थकान, डिहाइड्रेशन से लेकर और वर्कआउट तक में तुरंत एनर्जी देंगी ये चीज़ें
गर्मियों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से खुद को बचाने के लिए हाइड्रेट करने वाली चीज़ें लें. जैसे नारियल पानी, नींबू-पानी, शिकंजी, मट्ठा (छाछ) और आम पन्ना. ये चीज़ें थोड़ी-थोड़ी देर में लेने से आप हाइड्रेटेड रहेंगे.

कुछ लोग खाने के लिए जीते हैं. तो कुछ जीने के लिए खाते हैं. अब आप चाहे किसी भी कैटेगरी में हों. मेन बात ये है कि खाना ज़रूरी है. जो बीमार हैं. कमज़ोर हैं. वो एनर्जी के लिए खाते हैं. जो एक्सरसाइज़ करते हैं. वो खाना ताकत के लिए, मसल बिल्डिंग के लिए खाते हैं. जो स्टूडेंट हैं या ऑफिस जाते हैं. उन्हें नींद और थकान दूर करने के लिए खाना चाहिए. अभी चल रही हैं गर्मियां. तो इस मौसम में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए भी तो कुछ खाना पड़ेगा न. वो भी ऐसा चीज़ें, जो आपको तुरंत फ़ायदा पहुंचाए.
इसलिए हमने मेदांता हॉस्पिटल्स में न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स डिपार्टमेंट की चीफ डाइटिशियन संध्या पांडेय को 5 कंडीशंस दीं, और उनसे पूछा कि इन कंडीशंस में इंस्टेंट एनर्जी के लिए क्या चीज़ें खाएं-पिएं.

कमज़ोरी, थकान और चक्कर आने के कई कारण हो सकते हैं. जैसे हाइपोग्लाइसीमिया यानी ब्लड शुगर कम होना. डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी होना. इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम, पोटैशियम की कमी होना. ऐसे में कुछ ऐसा लेना चाहिए जो जल्दी असर करे यानी इंस्टेंट एनर्जी और इलेक्ट्रोलाइट्स दे सके.
आप नारियल पानी ले सकते हैं. ORS का घोल ले सकते हैं. खट्टा-मीठा नींबू पानी ले सकते हैं. मीठी छाछ या नमकीन लस्सी ले सकते हैं. इन्हें लेने के 15–20 मिनट के अंदर अपना अगला मील खा लें. इससे अगर शरीर में शुगर या खाने की कमी है, तो वो पूरी हो जाएगी और कमज़ोरी जल्दी ठीक होगी.

गर्मियों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए हाइड्रेट करने वाली चीज़ें लें. जैसे नारियल पानी, नींबू-पानी, शिकंजी, मट्ठा (छाछ) और आम पन्ना. ये चीज़ें थोड़ी-थोड़ी देर में लेने से आप हाइड्रेटेड रहेंगे. ध्यान रखें कि बाहर की रेडीमेड चीज़ें कम लें. खासकर बाहर के जूस या गन्ने का जूस पीने से बचें, क्योंकि इनसे इंफेक्शन का रिस्क होता है. कोशिश करें कि आप ये पीने वाली चीज़ें अपने साथ लेकर चलें.
आप खाने की कुछ चीज़ें भी साथ में रख सकते हैं. जैसे केला, भुना चना और नट्स ताकि आपको भूख न लगे. अपने साथ पानी और नींबू-पानी की बोतल भी ज़रूर रखें. इन्हें थोड़ी-थोड़ी देर में पीते रहें, ताकि डिहाइड्रेशन से बच सकें.

इस सवाल का जवाब आपके खाने से शुरू होता है कि आपने क्या खाया है. अगर आप भारी खाना खाते हैं, जिसमें बहुत तेल और कैलोरीज़ हैं. तब आपको पेट में भारीपन लगेगा. नींद आने लगेगी. काम में मन भी नहीं लगेगा. इसलिए आपका खाना बैलेंस्ड होना चाहिए. खाने में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और बाकी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में हों. आप रोटी, चावल, दाल, सब्ज़ी, दही और सलाद खाएं. इसमें रोटी और चावल थोड़ा कम लें.
अगर खाने के बाद भूख लगती है तो हेल्दी स्नैकिंग करें. चिप्स न खाएं, न ही जूस और कोल्ड ड्रिंक पिएं. इसकी जगह बादाम, अखरोट, भुना चना, स्प्राउट्स और छाछ लें. ऐसी चीज़ें पिएं, जिसमें बहुत ज़्यादा चीनी न हो.

बीमारी के बाद शरीर को ज़्यादा कैलोरीज़ और ज़्यादा प्रोटीन की ज़रूरत होती है. ऐसा इसलिए क्योंकि बीमारी के दौरान शरीर में मसल लॉस होता है. प्रोटीन के लिए दालें, दूध, दही, पनीर, सोयाबीन, अंडा और चिकन खा सकते हैं. वहीं कैलोरी ज़्यादा लेने का मतलब ये नहीं है कि आपको तली-भुनी चीज़ें खानी हैं या बहुत ज़्यादा खाना है. आप जो भी खा रहे हैं, वो पोषक तत्वों से भरपूर होना चाहिए. सिर्फ फल या फलों के जूस लेने से प्रोटीन की ज़रूरत पूरी नहीं होगी. आप इन्हें दो मील के बीच में ले सकते हैं, लेकिन इन्हें अपना मेन मील न बनाएं.
साथ ही, हाइड्रेशन का ध्यान रखें. इसके लिए नींबू-पानी, नारियल पानी पिएं. एक साथ ज़्यादा खाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा और बार-बार खाएं. हर 2–3 घंटे में छोटे मील लेना बेहतर रहेगा. ऐसा खाना खाएं जो आसानी से पच जाए. जैसे दाल चावल, खिचड़ी और पनीर.

वर्कआउट से पहले एनर्जी के लिए ज़रूरी है कि आप मसल्स में मौजूद ग्लाइकोजन स्टोर को तैयार रखें. यही ग्लाइकोजन आपको वर्कआउट के दौरान तुरंत एनर्जी देता है. इसके लिए आपको ऐसे फूड्स लेने चाहिए जो जल्दी ग्लूकोज़ दें. आप वर्कआउट से पहले केला या सेब खा सकते हैं. हल्का मीठा नींबू पानी ले सकते हैं. कैफीन वाली चीज़ें परफॉर्मेंस बेहतर करती हैं, इन्हें ले सकते हैं.
इससे भी बेहतर है कि आप वर्कआउट से एक-डेढ़ घंटे पहले प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का कॉम्बिनेशन लें. इसके लिए ओट्स स्मूदी, फ्रूट स्मूदी या खजूर डालकर दही ले सकते हैं. इन चीज़ों को लेने से वर्कआउट परफॉर्मेंस बेहतर होगा और आपको थकान भी नहीं होगी.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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