The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Health
  • does sitting for long hours increase the risk of heart attack

घंटों बैठे रहने से पेट की चर्बी ही नहीं, इस बीमारी का रिस्क भी कई गुना ज़्यादा

लगातार कुर्सी पर बैठकर काम करने से आप Employee Of The Year ज़रूर बन जाएं. लेकिन, साथ ही बन जाएंगे अपने दिल के सबसे बड़े दुश्मन.

Advertisement
does sitting for long hours increase the risk of heart attack
ऑफिस में कितनी देर तक अपनी कुर्सी से नहीं उठते आप?
13 जनवरी 2026 (अपडेटेड: 18 जनवरी 2026, 03:15 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

अगर आप ऑफिस में 8-9 घंटे जमकर काम करते हैं. अपनी कुर्सी से घंटों हिलते नहीं, तो आप एम्प्लॉई ऑफ़ द ईयर तो ज़रूर बन जाएंगे. साथ ही बन जाएंगे, अपने दिल के सबसे बड़े दुश्मन. लगातार घंटों बैठे रहने से हार्ट अटैक का रिस्क कई गुना बढ़ जाता है. सिर्फ़ दिल ही नहीं, शरीर के दूसरे कई अंगों को भी नुकसान पहुंचता है. इसलिए, अगर आप डेस्क जॉब करते हैं तो रोज़ 8-9 घंटे लगातार बैठने से सेहत को किस तरह का नुकसान पहुंचता है. क्या इससे दिल की बीमारियों जैसे हार्ट अटैक का ख़तरा बढ़ता है. और, ऑफिस में काम करने वाले लोग इस नुकसान से कैसे बच सकते हैं. 

घंटों बैठे रहने से सेहत को क्या नुकसान पहुंचता है?

ये हमें बताया डॉक्टर अमित हांडा ने.

Image embed
डॉ. अमित हांडा, कंसल्टेंट, कार्डियोलॉजी, कैलाश हॉस्पिटल एंड न्यूरो इंस्टीट्यूट, नोएडा

अगर कोई व्यक्ति आधा-एक घंटा टहलता है. फिर 8 से 9 घंटे एक कुर्सी पर बैठकर काम करता है. इससे शरीर में खून का फ्लो धीमा हो जाता है. खासकर पैर की मांसपेशियों में, जिन्हें पिंडलियां कहा जाता है. एक्टिविटी कम होने से वो कमज़ोर पड़ जाती हैं. पिंडलियों को सेकंड हार्ट यानी दूसरा दिल बोला जाता है. जो खून शरीर से दिल की तरफ जाता है, ये उसे संभालती हैं. अगर पिंडलियां ठीक से काम नहीं करेंगी, तो खून नीचे जमा होने लगेगा. इससे थक्के जम सकते हैं. घंटों बैठे रहने से दिल के अलावा भी सेहत को काफ़ी नुकसान पहुंचता है. जैसे 10% ब्रेस्ट कैंसर, 10% कोलन कैंसर, कमर दर्द और हड्डियों की दिक्कतें भी देर तक बैठे रहने से जुड़ी हैं.

क्या लगातार बैठे रहने से हार्ट अटैक का ख़तरा बढ़ता है?

लगातार बैठे रहने से हार्ट अटैक का ख़तरा बढ़ जाता है. ऐसा कई स्टडीज़ से पता चला है. टोटल सिटिंग टाइम में 2-3 चीज़ें देखी जाती हैं. जैसे अगर कोई काम करने के लिए नोएडा से गुरुग्राम तक जाता है. सफर के दौरान 2 से 3 घंटे बैठा रहता है. फिर 8 से 9 घंटे ऑफिस में बैठता है. खाली समय में 1-2 घंटा बैठकर व्यक्ति फोन भी चलाता है. ये सब जोड़कर व्यक्ति 12 से 14 घंटे बैठा रहता है. इससे शरीर में खून का फ्लो धीमा होता है. मेटाबॉलिक एक्टिविटी कम हो जाती है. इसे साइलेंट किलर की तरह देखा जाता है. माना जाता है कि शरीर सेविंग मोड में चला जाता है. इससे ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है. इंसुलिन सेंसेटिविटी बढ़ जाती है. कोलेस्ट्रॉल पर बुरा असर पड़ता है. ये सारे फैक्टर हार्ट अटैक के साथ-साथ स्ट्रोक का रिस्क भी बढ़ाते हैं.

Image embed
कुर्सी पर घंटों जमे रहना दिल के लिए अच्छा नहीं है (फोटो: freepik)
ऑफिस में काम करने वालों के लिए टिप्स

हर 30-40 मिनट बाद कुर्सी से उठकर 2 मिनट टहलें. ये खून का फ्लो सुधारने में मदद करता है. लंच करने के बाद 10 मिनट ज़रूर टहलें. लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें.

अपने पास हमेशा पानी की बोतल रखें. खुद को हाइड्रेटेड रखें. लंबी मीटिंग्स में पता ही नहीं चलता कि आप कितना कम पानी पी रहे हैं. इससे थक्के जमने की प्रक्रिया बढ़ जाती है. इसलिए, हाइड्रेशन बहुत ज़रूरी है.

जब भी कोई फोन आए, तो टहल-टहलकर बात करें. लंबे समय तक कुर्सी पर बैठने से बचें. अपना टोटल सिटिंग टाइम कम करें. खूब चलें. इससे हार्ट अटैक का रिस्क कम होता है

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

वीडियो: सेहत: Gen Z किडनी स्टोन का रिस्क ऐसे घटाएं?

Advertisement

Advertisement

()