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बच्चों में मौत का 10वां सबसे बड़ा कारण 'कैंसर', चाइल्डहुड कैंसर के संकेत कैसे पहचानें?

अगर दुनिया की बात करें, तो स्थिति और भी गंभीर है. ग्लोबली, कैंसर बच्चों में मौत का ‘आठवां’ सबसे बड़ा कारण है. इसने खसरा, टीबी, HIV और एड्स को भी पीछे छोड़ दिया गया है

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15 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 15 अप्रैल 2026, 03:41 PM IST)
cancer is the 10th leading cause of child deaths in india know causes symptoms prevention & treatment
बच्चों में कैंसर के मामले तेज़ी से बढ़े हैं
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‘कैंसर. ये देश में बच्चों की मौत का ‘दसवां’ सबसे बड़ा कारण है.’ ये सामने आया है, द लैंसेट जर्नल में छपी ग्लोबल बर्डन ऑफ डिज़ीज़ 2023 स्टडी से. अंदाज़ा है कि भारत में कैंसर से लगभग 17,000 बच्चों की मौत साल 2023 में हुई थी. अगर दुनिया की बात करें, तो स्थिति और भी गंभीर है. ग्लोबली, कैंसर बच्चों में मौत का ‘आठवां’ सबसे बड़ा कारण है. इसने खसरा, टीबी, HIV और एड्स को भी पीछे छोड़ दिया है. स्टडी के मुताबिक, 2023 में दुनियाभर में चाइल्डहुड कैंसर के लगभग 3,77,000 नए मामले सामने आए थे. वहीं करीब 1,44,000 मौतें भी हुई थीं. इसके अलावा, World Health Organization यानी WHO ने भी एक अनुमान लगाया है. इनके मुताबिक, हर साल चार लाख बच्चों और किशोरों को कैंसर होता है.

इनमें से ज़्यादातर बच्चों को बचाया जा सकता है. बशर्ते बच्चों में कैंसर के लक्षण पहचानकर जल्द से जल्द इलाज हो. पर बच्चों में कैंसर के मामले इतने बढ़ क्यों रहे हैं? ये जानेंगे आज. डॉक्टर से समझेंगे कि बच्चों में कैंसर क्यों हो जाता है. उनमें कौन-से कैंसर सबसे आम हैं. बच्चों में कैंसर होने पर क्या लक्षण दिखाई देते हैं. उनमें कैंसर का इलाज कैसे होता है. और क्या इलाज के बाद बच्चे नॉर्मल ज़िंदगी जी सकते हैं.

बच्चों में कैंसर क्यों हो जाता है?

ये हमें बताया डॉक्टर गौहर अहमद शिगन ने. 

dr gowhar ahmad shigan
डॉ. गौहर अहमद शिगन, सीनियर कंसल्टेंट, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, पारस हेल्थ, गुरुग्राम

बच्चों में कैंसर होने का मुख्य कारण जीन्स में बदलाव है. कई बार ये बदलाव जन्म से ही होते हैं और माता-पिता से बच्चों में आ सकते हैं. कुछ मामलों में DNA को ठीक करने वाली प्रक्रिया सही से काम नहीं करती. प्रेग्नेंसी के दौरान इंफेक्शन या रेडिएशन एक्सपोज़र भी कारण बन सकता है. ये सभी बच्चों में कैंसर का रिस्क बढ़ा सकते हैं. बड़ों की तुलना में बच्चों में एनवायरमेंटल फैक्टर्स का असर बहुत कम देखा जाता है.

बच्चों में सबसे आम कैंसर

- बच्चों में सबसे आम ब्लड कैंसर है

- ब्रेन ट्यूमर भी काफी आम हैं

- लिम्फ नोड्स से जुड़ा कैंसर यानी लिम्फोमा भी बच्चों में देखा जाता है

- इसके अलावा, कुछ सॉलिड ट्यूमर्स (गांठ वाले कैंसर) भी हो सकते हैं

childhood cancer
बच्चों में कैंसर के संकेत कई बार बड़ों जैसे ही होते हैं
बच्चों में कैंसर के लक्षण

- बच्चों में कैंसर के संकेत कई बार बड़ों जैसे ही होते हैं

- जैसे बार-बार बुखार आना

- लगातार पेट दर्द होना

- गर्दन या बगल में गांठ महसूस होना  

- शरीर पर नीले धब्बे दिखना

- मसूड़ों में सूजन आना

- बार-बार सिरदर्द होना

- आंखों की रोशनी में बदलाव होना

- ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए

- ज़रूरी नहीं कि ये कैंसर ही हो, लेकिन जांच कराना बहुत ज़रूरी है

cancer treatment
कैंसर का इलाज कई तरीकों को मिलाकर किया जाता है
बच्चों में कैंसर का इलाज

बच्चों में सबसे आम कैंसर ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) होता है, जिसका मुख्य इलाज कीमोथेरेपी है. ब्रेन ट्यूमर के मामलों में सर्जरी की जाती है. इसके बाद रेडियोथेरेपी दी सकती है. कुछ मामलों में सिर्फ रेडियोथेरेपी से इलाज होता है. वहीं, लिम्फोमा में कीमोथेरेपी का अहम रोल है. कैंसर का इलाज कई तरीकों को मिलाकर किया जाता है. इसमें कीमोथेरेपी, सर्जरी और रेडियोथेरेपी, सब की जा सकती हैं. 

सही और पूरा इलाज मिलने पर बच्चे सामान्य ज़िंदगी गुज़ार सकते हैं. वो स्कूल जा सकते हैं और खेल-कूद कर सकते हैं. हमारे देश में कई बच्चे देर से यानी लास्ट स्टेज में इलाज के लिए पहुंचते हैं. कभी-कभी तो इलाज बीच में ही छोड़ दिया जाता है. जो बच्चे पूरा इलाज कर लेते हैं, उनमें ठीक होने की संभावना 70–80% तक देखी गई है. बच्चों में कैंसर पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. लेकिन इसके लिए ज़रूरी है कि लक्षणों को पहचानकर जल्दी से जल्दी ट्रीटमेंट शुरू करना.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

वीडियो: सेहत: गट हेल्थ सुधारने के लिए क्या खाएं?

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