आपका ब्लड ग्रुप क्या है? बीमारी नहीं होने का दावा करने से पहले ये जरूर पढ़ें
ब्लड ग्रुप की फैमिली में कुल 8 सदस्य हैं. अब इनमें से कुछ सदस्य खुद को लंबरदार समझते हैं. वो मानते हैं कि कुछ खास बीमारियां उन्हें नहीं हो सकतीं. क्योंकि उनके ब्लड ग्रुप वालों को उस बीमारी का ख़तरा कम है. क्या वाकई ऐसा होता है?

O पॉज़िटिव. ये मेरा ब्लड ग्रुप है. आपका ब्लड ग्रुप क्या है? मेरे इस सवाल के 8 जवाब हो सकते हैं. A पॉज़िटिव, A निगेटिव. B पॉज़िटिव, B निगेटिव. AB पॉज़िटिव, AB निगेटिव. O पॉज़िटिव और O निगेटिव.
यानी ब्लड ग्रुप की फैमिली में कुल 8 सदस्य हैं. अब इनमें से कुछ सदस्य खुद को लंबरदार समझते हैं. वो मानते हैं कि कुछ खास बीमारियां उन्हें नहीं हो सकतीं. क्योंकि उनके ब्लड ग्रुप वालों को उस बीमारी का ख़तरा कम है. क्या वाकई ऐसा होता है? ये जानेंगे आज. डॉक्टर से समझेंगे कि ब्लड ग्रुप कैसे बनते हैं. क्या ब्लड ग्रुप कुछ बीमारियों के लिए ज़िम्मेदार हैं. और, ब्लड ग्रुप चाहे जो भी हो, हेल्दी रहने के लिए क्या करना चाहिए.
ब्लड ग्रुप कैसे बनते हैं?ये हमें बताया डॉ. नितिन गुप्ता ने.

हर इंसान का एक ब्लड ग्रुप होता है. कुछ ब्लड ग्रुप पॉज़िटिव होते हैं और कुछ निगेटिव. ब्लड ग्रुप निर्धारित करने के दो सिस्टम हैं. पहला ABO सिस्टम और दूसरा Rh सिस्टम. ज़्यादातर ब्लड ग्रुप इन दोनों सिस्टम के हिसाब से तय होते हैं. जैसे O+ एक बहुत ही आम ब्लड ग्रुप है. इसमें O ग्रुप ABO सिस्टम से और पॉज़िटिव Rh सिस्टम से लिया गया है. भारत में करीब 90% लोगों का ब्लड ग्रुप पॉज़िटिव होता है. ABO सिस्टम में मुख्यतः चार ब्लड ग्रुप होते हैं: A, B, AB, और O. कुल मिलाकर, ABO सिस्टम में चार ब्लड ग्रुप होते हैं. वहीं Rh सिस्टम में दो तरह के ग्रुप होते हैं: पॉज़िटिव और निगेटिव.
क्या ब्लड ग्रुप बीमारियों के लिए ज़िम्मेदार हैं?- किसी भी ब्लड ग्रुप के व्यक्ति को कोई भी बीमारी हो सकती है.
- जैसे लिवर, दिल, किडनी की बीमारियां और कैंसर.
- ये गलतफहमी है कि किसी खास ब्लड ग्रुप के लोगों को बीमारी होगी और बाकियों को नहीं होगी.
- हालांकि, कुछ ब्लड ग्रुप्स और बीमारियों के बीच हल्का संबंध देखा गया है.
- जैसे O ब्लड ग्रुप के लोगों को खून में थक्के जमना या डीप वेन थ्रोम्बोसिस जैसी समस्याएं थोड़ी कम होती हैं.
- इसी तरह, कुछ स्टडीज़ में पाया गया है कि गैस्ट्रिक कैंसर और पैनक्रियाटिक कैंसर O ग्रुप के लोगों में कम होते हैं.
- कोविड-19 के दौरान भी देखा गया कि O+ ब्लड ग्रुप के लोगों को कम गंभीरता का कोविड हुआ था.
- लेकिन, ये अंतर बहुत बड़ा नहीं था और आंकड़ों के हिसाब से भी इसका कोई खास असर नहीं दिखा.
- लिहाज़ा, ये न समझें कि किसी खास ब्लड ग्रुप के लोगों को कोई बीमारी ज़्यादा होगी और दूसरे को कम.
- सभी को बीमारियों से बचने के लिए एक हेल्दी लाइफस्टाइल अपनानी चाहिए.

- हेल्दी रहने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव करने होंगे.
- सबसे ज़रूरी है कि रोज़ एक्सरसाइज़ करें.
- चाहें तो ब्रिस्क वॉकिंग (तेज़ कदमों से चलना) करें या कोई खेल खेलें.
- अच्छी डाइट लें.
- डाइट में चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट की मात्रा कम रखें.
- फल और सब्ज़ियां खूब खाएं.
- इसके साथ ही, बुरी आदतें छोड़ दें.
- जैसे ज़्यादा शराब पीना, तंबाकू खाना और सिगरेट पीना.
- अगर हम हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएंगे तो न केवल स्वस्थ रहेंगे बल्कि बीमारियों से भी बच पाएंगे.
देखिए, बीमारियों से बचने के लिए फिज़िकली एक्टिव रहना और एक बैलेंस्ड डाइट लेना ज़रूरी है. आपका ब्लड ग्रुप आपको बीमारियों से नहीं बचा पाएगा. लेकिन, सबको अपना ब्लड ग्रुप ज़रूर पता होना चाहिए. ब्लड ग्रुप पता करने के लिए आप नज़दीकी पैथ लैब में जाकर अपना टेस्ट करा सकते हैं.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछें. ‘दी लल्लनटॉप ’आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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