कैसे पता करें खाने का कोई प्रोडक्ट सच में हेल्दी, नेचुरल और ऑर्गेनिक है?
Food Safety & Standards Authority of India यानी FSSAI ने ऐसे ही भ्रामक दावों और ब्रांडिंग को लेकर कई फूड कंपनियों को नोटिस जारी किया है. 14 जून 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट कर FSSAI ने इस बात की जानकारी दी.

Healthy. Organic. Vegan. Zero Maida. All Natural. No Sugar. ऐसे शब्द खाने-पीने के जिस भी प्रोडक्ट पर लिखे हों, लोग उसे ज़्यादा अच्छा मान लेते हैं. भई, इन शब्दों का मतलब ही यही है. इन्हें पढ़कर लोग समझते हैं कि, वाह, ये प्रोडक्ट तो बड़ा हेल्दी है! लेकिन ऐसा ज़रूरी नहीं कि प्रोडक्ट जो दावा कर रहा हो, वो सच ही हो. कई फूड ब्रांड्स अपना प्रोडक्ट बेचने के लिए बढ़ा-चढ़ाकर या भ्रामक दावे करते हैं. लोग इन दावों को सच मानकर वो चीज़ खरीद लेते हैं और हेल्दी समझकर रोज़ इस्तेमाल करने लगते हैं. पर अब Food Safety & Standards Authority of India यानी FSSAI ने ऐसे ही भ्रामक दावों और ब्रांडिंग को लेकर कई फूड कंपनियों को नोटिस जारी किया है.
14 जून 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट कर FSSAI ने इस बात की जानकारी दी. बताया कि FSS Act, 2006 के तहत ये नोटिस जारी किए गए हैं. किन्हें-किन्हें किए गए, एक-एक करके बताते हैं आपको.
पहला है Healthy Master. ये स्नैक्स बनाने वाला एक इंडियन ब्रांड है. इसकी टैगलाइन है- Vision to Serve Healthy. FSSAI के मुताबिक, Healthy Master और Vision to Serve Healthy जैसे नाम देखकर लोग इसे ज़्यादा हेल्दी समझ सकते हैं.
दूसरा है, Neuherbs True Vitamin. ये हेल्थ और वेलनेस कंपनी न्यूहर्ब्स का एक प्रोडक्ट है. FSSAI का कहना है कि True Vitamin शब्द की न तो नियमों के तहत कोई परिभाषा है. न ही इस शब्द को मान्यता दी गई है. ये नाम, खरीदने वालों को गुमराह कर सकता है.
तीसरा है, PLAN B Plant Based Vegan. जैसा नाम सुनकर लग रहा है, ये एक प्लांट-बेस्ड और वीगन ब्रांड है. और यही है दिक्कत. FSSAI का कहना है कि इस नाम से लोगों को लगेगा कि इसके प्रोडक्ट पूरी तरह वीगन हैं. जबकि कंपनी ने इसके लिए ज़रूरी मंज़ूरी नहीं ली है.
चौथा है, The Health Factory. ये एक इंडियन हेल्थ-फूड ब्रांड है. इसके Zero Maida Whole Wheat Bread और Zero Maida Pizza Base को लेकर नोटिस जारी किया गया है. FSSAI के मुताबिक, Zero Maida जैसा दावा लोगों को गुमराह कर सकता है. क्योंकि, इन प्रोडक्ट्स में गेहूं से जुड़ी दूसरी चीज़ें मौजूद हैं.
पांचवी कंपनी है Troovy. ये खासतौर पर स्नैक्स बनाती है. जैसे The Healthy Mix Veggie Chips, The Healthy Ragi Chips, The Healthy Moong Dal Chips. अब Troovy के इन सभी प्रोडक्ट्स में Healthy शब्द का इस्तेमाल किया गया है. जबकि इनमें दूसरी चीज़ें भी डाली गई हैं. इसलिए FSSAI को इनके प्रोडक्ट्स में Healthy शब्द पर आपत्ति है.
छठवीं कंपनी है Healthy Choice. इसका पोहा आता है. जिसपर लिखा होता है- Healthy Food for Healthy Life-Healthy Choice-Poha. ये ट्रेड नाम लोगों को गुमराह कर सकता है, और ऐसा करना FSSAI के नियमों का उल्लंघन है.
इसके अलावा, Emami Healthy & Tasty और Health Aid, इन Trade Names को भी FSSAI ने भ्रम फैलाने वाला बताया है.
अगले हैं- Organic Wisdom, Shine Organic, Two Brothers Organic Farms और World of Organic. ये चारों भी ब्रांड्स हैं. FSSAI का कहना है कि चारों के नाम में ऑर्गेनिक आता है. ये ट्रेड नेम लोगों को गुमराह कर सकता है, क्योंकि इन प्रोडक्ट्स के पास ज़रूरी ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन, FSSAI का जैविक भारत लोगो और दूसरी ज़रूरी मंज़ूरियां नहीं हैं. ऐसे में लोग नाम देखकर इन्हें पूरी तरह ऑर्गेनिक और सर्टिफाइड मान सकते हैं.
इसी तरह, Storia Juice Pomegranate पर भी नोटिस जारी किया गया है. FSSAI के मुताबिक, इस नाम और दावे से लोगों को ऐसा लग सकता है कि ये पूरी तरह अनार का जूस है, जबकि इसमें सिर्फ 4% अनार के जूस का कंसन्ट्रेट मौजूद है.
एक और ब्रांड है. Iota Water. इसकी मिनरल वॉटर की बोतलें आती हैं. FSSAI का कहना है कि पैकेटबंद पानी में मिनरल्स मिलाने का दावा भ्रम फैलाने वाला है. क्योंकि नियमों के मुताबिक, अगर प्रोसेसिंग के दौरान कुछ मिनरल्स पहले निकाल लिए गए थे, और बाद में वही वापस मिलाए गए हैं, तो कंपनी ये दावा नहीं कर सकती कि उसमें ‘extra minerals’ या ‘added nutrients’ हैं. सामान्य भरपाई को खास फायदा बताना भ्रामक है.
इन सभी को FSSAI ने नोटिस जारी कर दिया है. क्यों किया है, वो भी बता दिया है. पर अब हम आम लोग क्या करें? हम मार्केट में खाने-पीने की कोई चीज़ आखिर क्या देखकर खरीदें? कैसे समझें कि कोई प्रोडक्ट हमारे लिए सही है या नहीं? ये सवाल हमने पूछा सी.के. बिड़ला हॉस्पिटल, गुरुग्राम में इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के एसोसिएट डायरेक्टर, डॉक्टर तुषार तायल से.

डॉक्टर तुषार कहते हैं कि आप कोई भी प्रोडक्ट खरीदने से पहले उसकी इनग्रीडिएंट लिस्ट ज़रूर पढ़ें. असल में प्रोडक्ट में क्या-क्या मिला है, ये वहीं से पता चलता है. इनग्रीडिएंट लिस्ट आमतौर पर किसी प्रोडक्ट में पीछे या नीचे की तरफ होती है. अगर उसमें INS 211, पाम ऑयल, आर्टिफिशियल स्वीटनर, सुक्रालोज़, नेचर आइडेंटिकल फ्लेवर्स जैसे शब्द लिखे हैं, तो समझ जाइए कि प्रोडक्ट में कई तरह के प्रोसेस्ड या केमिकल बेस्ड इंग्रीडिएंट्स मिलाए गए हैं. जो सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं. कोशिश करें कि बहुत लंबी-चौड़ी इनग्रीडिएंट लिस्ट वाले प्रोडक्ट न खरीदें. आमतौर पर लिस्ट जितनी छोटी और सरल होती है, प्रोडक्ट आपके लिए उतना ही बेहतर माना जाता है.
एक सही और हेल्दी प्रोडक्ट में 5 से 6 इनग्रीडिएंट्स काफी होते हैं. बशर्ते वो सभी नेचुरल हों और आम लोगों की पहचान में आएं. अगर लिस्ट 10-15 तक चली जाए और उसमें ऐसे नाम हों जिन्हें आम व्यक्ति पढ़ नहीं पाए या समझ नहीं पाए, तो वो प्रोडक्ट ज़्यादा प्रोसेस्ड हो सकता है. इसलिए पैकेजिंग पर लिखे ‘हेल्दी’ या ‘नेचुरल’ शब्दों के बहकावे में न आएं. ज़्यादातर ये बस एक मार्केटिंग गिमिक होती है.
असली जानकारी तो Nutrition Facts और इनग्रीडिएंट्स सेक्शन में होती है. उस प्रोडक्ट में शुगर, सैचुरेटेड फैट, सोडियम और फाइबर का लेवल देखकर ही तय करें कि वो आपके लिए सही है या नहीं. अगर उसमें शुगर, सैचुरेटेड फैट और सोडियम बहुत ज़्यादा हो, तो वो प्रोडक्ट ‘हेल्दी’ टैग के बावजूद आपकी सेहत के लिए सही नहीं है.
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