रोज़ कितना प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट और फैट लें, ये खाने-पीने की किन चीज़ों से मिलेंगे?
डॉक्टर से समझेंगे कि रोज़ कितना प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट और फैट लेना ज़रूरी है. इनके सबसे अच्छे सोर्स भी जानेंगे. साथ ही पता करेंगे, सबसे ज़रूरी 3 विटामिन्स और मिनरल्स के नाम, और ये खाने-पीने की किन चीज़ों से मिलेंगे.

रोज़ का सबसे बड़ा सवाल- आज खाने में क्या बनेगा? लेकिन कभी सोचा है कि उस खाने से शरीर को क्या मिलेगा? सिर्फ स्वाद या कुछ फायदे भी?
कोई कहता है कि कार्ब्स एकदम छोड़ दो. तो कोई कहता, प्रोटीन ही खाओ. कोई फाइबर की वकालत करता है. तो कोई फैट को सबसे बड़ा दुश्मन बताता है. अब इस ‘क्या खाएं-क्या न खाएं, कितना खाएं और कितना न खाएं’ के चक्कर में सेहत की वाट लग जाती है. पर अब और नहीं. न्यूट्रिशन से जुड़े सबसे ज़रूरी सवालों के सटीक जवाब जानेंगे आज. डॉक्टर से समझेंगे कि रोज़ कितना प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट और फैट लेना ज़रूरी है. इनके सबसे अच्छे सोर्स भी जानेंगे. साथ ही पता करेंगे, सबसे ज़रूरी 3 विटामिन्स और मिनरल्स के नाम, और ये खाने-पीने की किन चीज़ों से मिलेंगे.
रोज़ कितना प्रोटीन, फाइबर चाहिए? इसके सबसे अच्छे सोर्सहमें बताया डॉक्टर अभिषेक दीपक ने.

शरीर को बनाने के लिए प्रोटीन बहुत ज़रूरी है. ये मांसपेशियों, स्किन, बालों और इम्यूनिटी को मज़बूत बनाने में मदद करता है. एक सामान्य व्यक्ति को रोज़ लगभग 50 से 70 ग्राम प्रोटीन की ज़रूरत होती है. आमतौर पर जितना शरीर का वज़न हो, लगभग उतने ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए. प्रोटीन के अच्छे सोर्स हैं- दालें, चना, राजमा, सोयाबीन, पनीर, दही, दूध, अंडे, फिश और चिकन. कोशिश करें कि दिन के हर खाने में थोड़ा-बहुत प्रोटीन ज़रूर शामिल हो.
फाइबर हमारे पेट की सफाई करता है. ये कब्ज़ होने से बचाता है. पेट में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाता है. कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद करता है. रोज़ लगभग 25 से 35 ग्राम फाइबर लेना चाहिए. फाइबर के सोर्स हैं- फल, सलाद, हरी सब्ज़ियां, दालें और साबुत अनाज.
रोज़ कितना कार्बोहाइड्रेट, फैट चाहिए? इसके सबसे अच्छे सोर्सकार्बोहाइड्रेट से शरीर को एनर्जी मिलती है. एक एडल्ट को रोज़ 250 से 300 ग्राम कार्बोहाइड्रेट लेना चाहिए. ये कुल कैलोरी का 50 से 60% से ज़्यादा नहीं होना चाहिए. रोटी, दाल, दलिया, ओटस्, बाजरा, ज्वार और फल कार्बोहाइड्रेट के अच्छे सोर्स हैं. वहीं, कोल्ड ड्रिंक्स, मिठाइयां और मैदे से बनी चीज़ें नहीं खानी चाहिए.
फैट हमारे शरीर के लिए बहुत ज़रूरी होता है. हॉर्मोन्स बनाने, दिमाग के काम और विटामिंस के अवशोषण के लिए फैट बहुत ज़रूरी है. दिन की 25 से 30% कैलोरीज़ फैट से आनी चाहिए. फैट के अच्छे सोर्सेज़ हैं- बादाम, अखरोट, मूंगफली, बीज और अच्छी क्वालिटी के तेल जैसे ऑलिव ऑयल, देसी घी और फिश ऑयल. वहीं, खराब फैट जैसे रिफाइंड ऑयल, डालडा, बेकरी आइट्म और पाम ऑयल से बचना चाहिए.

विटामिन D हड्डियों और इम्यूनिटी के लिए ज़रूरी है. इसके सोर्सेज़ हैं- 20 मिनट धूप, अंडा, मशरूम और दूध. विटामिन B12 नसों और खून के लिए ज़रूरी है. इसके सोर्सेज़ हैं- अंडा, दूध और नॉनवेज फूड. विटामिन C अच्छी इम्यूनिटी और स्किन के लिए ज़रूरी है. इसके सोर्सेज़ हैं- नींबू, संतरा, आंवला और अमरूद.
मिनरल्स में आयरन खून बनाने के लिए ज़रूरी है. इसके सोर्सेज़ हैं- पालक, चुकंदर, गुड़, अंडा और नॉनवेज फूड. कैल्शियम हड्डियों के लिए ज़रूरी है. इसके सोर्सेज़ हैं- दूध, पनीर, दही, रागी और तिल. वहीं, मैग्नीशियम नींद के लिए बहुत ज़रूरी है. इसके सोर्सेज़ हैं- केला, बादाम और दालें.
एक बैलेंस्ड डाइट कैसी हो?आपकी थाली का आधा हिस्सा सब्ज़ियां और सलाद होना चाहिए. एक-चौथाई हिस्सा प्रोटीन होना चाहिए. एक-चौथाई हिस्से में रोटी, चावल या दूसरे साबुत अनाज, एक फल और पर्याप्त पानी होना चाहिए. हेल्दी रहने के लिए यही सबसे अच्छी डाइट है. एक बैलेंस्ड डाइट किसी भी हेल्थ सप्लीमेंट से ज़्यादा ज़रूरी होती है. आपकी थाली में प्रोटीन, फाइबर, फैट, कार्ब्स, विटामिन्स और मिनरल्स होने ही चाहिए. क्योंकि इनकी कमी थकान, कमज़ोरी, बार-बार बीमारी और कई हेल्थ प्रॉब्लम्स कर सकती है.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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