एंटी-डैंड्रफ शैंपू से मुंह धोने से क्या होगा? सोशल मीडिया पर जबरदस्त ट्रेंड
सोशल मीडिया पर कई लोग एंटी-डैंड्रफ शैंपू से चेहरा साफ कर रहे हैं. वो शैंपू को चेहरे पर रगड़ रहे हैं. ताकि एक्ने कम हों. चेहरा कम ऑयली हो. और डार्क स्पॉट्स घटें. लेकिन ये तरकीब काम करती भी है या नहीं? कहीं इससे उल्टा असर तो नहीं होता? ये जानेंगे आज.

आप शैंपू क्यों इस्तेमाल करते हैं? बाल धोने के लिए. उन्हें साफ़ करने के लिए. लेकिन क्या ये शैंपू का इकलौता इस्तेमाल है? नहीं.
सोशल मीडिया पर कई लोग एंटी-डैंड्रफ शैंपू से चेहरा साफ कर रहे हैं. वो शैंपू को चेहरे पर रगड़ रहे हैं. ताकि एक्ने कम हों. चेहरा कम ऑयली हो. और डार्क स्पॉट्स घटें. लेकिन ये तरकीब काम करती भी है या नहीं? कहीं इससे उल्टा असर तो नहीं होता? ये जानेंगे आज.
डॉक्टर से समझेंगे कि सोशल मीडिया पर एंटी-डैंड्रफ शैंपू से मुंह धोने का ट्रेंड क्यों चल रहा है. एंटी-डैंड्रफ शैंपू में कौन-से केमिकल्स होते हैं. क्या एंटी-डैंड्रफ शैंपू से मुंह धोने के कोई फ़ायदे हैं. और इसके क्या नुकसान हैं.
ये हमें बताया डॉ. भावुक धीर ने.
ज़्यादातर एंटी-डैंड्रफ शैंपू में केटोकोनाज़ोल, ज़िंक पाइरिथियोन और सैलिसिलिक एसिड जैसे तत्व होते हैं. इनमें सेलेनियम सल्फाइड भी पाया जाता है. इन सभी में एंटीफंगल गुण होते हैं, यानी फंगस की ग्रोथ को कम करने में मदद करते हैं. इसके अलावा, इन शैंपू में डीप क्लींजर भी होते हैं. ये क्लींजर स्कैल्प पर जमी पपड़ी को साफ़ करने में मदद करते हैं.
सोशल मीडिया पर एंटी-डैंड्रफ शैंपू से मुंह धोने का ट्रेंड क्यों चल रहा है?आजकल सोशल मीडिया पर ये ट्रेंड काफ़ी चल रहा है. असल में लोग खुद से इलाज करने को काफी प्रमोट कर रहे हैं. ऐसी वीडियो देखकर लोगों को लगता है कि आधा इलाज वो खुद ही कर सकते हैं. कुछ लोगों को एंटी-डैंड्रफ शैंपू चेहरे पर लगाने से फ़ायदा भी मिलता है. खासकर जिन्हें फंगल एक्ने, सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस जैसी दिक्कतें हैं, उन्हें कुछ राहत मिल सकती है. इस वजह से लोग इसे एक आसान रेमेडी की तरह रील्स पर शेयर कर रहे हैं. फिर दूसरों को भी लगता है कि अगर उन्हें फ़ायदा हुआ है, तो हमें भी होगा. लेकिन हर व्यक्ति की स्किन अलग होती है. इसलिए कोई एक चीज़ सब पर असर करे, ये ज़रूरी नहीं है.
क्या एंटी-डैंड्रफ शैंपू से मुंह धोने के कोई फ़ायदे हैं?एंटी-डैंड्रफ शैंपू से चेहरा धोने पर कुछ मरीज़ों में फायदे देखे गए हैं. खासकर उन लोगों में जिन्हें चेहरे पर फंगल इंफेक्शन हो. सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस या फंगल एक्ने हो. ऐसा इसलिए क्योंकि एंटी-डैंड्रफ शैंपू में एंटीफंगल तत्व होते हैं. ये स्किन पर फंगल ग्रोथ कम करने में मदद करते हैं. इससे चेहरे में सुधार देखने को मिलता है. लेकिन ये समझना ज़रूरी है कि ये सबके लिए फ़ायदेमंद नहीं है. कुछ लोगों को इससे नुकसान भी हो सकता है.
- एंटी-डैंड्रफ शैंपू में डीप क्लीनज़र होते हैं यानी स्किन में गहराई तक जाने वाले तत्व.
- इनमें सर्फ़ेक्टेंट्स भी होते हैं, जो सीबम यानी तेल की परत को हटाते हैं.
- इसलिए इन्हें चेहरे पर इस्तेमाल करने से काफ़ी सूखापन और डलनेस आ सकती है.
- ये स्किन की बैरियर लेयर को भी नुकसान पहुंचा सकता है.
- स्कैल्प का pH और चेहरे की स्किन का pH अलग होता है.
- स्कैल्प का pH थोड़ा अल्कलाइन और चेहरे का pH थोड़ा एसिडिक होता है.
- ऐसे में सिर के लिए बना क्लींजर चेहरे पर लगाने से ड्राईनेस बढ़ सकती है.
- साथ ही, चेहरे का नेचुरल ऑयल भी हट सकता है.
- इसलिए एंटी-डैंड्रफ शैंपू से मुंह धोने पर रेडनेस, खुजली और सूखापन महसूस हो सकता है.
- लिहाज़ा पहले ये जानें कि आपको क्या बीमारी है.
- आपके चेहरे पर दाने किस वजह से निकल रहे हैं.
- कारण पता चलने के बाद ही सही से इलाज होता है.
- इसलिए पहले किसी स्किन स्पेशलिस्ट से मिलें.
- उसके बाद ही कोई घरेलू नुस्खा ट्राई करें.
- बिना कारण जाने दिक्कत ठीक करने पर नुकसान होने का ज़्यादा चांस रहता है.
- बिना सोचे समझे इस तरह के हैक को इस्तेमाल करना ठीक नहीं है.
देखिए, सबका स्किन टाइप अलग होता है. कोई प्रोडक्ट या होम रेमेडी किसी को सूट करती है. किसी को नहीं. इसलिए अगर आपको स्किन से जुड़ी कोई दिक्कत है. तो किसी स्किन स्पेशलिस्ट से मिलें. खुद से कोई DIY या घरेलू नुस्खा स्किन पर ट्राई न करें.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
वीडियो: सेहत: एंटी-डैंड्रफ शैंपू से एक्ने ठीक हो जाता है?

.webp?width=60)

