकरियों में देर तक खड़ा रहना पड़ता है.
-प्रेगनेंट महिलाएं और मोटापे से ग्रसित लोगों को ख़ास ध्यान देना चाहिए.
- इसके लिए लाइफस्टाइल अच्छी रखें.
- रोज़ थोड़ी देर ज़रूर टहलें.
- टहलने से पिंडलियां सिकुड़ती हैं, जिससे खून नीचे से ऊपर की तरफ़ जाता है.
- पानी खूब पिएं.
- कम पानी पीने से खून गाढ़ा हो जाता है.
- गाढ़े खून के जमने का रिस्क ज़्यादा होता है.
- पानी इतना पिएं कि आपका यूरिन साफ़ रहे.
- अगर आपको लक्षण दिख रहे हैं या आप हाई रिस्क जॉब में हैं.
- तब आप क्लास टू कंप्रेशन स्टॉकिंग्स ले सकते हैं.
- वैस्कुलर सर्जन की सलाह के बाद, अपने साइज़ की क्लास टू कंप्रेशन स्टॉकिंग्स पहनिए.
- जिन्हें वैरिकोज़ वेन्स हैं, वो डॉक्टर से सर्जरी के बारे में बात कर सकते हैं.
- इसका इलाज बहुत आसान है.
- इसे लेज़र या गोंद के ज़रिेए किया जाता है.
- ये गलत धारणा है कि वैरिकोज़ वेन्स की सर्जरी बहुत बड़ी होती है.
- इस सर्जरी से पहले मरीज़ आराम से चलकर ऑपरेशन थिएटर तक जा सकता है.
- बिल्कुल इसी तरह, वो सर्जरी के बाद आराम से चलकर वापस आ सकता है.
- इसमें न तो मरीज़ को बेहोश करना पड़ता है, न ही ICU की ज़रूरत पड़ सकती है.
- आप अपना रोज़ का काम भी अगले दिन से शुरू कर सकते हैं.
कुल मिलाकर, वैरिकोज़ वेन्स को न तो इग्नोर करना है. न ही इनसे डरना है. अगर आपको वैरिकोज़ वेन्स हैं, तो डॉक्टर को दिखाएं. जो सलाह वो दें, उसे मानें.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
वीडियो: सेहत: दिल की नसों में दोबारा ब्लॉकेज क्यों हो जाता है?

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