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फ्लू और सर्दी-ज़ुकाम से बचने का सबसे सही तरीका, डॉक्टर से जान लीजिए

सामान्य सर्दी-ज़ुकाम जिसे कॉमन कोल्ड कहा जाता है, उसमें और फ्लू में बहुत फर्क है.

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how to prevent flu and common cold, doctor explains
फ्लू और कॉमन कोल्ड में क्या फ़र्क होता है?
10 जनवरी 2025 (पब्लिश्ड: 02:11 PM IST)
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ठंड का मौसम आते ही सर्दी-खांसी, ज़ुकाम, नाक जाम होना, गले में दर्द, छींके--इंसान का जीना हराम कर देती हैं. जब भी ऐसा कुछ होता है, तो इंसान कहता है ठंड लग गई है. सर्दी-ज़ुकाम हो गया है. कोल्ड हो गया है. क्योंकि ये कुछ बहुत ही आम लक्षण हैं. सर्दियों में ऐसा होता ही है.  पर हर खांसी, हर छींक, नाक का जाम होना, गले में दर्द होना सामान्य सर्दी-ज़ुकाम नहीं होता. फ्लू में भी ये लक्षण महसूस होते हैं. अब आप बोलेंग एक ही तो बात है.

नहीं, एक ही बात नहीं है. सामान्य सर्दी-ज़ुकाम जिसे कॉमन कोल्ड कहा जाता है.  उसमें और फ्लू में बहुत फर्क है. भले ही इनके लक्षण आपको एक जैसे लगते हों.  इन दोनों का इलाज भी अलग होता है. अगर आप फ्लू को महज़ सर्दी-ज़ुकाम समझकर घरेलू नुस्खों से ठीक करने की कोशिश करते हैं, तो तबियत और बिगड़ सकती है.

आज डॉक्टर से समझते हैं फ्लू और कॉमन कोल्ड यानी सामान्य सर्दी-ज़ुकाम में क्या फ़र्क होता है?  फ्लू और कॉमन कोल्ड होने के क्या अलग-अलग कारण हैं. इनके लक्षणों में क्या फ़र्क होता है? साथ ही जानेंगे इनसे बचके के तरीके और इलाज.

फ्लू और कॉमन कोल्ड में क्या फ़र्क है?

ये हमें बताया डॉ. मनोज शर्मा ने.

Dr. Manoj Sharma - Internal Medicine Doctor | Fortis Flt. Lt. Rajan Dhall  Hospital, Vasant Kunj
डॉ. मनोज शर्मा, एडिशनल डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, फ़ोर्टिस हॉस्पिटल, नई दिल्ली

कॉमन कोल्ड एक साधारण बीमारी है, जिसमें लक्षण 3-4 दिनों तक रहते हैं. जबकि फ्लू इससे थोड़ा गंभीर होता है. फ्लू में सर्दी-खांसी के साथ बाकी समस्याएं भी आ सकती हैं. जिसके चलते अस्पताल में भर्ती होने की ज़रुरत पड़ सकती है. निमोनिया हो सकता है. कॉमन कोल्ड देसी नुस्खों से ठीक हो जाता है. ओवर-द-काउंटर दवाइयों से ठीक हो जाता है जैसे पैरासिटामोल. लेकिन फ्लू के लिए डॉक्टर से इलाज करवाना पड़ता है, क्योंकि ये बीमारी ख़तरनाक हो सकती है. अगर सही समय पर इलाज न हो, तो अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है.

फ्लू और कॉमन कोल्ड के कारण

-कॉमन कोल्ड या सामान्य सर्दी-ज़ुकाम करीब 200 तरह के वायरस से हो सकता है

-इनमें सबसे आम है राइनोवायरस

-बल्कि फ्लू इन्फ्लुएंजा A, इन्फ्लुएंजा B या पैराइन्फ्लुएंजा वायरस से होता है

-इन्फ्लुएंजा A में H1N1 वायरस शामिल है, जिसे स्वाइन फ्लू भी कहते हैं

-10 साल पहले स्वाइन फ्लू ने कई लोगों को गंभीर रूप से बीमार किया था

-ये भी इन्फ्लुएंजा वायरस की ही एक वैरायटी है

-H1N1 और H3N2, इन्फ्लुएंजा A वायरस के सब-टाइप हैं

-इन्फ्लुएंजा B से होने वाली बीमारियां भी गंभीर हो सकती हैं

-इसलिए लक्षण दिखते ही डॉक्टर से राय लेनी चाहिए

-पैराइन्फ्लुएंजा वायरस से भी एक प्रकार का फ्लू होता है

-लेकिन इसमें लक्षण बहुत हल्के होते हैं

-इसमें ख़ास इलाज की ज़रुरत नहीं होती है

Common Cold | INTEGRIS Health
कॉमन कोल्ड या सामान्य सर्दी-ज़ुकाम करीब 200 तरह के वायरस से हो सकता है
फ्लू और कॉमन कोल्ड के लक्षणों में फ़र्क?

-कॉमन कोल्ड में सर्दी-ज़ुकाम, हरारत और लो-ग्रेड बुखार हो सकता है

-हल्का-फुल्का बदन दर्द हो सकता है

-कमज़ोरी महसूस होती है

-थकान रहती है

-जबकि फ्लू में यही लक्षण थोड़े गंभीर हो जाते हैं

-जैसे कंपकंपी लगकर तेज़ बुखार आता है

-बहुत ज़्यादा खांसी आती है

-सिरदर्द होता है

-पूरे शरीर में दर्द होता है  

-तेज़ बुखार आता है

-बहुत ज़्यादा कमज़ोरी महसूस होती है

-कमज़ोरी की वजह से उठ-बैठ पाना मुश्किल हो जाता है

-अगर नाक बंद है, हरारत है, शरीर में हल्का-फुल्का दर्द है और लो ग्रेड फ़ीवर है तो ये कॉमन कोल्ड है

-यही लक्षण अगर बढ़ जाएं या गंभीर हो जाएं तो ये फ्लू के लक्षण हैं

-जैसे तेज़ बुखार आना

-दांत किटकिटाना, सर्दी लगना और कंपकंपाना

-साथ ही पेट से जुड़े कुछ लक्षण भी महसूस हो सकते हैं

-जैसे डायरिया और उल्टियां

-अगर कॉमन कोल्ड के लक्षण बहुत तेज़ हों तो ये फ्लू की तरफ़ इशारा है

-ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए

फ्लू और कॉमन कोल्ड से बचाव और इलाज

-जहां तक बचाव की बात है तो मास्क पहनना ज़रूरी है

-सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ की साफ़-सफ़ाई ज़रूरी है

-कोविड के दौरान अपनाए गए प्रोटोकॉल्स से कई प्रकार के रेस्पिरेटरी वायरल इन्फेक्शंस से बचा जा सकता है

-लेकिन इन्फ्लुएंजा से बचने के लिए वैक्सीन उपलब्ध है

-ये साल में एक बार लगती है

-जिन लोगों को पहले से सांस से जुड़ी कोई समस्या है

-डायबिटीज़ है

-हाइपो-थायरॉयड है

-किडनी की बीमारी है

-लंग्स की समस्या है

-वो मरीज़ जिनकी इम्यूनिटी कमज़ोर है

-ऐसे लोगों को साल में एक बार इन्फ्लुएंजा की वैक्सीन ज़रूर लगवानी चाहिए

-वैक्सीन लगवाने से बीमारी गंभीर रूप नहीं लेगी

-अस्पताल में एडमिट होने से भी बचा जा सकता है

-अगर इन्फ्लुएंजा के लक्षण हैं तो शुरुआती 2-3 दिन में डॉक्टर से संपर्क करें

-फ्लू के लिए कुछ दवाइयां उपलब्ध हैं

-इनसे अस्पताल में एडमिट होने की नौबत नहीं आती

-क्योंकि फ्लू के कुछ मामलों में ICU में एडमिट होना पड़ता है

-ये जानलेवा भी हो सकता है

-इसलिए अगर लक्षण तेज़ हैं तो उसे कॉमन कोल्ड न समझें

-डॉक्टर से संपर्क करें

समझे, कॉमन कोल्ड और फ्लू में क्या फर्क है और इसे जानना क्यों इतना ज़रूरी है. जैसा डॉक्टर साहब ने बताया, अगर आपको फ्लू के लक्षण महसूस होते हैं तो बिना देर करे, डॉक्टर से मिलिए. क्योंकि फ्लू गंभीर रूप ले सकता है. 

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछें. ‘दी लल्लनटॉप ’आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

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