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जैसलमेर में 9 साल के बच्चे के पूरे शरीर में बन रही हड्डियां, ये बीमारी है वजह

इस रेयर कंडीशन का नाम FOP है. FOP यानी फाइब्रोडिस्प्लासिया ओसिफिकन्स प्रोग्रेसिवा. इसे बोलचाल की भाषा में स्टोन मैन सिंड्रोम भी कहते हैं. ये राजस्थान का पहला केस है.

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9-year-old boy in Rajasthan is reportedly developing Fibrodysplasia Ossificans Progressiva
FOP में शरीर गलत जगहों पर भी हड्डियां बनाना शुरू कर देता है
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अदिति अग्निहोत्री
16 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 03:52 PM IST)
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राजस्थान के जैसलमेर में 9 साल का बच्चा पत्थर-सा बनता जा रहा है. ऐसा एक रेयर कंडीशन की वजह से हो रहा है. इस कंडीशन का नाम है FOP. यानी फाइब्रोडिस्प्लासिया ओसिफिकन्स प्रोग्रेसिवा. इसे बोलचाल की भाषा में स्टोन मैन सिंड्रोम भी कहते हैं. ये राजस्थान का पहला केस है. इसमें शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे हड्डियों में बदलने लगती हैं. इससे शरीर समय के साथ शरीर जकड़ने लगता है. और मरीज का हिलना-डुलना मुश्किल हो जाता है.

पर ये रेयर जेनेटिक कंडीशन होती क्यों है? इसके लक्षण क्या हैं? और क्या इसका कोई इलाज है? ये हमने पूछा नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर में ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट डिपार्टमेंट के सीनियर कंसल्टेंट, डॉक्टर हेमेंद्र कुमार अग्रवाल से.

dr hemendra kumar agrawal
डॉ. हेमेंद्र कुमार अग्रवाल, सीनियर कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट डिपार्टमेंट, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर

डॉक्टर हेमेंद्र कहते हैं कि फाइब्रोडिस्प्लासिया ओसिफिकन्स प्रोग्रेसिवा यानी FOP एक जेनेटिक कंडीशन है. ये बहुत ही रेयर और गंभीर बीमारी है. इसमें शरीर की मांसपेशियां, लिगामेंट और टेंडन धीरे-धीरे हड्डी जैसे टिशू में बदलने लगते हैं. इससे शरीर का मूवमेंट बहुत सीमित हो जाता है. ये बीमारी शरीर के एक खास जीन में बदलाव की वजह से होती है. इस जीन का नाम है- ACVR1. जब इस जीन में म्यूटेशन होता है, तब शरीर गलत जगहों पर भी हड्डियां बनाना शुरू कर देता है. इससे शरीर के अलग-अलग हिस्से सख्त होने लगते हैं. और मरीज़ को रोज़ के काम करने में दिक्कत आने लगती है.

FOP
 पैरों के अंगूठे की बनावट सामान्य से अलग होना, FOP का एक लक्षण है 

कई मामलों में इस बीमारी के संकेत जन्म के समय ही दिखने लगते हैं. जैसे पैरों के अंगूठे की बनावट सामान्य से अलग होना. फिर जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है. शरीर के अलग-अलग हिस्सों में सूजन आने लगती है. दर्दनाक गांठें भी बनने लगती हैं. बाद में ये हिस्से धीरे-धीरे हड्डी में बदल सकते हैं. जिससे शरीर की मूवमेंट कम होने लगती है.

अगर इलाज की बात करें. तो इस कंडीशन का अभी तक कोई परमानेंट इलाज नहीं है. डॉक्टर सूजन और दर्द कम करने वाली दवाएं देते हैं. ताकि लक्षणों को कंट्रोल किया जा सके. इसके अलावा, FOP के मरीज़ों को कुछ खास सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है.जैसे सर्जरी, बायोप्सी या मांसपेशियों में इंजेक्शन से बचना. क्योंकि इससे शरीर में नई हड्डी बनने की प्रक्रिया बढ़ सकती हैं.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

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