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हैमस्ट्रिंग इंजरी क्या है? विराट कोहली को इससे रिकवर होने में कितना टाइम लगेगा?

हैमस्ट्रिंग इंजरी की वजह से विराट तीन मैचों की वनडे सीरीज़ का हिस्सा नहीं होंगे. उन्हें IPL 2026 के फाइनल मैच में चोट लगी थी. स्कैन में डिस्टल सेमीमेम्ब्रेनोसस टेंडन टीयर की पुष्टि हुई है.

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5 जून 2026 (पब्लिश्ड: 08:04 PM IST)
hamstring injury has ruled Virat Kohli out of the upcoming ODI series against Afghanistan
स्टार बल्लेबाज विराट कोहली
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टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली सीरीज़ से बाहर हो गए हैं. तीन मैचों की ये वनडे सीरीज़ 13 जून से शुरू होनी है. विराट के स्क्वैड से बाहर होने की वजह है उनकी चोट. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विराट को IPL 2026 के दौरान घुटने और टखने में परेशानी हुई थी. इसलिए BCCI ने उन्हें आराम देने का फैसला लिया है. BCCI के एक सोर्स ने बताया, 

हैमस्ट्रिंग इंजरी की वजह से, विराट वनडे सीरीज़ का हिस्सा नहीं होंगे. उन्हें फाइनल के दौरान चोट लगी थी. स्कैन में डिस्टल सेमीमेम्ब्रेनोसस टेंडन टीयर की पुष्टि हुई है.

विराट कोहली को जो हैमस्ट्रिंग इंजरी हुई है, वो कहां होती है, क्यों होती है? हैमस्ट्रिंग इंजरी के लक्षण क्या हैं? इसका इलाज कैसे होता है? रिकवरी कितने टाइम में होती है? ये सारे सवाल हमने पूछे ISIC मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में ऑर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट के कंसल्टेंट, डॉक्टर अपूर्व दुआ से.

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डॉक्टर अपूर्व दुआ, कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक्स, ISIC मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
हैमस्ट्रिंग क्या है?

डॉक्टर अपूर्व कहते हैं कि हैमस्ट्रिंग, जांघ के पीछे मौजूद तीन अहम मांसपेशियों का समूह होता है. ये मांसपेशियां हैं- बाइसेप्स फेमोरिस, सेमिटेंडिनोसस और सेमिमेम्ब्रेनोसस. ये मांसपेशियां चलने, दौड़ने, कूदने और सीढ़ियां चढ़ने जैसे कामों में मदद करती हैं. यानी कूल्हे और घुटने की मूवमेंट में अहम भूमिका निभाती हैं.

हैमस्ट्रिंग इंजरी क्या है?

दौड़ने, स्प्रिंट करने, अचानक दिशा बदलने, कूदने या खेलने के दौरान इन मांसपेशियों पर ज़रूरत से ज़्यादा दबाव पड़ता है. जिससे इनमें खिंचाव या फटाव आ सकता है. इसे ही हैमस्ट्रिंग इंजरी कहते हैं. हैमस्ट्रिंग से जुड़ी एक चोट, डिस्टल सेमीमेम्ब्रेनोसस टेंडन टीयर भी होती है. जिसमें घुटने के पीछे मौजूद सेमीमेम्ब्रेनोसस टेंडन थोड़ा या पूरी तरह से फट जाता है. ये चोट आमतौर पर खेलकूद, अचानक दौड़ने, दिशा बदलने या अधिक खिंचाव के कारण होती है.

हैमस्ट्रिंग इंजरी का खतरा किन्हें ज़्यादा?

हैमस्ट्रिंग इंजरी का खतरा उन लोगों में ज़्यादा होता है. जो रोज़ दौड़ते हैं, कोई खेल खेलते हैं, जैसे फुटबॉल, क्रिकेट या टेनिस वगैरा. जिन लोगों की मांसपेशियां कमज़ोर या कम लचीली होती हैं. उनमें ये चोट लगने का रिस्क बढ़ जाता है. पहले हैमस्ट्रिंग इंजरी झेल चुके लोगों को दोबारा चोट लगने का भी ज़्यादा खतरा रहता है. ठीक से वॉर्म-अप न करना, एक्सरसाइज़ की इंटेंसिटी अचानक बढ़ा देना, थकने के बावजूद खेलना और बढ़ती उम्र भी इसका रिस्क बढ़ा सकती है.

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जांघ के पीछे मौजूद तीन अहम मांसपेशियों के समूह को ‘हैमस्ट्रिंग’ कहते हैं
हैमस्ट्रिंग इंजरी के ग्रेड

हैमस्ट्रिंग इंजरी को आमतौर पर तीन ग्रेड में बांटा जाता है. ग्रेड-वन में मांसपेशियों में हल्का खिंचाव होता है. जिससे हल्का दर्द और जकड़न महसूस होती है. लेकिन इसमें व्यक्ति चल-फिर सकता है. ग्रेड-टू में मांसपेशियों में आंशिक फटाव होता है. जिससे दर्द, सूजन और चलने-फिरने में दिक्कत हो सकती है. ग्रेड-थ्री सबसे गंभीर होता है. इसमें मांसपेशी पूरी तरह फट सकती है. इससे तेज़ दर्द, भयंकर सूजन, कमज़ोरी और चलने-फिरने में मुश्किल आती है. डिस्टल सेमीमेम्ब्रेनोसस टेंडन टीयर भी इन ग्रेड्स के अनुसार हल्के से गंभीर लेवल तक हो सकता है.

हैमस्ट्रिंग इंजरी के लक्षण 

हैमस्ट्रिंग इंजरी होने पर जांघ के पीछे अचानक तेज़ दर्द महसूस हो सकता है. इसके बाद सूजन, स्किन पर नील पड़ना, जकड़न और मांसपेशियों में कमज़ोरी महसूस होती है. अगर चोट सेमीमेम्ब्रेनोसस टेंडन में हो, तो घुटने के पीछे दर्द, सूजन, चलने-फिरने में परेशानी और पैर में कमज़ोरी ज़्यादा महसूस होती है.

हैमस्ट्रिंग इंजरी का इलाज और बचाव

हैमस्ट्रिंग इंजरी कितनी गंभीर है, उस हिसाब से इलाज और रिकवरी का समय अलग-अलग हो सकता है.  इलाज के शुरुआती दिनों में आराम, बर्फ की सिकाई, कंप्रेशन और पैर को ऊंचा रखने के लिए कहा जाता है. इसके बाद फिज़ियोथेरेपी, फिर धीरे-धीरे स्ट्रेचिंग और स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज़ शुरू की जाती हैं. ग्रेड-वन की चोट एक से तीन हफ्ते में ठीक हो सकती है. ग्रेड-टू में चार से आठ हफ्ते लग सकते हैं. वहीं, ग्रेड-थ्री की चोट को ठीक होने में कई महीने लग जाते हैं. कुछ मामलों में सर्जरी की ज़रूरत भी पड़ सकती है.

डिस्टल सेमीमेम्ब्रेनोसस टेंडन टीयर के ज़्यादातर मरीज़ समय पर जांच और इलाज से पूरी तरह ठीक होकर अपने नॉर्मल काम कर सकते हैं. बाकी हैमस्ट्रिंग इंजरी से बचने के लिए हमेशा वॉर्म-अप करें. रोज़ स्ट्रेचिंग करें. मांसपेशियों को मज़बूत बनाएं. और खेल या एक्सरसाइज़ की इंटेंसिटी धीरे-धीरे बढ़ाएं.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.) 

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