The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Health
  • how contaminated water causes diarrhea typhoid & is tank water safe

गंदे पानी से डायरिया, टायफॉइड क्यों होता है? इंदौर, गांधीनगर, बेंगलुरु में लोगों का बुरा हाल है

इंदौर के बाद गांधीनगर और बेंगलुरु में भी दूषित पानी से लोग बीमार पड़ रहे हैं. गंदा पानी पीने से डायरिया और टायफॉइड होने की सबसे ज़्यादा खबरें आ रही हैं. मगर, दूषित पानी पीने से डायरिया या टायफॉइड क्यों होता है? इससे बचाव और इलाज का तरीका क्या है?

Advertisement
how contaminated water causes diarrhea typhoid & is tank water safe
देश के कई शहरों में दूषित पानी पीकर लोग बीमार पड़ रहे हैं
6 जनवरी 2026 (Published: 04:50 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

देश में कई लोग दूषित पानी पीकर बीमार पड़ रहे हैं. इंदौर के भागीरथपुरा में सीवेज मिला पानी पीने से अब तक कम से कम 17 मौतें हो चुकी हैं. करीब 150 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं. 1400 से ज़्यादा बीमार हैं. हालांकि सरकारी आंकड़ा अभी 6 मौतों का ही है.

भागीरथपुरा में हेल्थ टीम्स ने घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग भी की है. 2,354 घरों में 9,416 लोगों की जांच हो चुकी है. इस दौरान डायरिया के 20 नए मरीज़ मिले हैं. इंदौर में जो लोग बीमार पड़े हैं, उनमें से ज़्यादातर को डायरिया हुआ है. यानी दस्त लग गए हैं.

typhoid child
गंदा पानी पीने से गांधीनगर में कई बच्चे बीमार पड़ गए हैं

दूषित पानी पीने से लोगों के बीमार पड़ने की ख़बरें गुजरात के गांधीनगर से भी आ रही हैं. 3 जनवरी तक, गांधीनगर सिविल हॉस्पिटल में 104 बच्चों का इलाज किया जा चुका है. सभी में टायफॉइड के लक्षण थे. इनमें से 19 मरीज़ों को छुट्टी दे दी गई है. जबकि 9 नए बच्चों को भर्ती किया गया है.

यानी इलाज करा रहे कुल बच्चों की संख्या 94 हो गई है. सिर्फ बच्चे ही नहीं, कई एडल्ट्स भी बीमार हुए हैं. अधिकारियों का कहना है कि ऐसा सीवेज में लीकेज की वजह से हुआ है. गांधीनगर के आदिवाड़ा गांव में पानी की पाइपलाइन के पास सीवेज लीक हुआ. इससे गंदा पानी, पीने के पानी में मिल गया.

आदिवाड़ा और सेक्टर 24, 26, 27 और 29 में रहने वाले लोगों ने गंदे पानी और पानी में बदबू की शिकायत की थी. इसके करीब एक हफ्ते बाद ही मामले तेज़ी से बढ़ने लगे. गनीमत ये है कि दूषित पानी से अब तक गांधीनगर में किसी की मौत नहीं हुई है.

कर्नाटक के बेंगलुरु में भी दूषित पानी की शिकायतें आई हैं. यहां के लिंगराजापुरम इलाके में पीने के पानी में सीवेज का पानी मिलने की शिकायत आई.

contaminated water
बेंगलुरु के कई इलाकों में भी गंदा पानी आ रहा है 

इंडिया टुडे के मुताबिक, कुछ निवासियों ने शिकायत की, कि उनके परिवारवाले पिछले कुछ महीनों से बार-बार बीमार पड़ रहे हैं. इनमें से कुछ को पानी से होने वाले इंफेक्शन के लक्षण थे, जिसके बाद उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा. इसके बाद Bangalore Water Supply and Sewerage Board ने प्रभावित जगहों पर पानी की सप्लाई रोक दी है. इन सभी जगहों पर अब टैंकर से पानी की सप्लाई की जा रही है.

दूषित पानी पीने से डायरिया और टायफॉइड होने की सबसे ज़्यादा खबरें आ रही हैं. मगर, दूषित पानी पीने से डायरिया या टायफॉइड क्यों होता है? इससे बचाव और इलाज का तरीका क्या है? ये हम जानेंगे सी.के. बिड़ला हॉस्पिटल, गुरुग्राम में इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के एसोसिएट डायरेक्टर, डॉक्टर तुषार तायल से. साथ ही, ये भी जानेंगे कि क्या टैंकर का पानी पीना सेफ है? अगर आप टैंकर का पानी पी रहे हैं, तो किन बातों का ध्यान रखें?

dr tushar tayal
डॉ. तुषार तायल, असोसिएट डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, सी.के.बिड़ला हॉस्पिटल, गुरुग्राम

डॉक्टर तुषार बताते हैं कि दूषित पानी में बैक्टीरिया जैसे ई. कोलाई, अलग-अलग वायरस और पैरासाइट्स हो सकते हैं. जब ये शरीर में जाते हैं, तो आंतों में इंफेक्शन पैदा करते हैं. इससे आंतों के पानी और पोषक तत्व सोखने की क्षमता कम हो जाती है. नतीजा? व्यक्ति को दस्त लग जाते हैं. यानी डायरिया हो जाता है. साथ ही, पेट में दर्द, ऐंठन, उल्टी, उबकाई, बुखार, कमज़ोरी और डिहाइड्रेशन होने लगता है.

डायरिया होने पर ORS का घोल पीना चाहिए, ताकि शरीर में पानी और ज़रूरी मिनरल्स की कमी पूरी हो सके. हल्का खाना खाइए. डॉक्टर ने जो दवाएं दी हैं, उन्हें लीजिए. वहीं, डायरिया से बचने के लिए उबला या फिल्टर वाला पानी पीजिए. हाथ साफ रखिए और खुले में खाना न खाइए.

typhoid
टायफॉइड बुखार साल्मोनेला टाइफी नाम के बैक्टीरिया की वजह से होता है (फोटो: Freepik)
अब बात टायफॉइड की

दूषित पानी में साल्मोनेला टाइफी नाम का बैक्टीरिया होता है. ये बैक्टीरिया पहले आंतों में पहुंचता है. फिर आंतों की दीवार को पार करके, खून में फैल जाता है. इससे व्यक्ति को टायफॉइड हो जाता है.

टायफॉइड में तेज़ और लंबे वक्त तक बुखार रहता है. सिरदर्द होता है. कमज़ोरी होती है. पेट में दर्द होता है. भूख नहीं लगती. दस्त या कब्ज़ भी हो जाता है. इससे बचने के लिए साफ पानी पीजिए. साफ-सुथरा खाना खाइए. हाथ धोइए और टायफॉइड से बचने के लिए वैक्सीन लगवाइए. टायफॉइड के इलाज में एंटीबायोटिक्स दी जाती हैं. साथ ही, आराम करने और खूब सारा लिक्विड पीने की भी सलाह दी जाती है.

tanker water
टैंकर के पानी को बिना उबाले नहीं पीना चाहिए 
टैंकर का पानी सेफ है?

जहां तक टैंकर के पानी की बात है, तो इसे तब तक सेफ नहीं माना जाता, जब तक ये साफ सोर्स से न आए और इसे ठीक तरह ट्रीट न किया जाए.

ज़्यादातर मामलों में टैंकर का पानी बोरवेल या खुले स्टोरेज से आता है, जहां इसमें कीटाणु या गंदगी मिलने का ख़तरा रहता है. ऐसा पानी पीने से डायरिया, टायफॉइड या पेट की दूसरी दिक्कतें हो सकती हैं.

अगर आप टैंकर का पानी पी रहे हैं, तो सबसे पहले ये पता करें कि पानी किस सोर्स से आ रहा है. पानी को पीने से पहले ज़रूर उबालें या UV फ़िल्टर वाले RO का पानी पीजिए. अगर पानी के रंग या स्वाद में कोई बदलाव लगे, तो उसे बिल्कुल न पिएं.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

वीडियो: सेहत: सर्दियों में अस्थमा बढ़े तो ये करें!

Advertisement

Advertisement

()