पेशाब में खून आता है लेकिन दर्द नहीं होता, कैंसर भी हो सकता है
अगर पेशाब में खून आता है, तो ये समझना ज़रूरी है कि खून के साथ दर्द है या नहीं. ज़्यादातर मरीज बताते हैं कि पेशाब करते समय खून आता है, साथ में दर्द या जलन भी होती है. ऐसे मामलों में सबसे आम कारण पेशाब का इंफेक्शन या पथरी होता है.
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दिल्ली में एक व्यक्ति हैं, 48 साल के. पिछले दो सालों से उन्हें पेशाब में खून आ रहा था. लेकिन उन्होंने इसे बिल्कुल सीरियसली नहीं लिया. क्योंकि पेशाब में खून आने के अलावा, न तो उन्हें दर्द हो रहा था. न बुखार आ रहा था. न ही वज़न कम हो रहा था. वो हर बार दवाई लेते और ठीक हो जाते.
लेकिन 2025 के आखिर में उन्हें फिर खून आना शुरू हुआ. साथ में एक दिक्कत और हुई. उन्हें पेशाब आने का एहसास तो होता, लेकिन पेशाब ठीक से नहीं आता. न ही ब्लैडर पूरी तरह खाली होता. इस बार जब उन्हें टेंशन हुई तो डॉक्टर को दिखाया. पता चला उनकी दाईं किडनी में बड़ा-सा ट्यूमर हो गया है. ये कैंसर का ट्यूमर था. जब तक वो AIIMS पहुंचे, तब तक कैंसर कई और हिस्सों में फैल गया था. अभी कुछ ही हफ्तों पहले उनकी सर्जरी हुई है. अब वो धीरे-धीरे रिकवर कर रहे हैं.
पेशाब में खून आने को मेडिकल भाषा में हेमाट्यूरिया कहा जाता है. ये दिक्कत कई लोगों को होती है. पर ज़्यादातर लोग इसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं. और ये एक बड़ी गलती है. पेशाब में खून कई वजहों से आ सकता है. कौन-सी हैं ये वजहें, डॉक्टर से समझेंगे. साथ ही जानेंगे, किन लक्षणों पर ध्यान देना ज़रूरी है. कौन-से टेस्ट करवाने चाहिए. पेशाब में खून आने से बचने के लिए लाइफस्टाइल और खानपान में क्या बदलाव करें. और पेशाब में खून आने का इलाज क्या है.
पेशाब में खून आने के कारण और लक्षणये हमें बताए डॉक्टर अभिनव जैन ने.
अगर पेशाब में खून आता है, तो ये समझना ज़रूरी है कि खून के साथ दर्द है या नहीं. ज़्यादातर मरीज बताते हैं कि पेशाब करते समय खून आता है, साथ में दर्द या जलन भी होती है. ऐसे मामलों में सबसे आम कारण पेशाब का इंफेक्शन (UTI) या पथरी होता है. अगर बिना दर्द के खून आता है, तो ये किसी कैंसर का इशारा हो सकता है.
पेशाब में खून आने को उम्र के हिसाब से भी समझ सकते हैं. कम उम्र में खून आने का कारण अक्सर किडनी या यूरेटर में पथरी होना है. मिडिल एज और सेक्सुअली एक्टिव लोगों में इसका कारण ज़्यादातर पेशाब का इंफेक्शन होता है. अगर व्यक्ति बुज़ुर्ग है और साथ में सिगरेट या तंबाकू लेता है, तो कारण कैंसर हो सकता है. इसमें किडनी का कैंसर, यूरिनरी ब्लैडर का कैंसर और प्रोस्टेट का कैंसर शामिल हैं.
इसे एक और तरीके से समझा जा सकता है. कुछ कारण ऐसे होते हैं जिनका इलाज सर्जरी से होता है. जैसे पथरी, इंफेक्शंस और कैंसर. कुछ कारण किडनी की अंदरूनी समस्या से जुड़े होते हैं. जैसे ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस (किडनी की सूजन) और रेयर मामलों में कोगुलोपैथी (खून जमना). इनकी वजह से भी पेशाब में खून आ सकता है.
एक अहम बात है, जिस पर बहुत लोग ध्यान नहीं देते. अगर आप ब्लड थिनर्स यानी खून पतला करने वाली दवाएं ले रहे हैं. खासकर जो दिल के मरीज़ हैं, जिनमें स्टेंट डाला गया है. वो खून पतला करने वाली दवाएं खाते हैं. इन दवाइयों की वजह से भी पेशाब में खून आ सकता है.
पेशाब में खून आने की वजह जानने के लिए सबसे पहले सिंपल यूरिन टेस्ट किया जाता है. इससे पता चलता है कि कहीं पेशाब का इंफेक्शन (UTI) तो नहीं है. इसके बाद एक टेस्ट होता है Ultrasound KUB (किडनी, यूरेटर, ब्लैडर). इसमें देखा जाता है कि किडनी में कोई गांठ या पथरी तो नहीं है. फिर किडनी से नीचे आने वाली नली यानी यूरेटर को चेक किया जाता है कि उसमें कोई स्टोन तो नहीं है. फिर यूरिनरी ब्लैडर (पेशाब की थैली) को देखा जाता है कि उसमें कोई स्टोन या कैंसर की गांठ तो नहीं है. आखिर में प्रोस्टेट ग्रंथि का साइज़ चेक किया जाता है, क्योंकि कई बार ब्लीडिंग की वजह ये भी हो सकती है.
पेशाब में खून से बचने के लिए लाइफस्टाइल में क्या बदलाव करें?सबसे ज़रूरी है कि स्मोकिंग और तंबाकू से दूर रहें. तंबाकू चाहे किसी भी रूप में हो. ये गलतफहमी है कि सिर्फ स्मोकिंग ही नुकसानदेह है. पान मसाला, खैनी और जर्दा भी उतने ही हानिकारक होते हैं, जितने बीड़ी-सिगरेट. इसलिए तंबाकू को किसी भी रूप में न लें. आप हेल्दी खाना खाएं. एक्टिव लाइफस्टाइल रखें.
पेशाब में खून का इलाजबहुत लोग पेशाब में खून आने को नज़रअंदाज़ कर देते हैं. इससे समस्या धीरे-धीरे गंभीर हो सकती है. अगर किडनी का कैंसर समय पर पकड़ में आ जाए, तो उसका इलाज आसान होता है. लेकिन अगर ये बढ़ता जाता है, तो किडनी का कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल सकता है. ऐसी स्थिति में इलाज मुश्किल हो जाता है. इसी तरह किडनी या यूरेटर में पथरी होना एक आम समस्या है. अगर इसे समय पर पहचानकर इलाज कर लिया जाए, तो पथरी निकालकर ब्लीडिंग ठीक की जा सकती है.
कई बार किडनी में पथरी बिना दर्द के भी होती है और धीरे-धीरे बढ़ती रहती है. कई मरीज़ तब आते हैं जब पथरी बहुत बड़ी, जैसे 3 सेंटीमीटर की हो चुकी होती है. फिर जांच में पता चलता है कि किडनी ख़राब हो गई है. इसलिए पेशाब में खून आने को बिल्कुल नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए. अगर आपको कभी भी कमर के निचले हिस्से या साइड में दर्द हो. जी मिचलाए या उल्टी आए. बुखार हो या पेशाब में जलन हो, तो ये पथरी के लक्षण हो सकते हैं. ऐसे में तुरंत डॉक्टर से मिलकर जांच कराना ज़रूरी है.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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