The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Health
  • cricketer tilak varma undergoes testicular torsion surgery

क्रिकेटर तिलक वर्मा को अंडकोष से जुड़ी क्या दिक्कत हुई जो तुरंत सर्जरी करानी पड़ी?

तिलक विजय हज़ारे ट्रॉफी के लिए राजकोट में थे. वहां 7 जनवरी को उन्हें अचानक टेस्टिकल में बहुत तेज़ दर्द हुआ. टेस्टिकल यानी अंडकोष. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. वहां कुछ स्कैन हुए. पता चला उन्हें टेस्टिकुलर टॉर्शन हो गया है. डॉक्टर्स ने उन्हें तुरंत सर्जरी की सलाह दी. 7 जनवरी को ही उनकी सर्जरी हुई.

Advertisement
cricketer tilak varma undergoes testicular torsion surgery
इंडियन क्रिकेटर तिलक वर्मा ने 7 जनवरी को टेस्टिकुलर टॉर्शन सर्जरी कराई
12 जनवरी 2026 (Published: 04:15 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

इंडियन क्रिकेटर तिलक वर्मा की टेस्टिकुलर टॉर्शन सर्जरी हुई है. ये सर्जरी पूरी तरह सफल रही. अब वो रिकवर कर रहे हैं. 3 से 4 हफ्तों में तिलक काफी हद तक ठीक भी हो जाएंगे. अपनी सेहत के बारे में तिलक ने इन्स्टाग्राम पर स्टोरी भी पोस्ट की. 

तिलक विजय हज़ारे ट्रॉफी के लिए राजकोट में थे. वहां 7 जनवरी को उन्हें अचानक टेस्टिकल में बहुत तेज़ दर्द हुआ. टेस्टिकल यानी अंडकोष. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. वहां कुछ स्कैन हुए. पता चला उन्हें टेस्टिकुलर टॉर्शन हो गया है. डॉक्टर्स ने उन्हें तुरंत सर्जरी की सलाह दी. 7 जनवरी को ही उनकी सर्जरी हुई.

testicular torsion
तिलक ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपडेट दिया कि वो ठीक हो रहे हैं

23 साल के तिलक की हालत में अब सुधार है. हालांकि फैंस परेशान हैं कि कहीं वो इस चक्कर में टी20 वर्ल्ड कप न मिस कर दें.

लेकिन ये टेस्टिकुलर टॉर्शन है क्या, जिसके चलते तिलक को तुरंत सर्जरी करवानी पड़ी? टेस्टिकुलर टॉर्शन के बारे में हमने जाना सी.के. बिड़ला हॉस्पिटल, दिल्ली में यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर, डॉक्टर समीर खन्ना से.

dr sameer khanna
डॉ. समीर खन्ना, डायरेक्टर, यूरोलॉजी, सी.के. बिड़ला हॉस्पिटल, दिल्ली

डॉक्टर समीर बताते हैं कि टेस्टिकुलर टॉर्शन यानी अंडकोष का मुढ़ जाना. ये एक मेडिकल इमरजेंसी है. जब अंडकोष अपनी नसों के साथ मुड़ जाता है. तो इससे अंडकोष में जाने वाला खून रुक जाता है. अगर तुरंत इलाज न हो, तो अंडकोष डेड हो जाते हैं.

वैसे तो टेस्टिकुलर टॉर्शन किसी भी उम्र में हो सकता है. लेकिन 12 से 18 साल की उम्र में ऐसा होना ज़्यादा आम है.

टेस्टिकुलर टॉर्शन के कारण

टेस्टिकुलर टॉर्शन कई वजहों से हो सकता है. जैसे अंडकोष का अपनी जगह पर ठीक से टिका न होना. ये दिक्कत जन्म से ही हो सकती है. इसके अलावा, अचानक कोई तेज़ हरकत करना. खेलते समय झटका लगना. अंडकोष पर कोई चोट लगना. यहां तक कि नींद में करवट लेने से भी अंडकोष मुड़ सकता है.

testicular torsion
टेस्टिकुलर टॉर्शन होने पर अंडकोष में बहुत तेज़ दर्द होता है (फोटो: Freepik)
टेस्टिकुलर टॉर्शन के लक्षण

अंडकोष के मुड़ने पर उसमें तेज़ दर्द होता है. सूजन आ जाती है. उबकाई या उल्टी आती है. पेट के निचले हिस्से में दर्द होता है. अंडकोष ऊपर की तरफ खिंचा हुआ भी लग सकता है.

टेस्टिकुलर टॉर्शन पता करने के लिए टेस्ट

इसके लक्षण अंडकोष के इंफेक्शन यानी एपिडिडिमो-ऑर्काइटिस से मिलते-जुलते होते हैं. इसलिए डॉक्टर पहले मरीज़ की क्लीनिकल जांच करते हैं, यानी दर्द कितना है, कहां है, ये सब पता करके अंदाज़ा लगाते हैं. फिर अल्ट्रासाउंड करके कंफर्म करते हैं कि असल में दिक्कत क्या है. क्या अंडकोष में इंफेक्शन हो गया है. या फिर वो मुड़ गए हैं.

अल्ट्रासाउंड से पता चलता है कि अंडकोष घूमे हैं या नहीं. ये भी देखा जाता है कि अंडकोष में खून की सप्लाई हो रही है या नहीं. अगर अंडकोष घूम गए हैं और उनमें खून की सप्लाई बंद हो रही है, तो तुरंत ऑपरेशन ज़रूरी है. सर्जरी करके अंडकोष को सुलझा दिया जाता है. उनमें खून की सप्लाई भी वापस लाई जाती है. 

testicular torsion
अगर 4 से 6 घंटे के अंदर सर्जरी हो जाए, तो अंडकोष डेड होने से बच सकते हैं (फोटो: Freepik)
टेस्टिकुलर टॉर्शन की तुरंत सर्जरी क्यों ज़रूरी?

अगर 4 से 6 घंटे के अंदर सर्जरी हो जाए. तो अंडकोष बच सकते हैं. वर्ना ज़िंदगीभर की दिक्कत हो सकती है.

कई बार लोग ऑपरेशन कराने के लिए मना कर देते हैं. वो इसे दवाइयों से ठीक करने की कोशिश करते हैं. ये न करें. अगर अंडकोष डेड हो गए, तो उनमें स्पर्म नहीं बनेंगे. जिससे फर्टिलिटी पर असर पड़ेगा. इसलिए तुरंत सर्जरी कराना बहुत ज़रूरी है.  

टेस्टिकुलर टॉर्शन की दिक्कत दोनों अंडकोष में हो भी सकती है. इसलिए जब अंडकोष में सर्जरी की जाती है. तो नॉर्मल दिखने वाले दूसरे अंडकोष में भी सर्जरी की जाती है. ताकि आगे चलकर कभी टेस्टिकुलर टॉर्शन दोबारा न हो.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

वीडियो: सेहत: डायबिटीज़ वाले कौन-सी मिठाइयां खा सकते हैं?

Advertisement

Advertisement

()