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बहुत ज़्यादा गैस पास हो रही है तो ऐसे पाएं राहत!

एक दिन में 10 से 12 बार गैस पास करना नॉर्मल है. अगर कोई 15 से भी ज़्यादा बार गैस पास कर रहा है, तो ये सामान्य नहीं है.

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how to reduce gas problem naturally
दिन में कितनी बार गैस पास करते हैं आप? (फोटो:Getty)
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अदिति अग्निहोत्री
16 मई 2025 (पब्लिश्ड: 02:48 PM IST)
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बच्चे हों. बड़े या बुज़ुर्ग. गैस हर कोई पास करता है. ये बहुत ही सामान्य-सी प्रक्रिया है. आमतौर पर, लोग दिन में 3 से 4 बार गैस पास करते हैं. मगर कभी-कभी गैस बहुत ज़्यादा बार पास होने लगती है. ये किसी दिक्कत की ओर इशारा हो सकता है.

आप इस दिक्कत से बचे रहें, इसलिए हमने मणिपाल हॉस्पिटल, पुणे में मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के हेड डॉक्टर प्रसाद भाटे से पूछा कि आखिर कितनी बार गैस पास करना नॉर्मल है. अगर बहुत ज़्यादा गैस पास हो रही है, तो इसकी क्या वजहें हैं. और गैस की इस परेशानी से राहत कैसे पाई जाए?

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डॉक्टर प्रसाद भाटे, हेड, मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, मणिपाल हॉस्पिटल, पुणे

डॉक्टर प्रसाद बताते हैं कि एक दिन में 10 से 12 बार गैस पास करना नॉर्मल है. लेकिन, अगर कोई 15 से भी ज़्यादा बार गैस पास कर रहा है, तो ये सामान्य नहीं है. ज़रूरत से ज़्यादा बार गैस पास करना किसी बीमारी का लक्षण हो सकता है. जैसे स्मॉल इंटेस्टाइनल बैक्टीरिल ओवरग्रोथ यानी छोटी आंत में बैक्टीरिया ज़रूरत से ज़्यादा बढ़ जाना. जब ऐसा होता है, तो खाना पूरी तरह नहीं पचता, और बैक्टीरिया इस अधपचे खाने को तोड़कर गैस बनाने लगते हैं.

लो-इंटेस्टाइनल मोटिलिटी के कारण भी बार-बार गैस पास होती है. इसमें आंतों के काम करने की स्पीड धीमी हो जाती है. जिससे खाना पचने में वक्त लगता है और बैक्टीरिया ज़्यादा गैस बनाते हैं.

कभी-कभी कुछ दवाइयां पाचन तंत्र के काम करने की स्पीड धीमी कर देती हैं. ऐसे में ज़्यादा गैस बनती है और बार-बार गैस पास करने की ज़रूरत पड़ती है.

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हाई फॉडमैप डाइट लेने से गैस की परेशानी बढ़ सकती है (फोटो:Getty)

वहीं, जब लोग हाई फॉडमैप डाइट लेते हैं. यानी ऐसी चीज़ें जिनमें कुछ खास तरह के कार्बोहाइड्रेट्स ज़्यादा होते हैं, जो पाचन तंत्र में अच्छे से नहीं पचते, तो उन्हें भी बहुत ज़्यादा बार गैस पास करने की परेशानी हो सकती है. हाई फॉडमैप डाइट में दूध और दूध से जुड़े प्रोडक्ट्स; सेब, आम, नाशपाती जैसे फल; और फूलगोभी, पत्तागोभी जैसी सब्ज़ियां शामिल हैं.

गैस की परेशानी से राहत पाने के लिए हाई फॉडमैप डाइट से परहेज़ करें. मसालेदार चीज़ें कम खाएं. खाना समय पर खाएं. चबा-चबाकर खाएं ताकि वो अच्छे से पचे. खाना खाने के बाद थोड़ी देर ज़रूर  टहलें.

हालांकि अगर आपको गैस पास करने के साथ-साथ डायरिया हो गया है. स्टूल में खून आ रहा है. भूख नहीं लग रही. लगातार वज़न घट रहा है. तो आपको डॉक्टर से ज़रूर मिलना चाहिए.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

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